पञ्चांग 26 अप्रैल 2021 दिन सोमवार।।

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Panchang 26 April 2021
Panchang 26 April 2021

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 26 अप्रैल 2021 दिन सोमवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 26 April 2021

आज का पञ्चांग 26 अप्रैल 2021 दिन सोमवार।।
Aaj ka Panchang 26 April 2021.

विक्रम संवत् – 2078.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – आनन्द.

शक – 1941.

अयन – उत्तरायण.

गोल – दक्षिण.

ऋतु – बसन्त.

मास – चैत्र.

पक्ष – शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार – चैत्र शुक्ल पक्ष.

Panchang 26 April 2021

तिथि – चतुर्दशी 12:46 PM बजे तक उपरान्त पूर्णिमा तिथि है।।

नक्षत्र – चित्रा 23:07 PM तक उपरान्त स्वाती नक्षत्र है।।

योग – हर्षण 04:23 AM तक उपरान्त वज्र योग है।।

करण – गर 02:32 AM तक उपरान्त वणिज 12:46 PM तक उपरान्त विष्टि करण है।।

चन्द्रमा – कन्या राशि पर 12:33 PM तक उपरान्त तुला राशि पर।।

सूर्योदय – प्रातः 06:13:13

सूर्यास्त – सायं 18:58:40

राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 07:30 बजे से 09:00 बजे तक।।

विजय (शुभ) मुहूर्त – दोपहर 12.24 बजे से 12.48 बजे तक।।

Panchang 26 April 2021

चतुर्दशी तिथि विशेष – चतुर्दशी को शहद और अमावस्या को मैथुन त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि क्रूरा एवं उग्रा तिथि मानी जाती है, इस तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं। इसीलिये चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये।।

आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है। रिक्ता नाम से विख्यात यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।

जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।।

Panchang 26 April 2021

चित्रा नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- चित्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक शारीरिक रूप से मनमोहक एवं सुन्दर आँखों वाला होता है। आपको अनेक प्रकार की साज सज्जा का शौक होता है तथा अपने लिए नित नए आभूषण एवं वस्त्र आप खरीदते ही रहते हैं। आपका व्यक्तित्व आकर्षक एवं शारीरिक रूप से संतुलित होते हैं। व्यक्तित्व के यही गुण आपको भीड़ से अलग करते हैं। आपकी पसंद और सोंच में अनूठापन है जिससे अक्सर महिलाएं आकर्षित होती है। आप स्वभाव से कामुक एवं स्त्रियों में अधिक रूचि रखने वाले होते हैं।।

आप बेहद संवेदनशील होते हैं तथा अत्यधिक भावुक होते हैं। इसलिए आपकी बुद्धि अस्थिर रहती है और आपको निर्णय लेने में कठिनाई अक्सर आती है। आप एक शांतप्रिय व्यक्ति होंगे परन्तु अपनी स्पष्टवादिता के कारण विवादों में अक्सर फंस जाते हैं। आपमें सुन्दरता और गुणों का समावेश होता है। आप दयालु और गरीबों के मदद करने वालों में से होंगे। शत्रुओं को मुंहतोड़ जवाब देने की अपेक्षा आप अपने आप को बचाना बेहतर समझते हैं।।

चित्र नक्षत्र में जन्मा जातक परिश्रमी होता है और अपने इसी गुण के कारण अपने जीवन में आई कई कठिनाईयों को पार करते हुए उन्नति पाता है। कभी-कभी आपको अपने द्वारा की गई मेहनत से अधिक भी मिल जाता है। आपका जीवन 32 वर्ष तक उथल पुथल भरा रहता है परन्तु 32 से 52 वर्ष तक का समय आपके जीवन का बेहतर समय कहा जा सकता है।।

आप अपने पिता से अधिक माता के निकट होंगे। हालाँकि आपके पिता समाज में एक सम्माननीय व्यक्ति होंगे। परन्तु किसी कारणवश आपकी उनसे दूरी आजीवन बनी रहेगी। चित्रा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति अपने जन्म स्थान से दूर जाकर ही सफल होता है। वैवाहिक जीवन में कुछ खटास रहती है परन्तु पारिवारिक जीवन में स्थिरता रहेगी। चित्रा नक्षत्र में जन्मी महिलाएं सफ़ेद वस्त्र पहनना पसंद करती हैं।।

सुंदर तथा हंसमुख स्वभाव वाली चित्रा नक्षत्र की जातिकाएं ईश्वर में विश्वास रखने वाली होती हैं। आप माता-पिता की प्रिय तथा आपके नेत्र विशेष रूप से सुंदर होते हैं। अर्थात इस नक्षत्र की जातिकाएं अत्यन्त सुंदर नेत्रों वाली होती हैं। चित्रा नक्षत्र में जन्मे जातक अल्सर, किडनी सम्बंधित रोग, दिमागी बुखार, अपेंडिक्स जैसे रोगों के शिकार होने की ज्यादातर संभावनायें होती हैं।।

