वास्तु: व्यापार के लिये विशेष दिशा?

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Golden Time in Your LIfe
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वास्तुशास्त्र के अनुसार आपके व्यापार या व्यवसाय की विशेष दिशा कौन सी है ? Golden Time in Your LIfe.

हैल्लो फ्रेंड्सzzz.

मित्रों, हर एक व्यक्ति ये चाहता है, कि वो जो भी कार्य करे, उसे सफलता अवश्य मिले । पर क्या ये संभव है ? ये सवाल बहुत ही बड़ा है । कुछ लोग जाने-अनजाने अगर सही दिशा में बैठ गए तो सफल हो जाते हैं, जिसे वो अपनी काबिलियत कहते हैं । पर ये वास्तव में उनकी काबिलियत नहीं होती, अपितु अनजाने से ही हो चुकी सही दिशा का चुनाव उनके सफलता का राज होता है ।।

वास्तुशास्त्र के अनुसार आपके द्वारा किये जाने वाले हर एक तरह के व्यापार या व्यवसाय की विशेष दिशा होती है, जो आपके सफलता को अवश्यम्भावी कर देती है । लेकिन वो कौन सी दिशा है, जो आपके व्यवसाय के लिए बेहतरीन एवं सटीक है तथा आपको सफलता के सोपान तक पहुँचा सकती है ? जो कोण आपके लिए विशेष होता है, उस विशेष कोने के सकारात्मक या नकारात्मक उर्जा से ही आपके व्यापार में उतर या चढ़ाव आते रहता है ।।

इसलिए हर एक व्यापारियों या नौकरी करने वालों को भी अपनी दिशा की पहचान कर लेनी चाहिए । क्योंकि ये दिशा आपके जीवन में क्रीम पीरियड्स लाने में सम्पूर्ण रूप से आपकी सहायक सिद्ध हो सकती है और होती ही है ।।

तो चलिए आपलोगों को बता ही दूँ, बिना किसी इंतजार के – अगर आप कोयले से सम्बन्धित व्यापार करते हैं, अथवा करना चाहते हैं, तो आपको शनिदेव का पूजन करना चाहिए । क्योंकि कोयले के उपर शनिदेव का आधिपत्य होता है । शनिदेव पश्चिम दिशा के स्वामी ग्रह हैं । इसलिए कोयले के व्यापारी, माइनिंग इंजिनियर अथवा कोल माइंस में काम करने वालों को पश्चिम दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए ।

एक और इस बात का विशेष ध्यान रखें, कि मकर और कुम्भ लग्न वालों के लिए शनि देव लग्नेश होते हैं । इसलिए मकर और कुम्भ लग्न वालों को पश्चिम दिशा में कोई शौचालय या कबाड़ खाना नहीं बनाना चाहिए । वृष और तुला लग्न वालों के लिए शनि देव परम योगकारी ग्रह होते हैं, इसलिए वृष और तुला लग्न वालों को भी पश्चिम दिशा में कोई शौचालय या कबाड़ खाना नहीं बनाना चाहिए ।।

कोयले के व्यापारी अथवा इससे सम्बंधित कार्यरत व्यक्तियों को पश्चिम दिशा में सेप्टिक टेंक नहीं बनाना चाहिए । कोयले के व्यापारी को पश्चिम दिशा में जमीन के अंदर पानी की टंकी नही बनाना चाहिए । इन्हें पश्चिम दिशा में किचन भी नही बनाना चाहिए ।।

इसी प्रकार सभी ग्रहों के अनुसार सभी की दिशाएं निर्धारित हैं, तथा सभी के अपने-अपने क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं । तो सभी के लिए इस प्रकार भली-भाँती विचार करके ही अपने कार्यक्षेत्र का चुनाव तथा उसकी दिशा का विशेष ध्यान रखें एवं उस दिशा को सकारात्मक उर्जा प्रवाहित करने लायक बनायें ताकि आपका जीवन उन्नतिशील बन सके ।।

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।।। नारायण नारायण ।।।

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