ABOUT CLASSES

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा में आपका हार्दिक स्वागत है।। About Classes.

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा वैदिक ऋषियों के द्वारा निर्मित, वैदिक सनातन धर्म के सभी सूत्रों को, सही अर्थों में जन-जन को, समझाने के प्रयत्न में, स्वामी धनञ्जय महाराज (भागवत प्रवक्ता) सिलवासा के द्वारा निर्मित एक संस्था है ।।

यहाँ वैदिक ज्योतिष, वैदिक कर्मकांड, वैदिक वास्तु सिद्धान्त एवं सनातन धर्म के सभी पहलूओं पर विस्तृत पढाई करवाया जाता है । खेद इस बात का है, कि यहाँ बाहर से आये हुए बच्चों के रहने की व्यवस्था न होने के वजह से बाहरी बच्चों को अपने यहाँ रखकर शिक्षा न देने को बाध्य हैं ।।

हमारा प्रयास वैदिक सनातन धर्म को जन-जन को सही अर्थों में समझाना है । किसी की भावना को ठेस पहुँचाना नहीं है । वैदिक सनातन सूत्रों में अगर आपको कहीं कोई खोट नजर आता है, तो आप हमसे सम्पर्क करें, हम आपके संदेह कि निवृत्ति, पूर्ण प्रयत्न पूर्वक करने का प्रयास करेंगें ।।

हमारे पूर्वज ऋषियों द्वारा व्यवस्थित हमारी सामाजिक एकता तथा वैदिक संस्कृति को न समझने के कारण, हमारी मानव सभ्यता के पहले ही कई खंड हो चुके हैं । आज भी कुछ विकृत मानसिकता के लोग रूपया और सोहरत कमाने के लिए, पूरी ताकत लगाकर, हमारी इस बची हुई सनातन संस्कृति कि एकता को तोडने के लिए प्रयत्नरत हैं ।।

प्रतिदिन नई-नई विचारधाराओं का जन्म होता है, और सभी अपने आप को ब्रह्मज्ञानी प्रमाणित करके आपको आकर्षित करना चाहते हैं, जो केवल अपने उदर पोषण के लिए है, सच्चाई लेश मात्र भी नहीं है, चाहे वो कोई भी संस्था क्यों न हो ।।

अगर कोई भी संस्था, वैदिक सनातन व्यवस्था से हटकर, आपको आत्मा-परमात्मा, ज्ञान-मुक्ति अथवा जन कल्याण कि बात करता है, तो आप इन्हें मदारी के अलावा और कुछ समझने कि भूल कदापि न करें, क्योंकि ये लोग मदारी के अलावा और कुछ नहीं हैं । और अगर हैं, तो हम इनको पाखंडी प्रमाणित करने को तैयार हैं, अथवा ये अगर सत्य हैं, तो हमारी चुनौती को स्वीकार करें और अपने-आप को प्रमाणित करें । अन्यथा शास्त्रों कि आध्यात्मिक बातों का नाजायज फायदा उठाकर लोगों को ठगना बंद करें ।।

वैदिक सनातन धर्म, जो विश्व कल्याण के लिए ही सदैव कार्य करता है, जिसके समस्त सूत्र ही विश्व कल्याणार्थ हैं, उन ब्राह्मणों को पाखंडी कह कर अपने आप को बहुत बड़ा योगी प्रमाणित करने वाले स्वयं पाखण्डी होते हैं ।।

आज भी हमारे वैदिक सनातन धर्म में विद्वानों कि कमी नहीं है, हम उन्हें बतायेंगें कि धर्म किसे कहा जाता है, और सच्चे मायने में धर्म का अर्थ क्या होता है ।।

आप अगर जिज्ञासु हैं, तो हमारे साथ जुडिये, हम आपकी जिज्ञासा शांत करेंगें । आप अगर विद्वान हैं, तो हमारे सहयोग के लिए हमारे साथ जुडिये । अगर आपको धर्म के किसी भी पहलू पर कोई शंका है, अथवा आप विस्तृत रूप से समझना चाहते हैं, तो आप हमारे साथ जुडिये, शंका समाधान किया जायेगा । अथवा आप अपने शहर में शंका समाधान प्रवचन सभा का आयोजन करवा सकते हैं, स्वामी जी आयेंगें और आप किसी भी तरह का प्रश्न पूछ सकते हैं ।।

आप सभी से निवेदन है, कि सर्वप्रथम आप अपने धर्म (मानव धर्म अथवा वैदिक संस्कृति) को समझिए, फिर हमें सहयोग कीजिये । आपका सहयोग अपेक्षित है, विधर्मियों से समस्त मानव समुदाय को बचाने हेतु, क्योंकि सृष्टि है, तो मानव समुदाय है, और वैदिक संस्कृति है, तो सृष्टि है, अत: इस सृष्टि इस संसार अथवा सम्पूर्ण मानव समुदाय को बचाने हेतु, आपका सहयोग आवश्यक है ।।

आवेदक एवं सञ्चालक बालाजी वेद विद्यालय, सिलवासा ।।

प्रधान सञ्चालक ::
भागवत प्रवक्ता – स्वामी श्री धनञ्जय जी महाराज ।।