प्रथम चरण:- चित्रा नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी सूर्य होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुए जातकों का झुकाव चोरी एवं तस्करी में अधिक होता है। लग्नेश बुध की दशा शुभ फल देगी। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होगा। परन्तु सूर्य की दशा अशुभ फलदायी होगी।।

द्वितीय चरण:- चित्रा नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी बुध होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक सौंदर्य प्रेमी होता है। ऐसे जातकों की रूचि संगीत, कला, चित्रकारी या फोटोग्राफी जैसे विषयों में अधिक होती है। लग्नेश बुध की दशा माध्यम फलदायी होती है।।

तृतीय चरण:- चित्रा नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शुक्र होता हैं। चित्रा नक्षत्र का स्वामी मंगल एवं लग्नेश तथा नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शुक्र दोनों ही कामुक ग्रह हैं। फलतः जातक कामुक होगा तथा पराई स्त्री में रूचि रखने वाला होगा। लग्न बलि न होने के कारण जातक का विकास रुका हुआ रहेगा। लग्नेश शुक्र एवं मंगल की दशा में कोई काम नहीं बनेगा।।

चतुर्थ चरण:- चित्रा नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी मंगल होता हैं। नक्षत्र स्वामी मंगल एवं नक्षत्र चरण स्वामी भी मंगल होने के कारण जातक के शरीर पर चोट अथवा पीड़ा का निशान रहेगा। लग्नेश शुक्र की दशा अच्छा फल देती है। मंगल की दशा-अन्तर्दशा भी उत्तम फलदायी होती है।।

Panchang 26 April 2021

सामान्यतया सोमवार शॉपिंग के लिए अच्छा दिन माना जाता है।।

सोमवार का विशेष – सोमवार के दिन तेल मर्दन अर्थात् तेल मालिश करने से चहरे और शरीर की कान्ति बढ़ती है – (मुहूर्तगणपति)।।

सोमवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से शिव भक्ति की हानि होती है। पुत्रवान पिता को तो कदापि नहीं करना चाहिये। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।।

सोमवार के दिन ये विशेष उपाय करें – सोमवार को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।

Panchang 26 April 2021

मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म सोमवार को होता है, वो जातक शांत प्रवृत्ति के गौर वर्ण लिए हुये होते हैं। सोमवार चन्द्र प्रधान दिन होता है, इसलिये इस जातक में कल्पनाशीलता, दया भाव, नम्रता के गुण परिलक्षित होते हैं। माता के प्रिय एवं सद्गुणों से युक्त ये जातक कवि ह्रदय, सफेद वस्तुओं से लाभ पाने वाला, यात्रा का शौकीन, जलाशयों एवं प्रकृति का प्रेमी होता है।।

सोमवार को जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है। इनकी प्रकृति यानी इनका स्वभाव शान्त होता है। इनकी वाणी मधुर और मोहित करने वाली होती है। ये स्थिर स्वभाव वाले होते हैं सुख हो या दु:ख सभी स्थिति में ये समान रहते हैं। धन के मामले में भी ये भाग्यशाली होते हैं तथा इन्हें सरकार एवं समाज से मान-सम्मान मिलता है।।

इस दिन जन्‍म लेने वाले जातक को पर्यावरण के क्षेत्र में, समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में, पानी से जुड़े रोजगार जैसे मत्‍स्‍य पालन या मछली का व्‍यवाय, पत्‍थरों का व्‍यवसाय, कपड़े का व्‍यवसाय अधिक फलता है। इनके लिए सफेद रंग सदा शुभकारी होता है इसलिए कैरियर के लिहाज से आप जहां भी जायें सफेद रुमाल अपनी जेब में रखें और उस क्षेत्र को ही चुने जिसमें सफेद रंग की प्रधानता हो, जैसे पानी, कपड़ा, फूल, पत्‍थर आदि से जुड़ा व्‍यवसाय।।

आज का सुविचार – मित्रों, जीना हैं, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता हैं जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में। जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा। हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती।।

Panchang 26 April 2021

चन्द्रमा द्वारा निर्मित कुछ अतुलनीय धनदायक योग।।…… आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

ॐ अथ शिवप्रातःस्मरणस्तोत्रम् – यहाँ क्लिक करें और पढ़ें:

“गुरु की महादशा में चंद्रमा अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

“गुरु की महादशा में मंगल अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

“गुरु की महादशा में राहु अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

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Panchang 26 April 2021

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