पञ्चांग 28 अप्रैल 2021 दिन बुधवार।।

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Panchang 28 April 2021
Panchang 28 April 2021

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 28 अप्रैल 2021 दिन बुधवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 28 April 2021

आज का पञ्चांग 28 अप्रैल 2021 दिन बुधवार।।
Aaj ka Panchang 28 April 2021.

विक्रम संवत् – 2078.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – आनन्द.

शक – 1943.

अयन – उत्तरायण.

गोल – दक्षिण.

ऋतु – बसन्त.

मास – वैशाख.

पक्ष – कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – चैत्र कृष्ण पक्ष.

Panchang 28 April 2021

तिथि – प्रतिपदा 05:15 AM बजे तक उपरान्त द्वितीया तिथि है।।

नक्षत्र – विशाखा 17:14 PM तक उपरान्त अनुराधा नक्षत्र है।।

योग – व्यतिपात 15:51 PM तक उपरान्त वारियान योग है।।

करण – कौलव 05:15 AM तक उपरान्त तैतिल 15:25 PM तक उपरान्त गर करण है।।

चन्द्रमा – तुला राशि पर 11:57 AM तक उपरान्त वृश्चिक राशि पर।।

सूर्योदय – प्रातः 06:12:19

सूर्यास्त – सायं 18:59:53

राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 12:00 बजे से 13:30 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12.24 बजे से 12.48 बजे तक।।

Panchang 28 April 2021

द्वितीया तिथि विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।।

प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।।

मित्रों, ज्योतिषशास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।।

Panchang 28 April 2021

विशाखा नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म विशाखा नक्षत्र में हुआ है तो आप शारीरिक श्रम के स्थान पर मानसिक कार्यों को अधिक वरियता देते हैं। शारीरिक श्रम करना आपके बस की बात नहीं होगा और इससे आपका भाग्योदय भी नहीं होगा। मानसिक रूप से आप सक्षम व्यक्ति होंगे और कठिन से कठिन कार्य को भी अपनी सूझ-बूझ से शीघ्र ही निपटा लेते हैं।।

ऐसे लोग स्वभाव से ईर्ष्यालु परन्तु बोल चाल से अपना काम निकलवाने का गुण अपमें स्वाभाविक रूप से ही होगी। वाक् पटुता आपका सहज गुण होगा। मार्केटिंग और सेल्स मैन शिप का कार्य आपके लिए विशेष लाभप्रद होगा। ब्लैक मार्केटिंग से भी आपका सम्बन्ध हो सकता है। आपका व्यक्तित्व सुंदर एवं आकर्षक होगा इसलिए लड़के/लड़कियां हमेश ही आपकी और खिचे चले आयेंगे। जिसका आप लाभ उठाने से नहीं चुकेंगे।।

विशाखा नक्षत्र में जन्मे जातक सेक्स के मामले में बहुत ही रंगीले व्यक्ति होते हैं। ऐसे जातक को क्रोध शीघ्र ही आ जाता है। विपरीत बात आपसे सहन नहीं होती है और बिना सोचे समझे या परिणाम की चिंता किये बिना आप सामने वाले से टकरा जाते हैं। हालाँकि मन ही मन घबराते भी हैं। परन्तु अपनी घबराहट बाहर प्रकट नहीं होने देते हैं। क्रोधित होने पर अपशब्द कहना और बाद में पछताना आपके व्यवहार में होगा।।
 
यदि आपका जन्म 17 अक्टूबर से 13  नवम्बर के बीच हुआ है तो आपका आत्मबल बेहद कमज़ोर होगा। हालाँकि दिमाग में रात दिन कुछ न कुछ चलता रहता है या यूँ कहे ख्याली पुलाव पकते रहते हैं। आप कला और विज्ञान के क्षेत्र में भी रूचि रखते हैं। बचपन से ही पिता के साथ आपका मन मुटाव चलता रहता है। किशोरावस्था तक जीवन में लापरवाही रहती है। एवं उद्देश्य की कमी के कारण भटकाव भी होते हैं।।

विशाखा नक्षत्र में जन्मी स्त्रियाँ धार्मिक प्रवृत्ति की होती हैं। विशाखा नक्षत्र की जातिका उद्यमी परन्तु स्वभाव की कोमल एवं नम्र ह्रदय की होती हैं। धन, ऐश्वर्ययुक्त एवं सत्य का साथ देने वाली होती हैं। अपने इन्ही गुणों के कारण विशाखा नक्षत्र में जन्मी स्त्रियाँ समाज में मान सम्मान तथा पूजनीय स्थान प्राप्त करती हैं।।

