IAS एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारी बनने के ग्रह योग ।। 

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आई.ए.एस एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारी बनने के ग्रह योग ।। IAS And Administrative Officer Yoga.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों, जब तक किसी जातक की जन्मपत्री में ग्रहों के योग उच्च प्रशासनिक अधिकारी बनाने वाले न हों, तब तक जातक अथक प्रयास करने के बाद भी उच्च प्रशासनिक अधिकारी का पद प्राप्त नहीं कर पाता है । यदि जन्म पत्रिका में ग्रहों के योग उच्च राजकीय प्रशासनिक पद के योग्य हों तो जातक को थोड़े प्रयास से ही ऐसे ग्रहों की महादशा एवं अंतर्दशा में सफलता मिल जाती है ।।

साथ ही अगर इस बात की जानकारी ज्योतिष के माध्यम से पहले ही हो जाये कि आपको उच्च राजकीय प्रशासनिक या आई.ए.एस. जैसे पद मिलने की संभावना है तो आप अपना सम्पूर्ण ध्यान उस ओर लगाकर सफलता प्राप्ति की ओर पूरी निष्ठा से मेहनत कर सकते हैं । आइये ज्योतिष के अनुसार कुछ ऐसे ग्रहों की स्थिति को देखते हैं जो जातक को उसके जीवन में आई.ए.एस. अधिकारी जैसे प्रतिष्ठित सेवा में नियुक्त करवाते हैं ।।

IAS And Administrative Officer Yoga

मित्रों, पहली बात तो यह है, कि आई.ए.एस. अधिकारी जैसे प्रतिष्ठित सेवा में चयन हेतु कुंडली में सूर्य, गुरु, मंगल, राहु एवं चंद्रमा जैसे ग्रहों का शुभ एवं बलवान होना जरुरी होता है । ऐसे में इनमें से कोई भी ग्रह यदि 11वें भाव का स्वामी होकर 9वें भाव में हो तथा 10वें भाव के स्वामी के साथ युति करे या दृष्टि रखता हो तो ऐसा जातक आई.ए.एस. अधिकारी बन सकता है ।।

यदि जन्म कुण्डली में लग्नेश लग्न को देखे, साथ ही भाग्येश, किसी केन्द्र में जैसे 1, 4, 7, 10वें भाव में या किसी त्रिकोण जैसे 5 या 9वें भाव में हो तो भी जातक के जीवन में इस प्रकार के पद प्राप्ति का योग बनता है । 2सरे भाव का स्वामी यदि 11वें भाव अर्थात लाभ स्थान में होकर 10वें भाव के स्वामी से दृष्ट हो अथवा 10वें भाव के स्वामी के साथ हो तो भी इस पद की प्राप्ति में जातक को सफलता मिल जाती है ।।

मित्रों, 9वें भाव में उच्च का गुरु या शुक्र हो और उस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तथा सूर्य अच्छी स्थिति में हो तो जातक इन ग्रहों की दशा-अंर्तदशा में उच्च पदाधिकारी अथवा आई.ए.एस. ऑफिसर बन जाता है । 10वें भाव का स्वामी यदि किसी केन्द्र या किसी त्रिकोण में शुभ ग्रहों से दृष्ट हो तो भी जातक को उच्च राजकीय पद दिलाता है ।।

यदि लग्नेश और दशमेश स्वग्रही या उच्च के होकर किसी केन्द्र या किसी त्रिकोण में बैठे हों और गुरु उच्च का हो या स्वग्रही हो तो भी जातक के आई.ए.एस. अधिकारी बनने की प्रबल संभावना होती है । यदि तीन या चार ग्रह उच्च या मूल त्रिकोण में बलवान होकर बैठे हो तो भी जातक को उच्च राजकीय पद मिलने की संभावना रहती है ।।

मित्रों, यदि किसी केन्द्र में, विशेषकर लग्न में सूर्य और बुध हों और गुरु की शुभ दृष्टि इन पर हो तो जातक प्रशासनिक सेवा में उच्च पद प्राप्त करता है । यदि मेष लग्न की कुण्डली हो तथा चंद्रमा, मंगल, गुरु तीनों की डिग्री वाइज बलाबल अच्छे हों तो भी जातक को राजकीय सेवा में उच्च पद दिलाते हैं ।।

यदि इन ग्रहों पर अगर सूर्य की दृष्टि हो या सूर्य से युति हो रही हो तो भी जातक उच्च राजकीय सेवा में जाकर काफी नाम कमाता है । यदि मेष लग्न की कुण्डली हो और लग्न में मंगल एवं गुरू का किसी भी प्रकार से सम्बन्ध बन रहा हो तो तब भी ऐसा जातक उच्च राजनैतिक पद को प्राप्त करता है ।।

मेष लग्न की कुण्डली में यदि 11वें भाव में चन्द्रमा और गुरु हों तथा उनपर अन्य किसी शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो जातक अपने जीवन में उच्च शासनाघिकारी बनकर काफी यश और उच्च प्रतिष्ठा को प्राप्त करता है ।।  

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।।। नारायण नारायण ।।।

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