हाथ कि रेखाओं में शिक्षा का योग एवं आंकलन।।

Education yoga in palmistry
Education yoga in palmistry

हाथ कि रेखाओं में शिक्षा का योग एवं आंकलन।। Education yoga in palmistry.

मित्रों, हस्तरेखाएँ व्यक्ति के जीवन की बहुत सी बातों को स्पष्टरूप से बताती हैं। जैसे- जीवन में किस क्षेत्र में व्यक्ति सफलता पाएगा और किस क्षेत्र में असफल होगा? यह सब हमें हाथों की लकीरों से पता चल जाता है। बशर्ते कि हाथ देखने वाला व्यक्ति इस विषय का जानकार हो। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको शिक्षा के बारे में बताते हैं।।

व्यक्ति कई बार पढ़ाई में बहुत तेज होता है। लेकिन परिस्थितिवश पढ़ाई अधूरी रह जाती है। इसके वजह से आगे वह पढ़ नही पाता है। बहुत बार ऎसा होता है, कि किन्हीं कारणों से व्यक्ति की शि़क्षा में व्यवधान उत्पन्न हो जाता है। परंतु कुछ अंतराल के बाद पुन: पढ़ाई आरंभ कर देता है और बहुत बार ऎसा भी होता है, कि व्यक्ति ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं होता, फिर भी उसके पास ज्ञान का भंडार होता है।।

शिक्षा के लिए हाथ में स्थित तीन मुख्य रेखाओं, जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा और ह्रदय रेखा, के अतिरिक्त अन्य रेखाओं का अध्ययन भी कर लेना चाहिए। यदि यही तीन रेखाएँ मुख्य रुप से हाथ में नजर आती है। तब व्यक्ति पढ़ाई लिखाई में ज्यादा रुचि नहीं लेता है। ऎसे व्यक्ति को यदि पढाई में रुचि नहीं होती है तो उसे उच्च शिक्षा के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए।।

ऐसे व्यक्ति को अपने पैतृक अथवा पारंपरिक व्यवसाय अथवा अन्य किसी रोजगार के बारे में सोंचना या कोई काम काज आरंभ कर लेना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार नौकरी कर लेनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के हाथ में मत्स्य अर्थात मछली का चिन्ह बना हो तब वह व्यक्ति उच्च कोटि का विद्वान होता है।।

मत्स्य चिन्ह वाले व्यक्ति प्राकृतिक रूप से विद्वान होते हैं और ऎसे विद्वान व्यक्ति किसी तरह की शिक्षा का मोहताज नही होता है। यहाँ विद्वता का अर्थ किसी तरह की भी स्कूली अथवा कॉलेज की पढ़ाई से नहीं है। हाथ में जीवन रेखा का आरंभ निर्दोष रूप से मस्तिष्क रेखा से हो रहा हो और हाथ में तीन मुख्य रेखाओं (जीवन, मस्तिष्क और ह्रदय रेखा) के अतिरिक्त अन्य रेखाएँ भी मौजूद हो।।

साथ ही ऐसे हाथ में लचीलापन भी हो तो ऎसे व्यक्ति को अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। ऐसे में सफलता का आंकलन सूर्य रेखा के उदय स्थल से करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के हाथ में मोटी शनि रेखा हो (भाग्य रेखा को ही शनि रेखा भी कहा जाता है) और मस्तिष्क रेखा भी मोटी ही हो तब ऎसे व्यक्ति की शिक्षा अधूरी रह जाती है।।

यदि किसी व्यक्ति के हाथ की अंगुलियाँ लंबी हों तो उसका अपनी पढ़ाई में काफी मन लगता है। यहाँ पढ़ाई की सफलता का आंकलन सूर्य रेखा की स्थिति पर निर्भर करता है। हाथ में तर्जनी अंगुली अगर सीधी हो तो उससे व्यक्ति के अध्ययनशील स्वभाव का पता चलता है। सूर्य पर्वत पर अगर खड़ी रेखा हो तो व्यक्ति को अपने अध्ययन क्षेत्र में सफलता भी मिलती है।।

यदि किसी व्यति के हाथ की अंगुलियाँ गठीली हों तो वह व्यक्ति गणित, विज्ञान, दर्शनशास्त्र जैसे विषयों में रुचि रखता है। यदि व्यक्ति की अंगुलियाँ लंबी हो और उनकी गाँठ मुलायम हों तो ऎसा व्यक्ति साहित्य एवं ललित कलाओं से संबंधित विषयों में रुचि रखता है। किसी व्यक्ति के हाथ में निर्दोष एवं दोहरी मस्तिष्क रेखा हो और जीवन रेखा गोलाई लिए हुए हो साथ ही सूर्य पर्वत पर सीधी रेखा बनी हो तो व्यक्ति उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सफलता अर्जित कर लेता है।।

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