विशाखा नक्षत्र में जन्मे जातक ज्यादातर ईर्ष्यालु प्रवृत्ति के होते हैं। ऐसे लोग चमड़ी के रोग, मधुमेह, पेशाब और स्त्रियों में गर्भाशय से सम्बंधित रोग, टी. बी. इत्यादि जैसे रोगों से ग्रसित होते हैं।।

प्रथम चरण:- विशाखा नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी मंगल होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक तर्कशील एवं नीतिशास्त्र में निपुण होता है। लग्न नक्षत्र स्वामी गुरु एवं नक्षत्र चरण स्वामी मंगल में परस्पर शत्रुता होने से गुरु एवं धनेश मंगल दोनों की दशाएं अशुभ फल ही देंगी।।

द्वितीय चरण:- विशाखा नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शुक्र होता है। गुरु व् शुक्र के प्रभाव से जातक धार्मिक शास्त्रों का ज्ञाता, दार्शनिक एवं शास्त्रवेत्ता होता है। गुरु एवं शुक्र की परस्पर शत्रुता के कारण गुरु की दशा अशुभ फल देती है। गुरु में शुक्र या शुक्र में गुरु का अन्तर भी अशुभ फल ही देगा।।

तृतीय चरण:- विशाखा नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी बुध होता है। गुरु ज्ञान एवं बुध तर्क का प्रतीक ग्रह माना जाता है। ऐसे जातक में वाद-विवाद और तर्क करने की प्रखरता देखी जा सकती है। शुक्र की दशा माध्यम फल देगी। गुरु एवं बुध में शत्रुता होने से गुरु एवं बुध दोनों की ही दशा अशुभ फल देती है।।

चतुर्थ चरण:- विशाखा नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी चन्द्र होता है। चन्द्र, मंगल तथा बृहस्पति दोनों का ही मित्र है। फलतः चन्द्रमा की दशा में जातक का भाग्योदय होगा। मंगल की दशा भी शुभ फल देगी। जातक लग्न बलि एवं चेष्टावान होगा। विशाखा नक्षत्र के चौथे चरण में जन्म लेने वाला जातक लम्बी आयु भोगने वाला होता है।।

Panchang 28 April 2021

आज बुधवार के दिन ये विशेष उपाय करें – बुधवार गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी का दिन है। इसलिये आज के दिन इनकी पूजा का विशेष महत्त्व होता है। आज के दिन गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

बुधवार का विशेष – बुधवार के दिन तेल मर्दन अथवा मालिश करने से माता लक्ष्मी प्रशन्न होती हैं और धनलाभ होता है – (मुहूर्तगणपति)।।

बुधवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से धन एवं पूण्य का लाभ होता है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।।

Panchang 28 April 2021

मित्रों, बुधवार को जन्म लेने वाले व्यक्ति मधुर वाणी बोलने वाले होते हैं। इस तिथि के जातक पठन पाठन में रूचि रखते हैं और ज्ञानी होते हैं। ऐसे लोगों का लेखन में अत्यधिक रूचि होती है और अधिकांशत: इसे अपनी जीवका का साधन भी बना लेते हैं। ये जिस विषय का चयन करते हैं उसके अच्छे जानकार होते हैं। इनके पास धन तो होता है परंतु ऐसे लोग धोखेबाज भी होते हैं।।

ऐसे जातक सामन्य रंग-रूप, बुद्धिमान, लेखक, पत्रकार, प्रकाशक एवं द्विस्वभाव के होते हैं। किसी एक कार्य को न कर अनेक कार्य में जुटे होते हैं। वैसे शान्तिप्रिय रहना इनका स्वभाव होता है। अधिकांशतः मार्केटिंग के क्षेत्र में ऐसे लोगों को उत्तम सफलता मिलती है। बुधवार को जन्म लेने वाले हमेशा असमंजस के शिकार रहते हैं। वह एक समय कई कार्यों पर हाथ आजमाने की कोशिश करते हैं, कई बार सफलता मिल भी जाती है और कई बार गिरते भी हैं।।

इनमें छल-कपट नहीं होता और कई बार तो ये दूसरों की गलतियां खुद पर तक ले लेते हैं। इनको लेखन, पत्रकारिता, प्रकाशन, बैंकिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में अपना किस्मत आजमाना चाहिये। इन क्षेत्रों में इन्हें अच्छी सफलता की संभावना होती है। इनके लिये बुधवार एवं शुक्रवार का दिन भाग्यवर्धक होता है तथा 3 और 6 इनका लकी नम्बर होता है।।

आज का सुविचार – मित्रों, यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा “आप” शब्द का, उसके बाद “हम” शब्द का और सबसे कम “मैं” शब्द का प्रयोग करना चाहिए। इस संसार में कोई किसी का हमदर्द नहीं होता, लाश को शमशान में रखकर अपने लोग ही पुछ्ते हैं.. और कितना वक़्त लगेगा।।
Panchang 28 April 2021

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