पञ्चांग 29 जनवरी 2023 दिन रविवार।।

Panchang 29 January 2023
Panchang 29 January 2023

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 29 जनवरी 2023 दिन रविवार।।

मित्रों, तारीख 29 जनवरी 2023 दिन रविवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भीष्माष्टमी कहा जाता है। आज पितामह भीष्म के लिए श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए। ऐसा करने से कुल में संतति की वृद्धि निरंतर होते रहती है। आप सभी सनातनियों को भीष्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 29 January 2023

आज का पञ्चांग 29 जनवरी 2023 दिन रविवार।।
Aaj ka Panchang 29 January 2023.

विक्रम संवत् – 2079.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – नल.

शक – 1944.

अयन – उत्तरायण.

गोल – दक्षिण.

ऋतु – शिशिर ऋतु.

मास – माघ.

पक्ष – शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार – माघ शुक्ल पक्ष.

Panchang 29 January 2023

तिथि – अष्टमी 13:35 PM बजे तक उपरान्त नवमी तिथि है।।

नक्षत्र – भरणी 24:22 PM तक उपरान्त कृत्तिका नक्षत्र है।।

योग – शुभ 15:26 PM तक उपरान्त शुक्ल योग है।।

करण – बव 09:06 AM तक उपरान्त बालव 21:34 PM तक उपरान्त कौलव करण है।।

चन्द्रमा – मेष राशि पर।।

सूर्य – मकर राशि एवं श्रवण नक्षत्र पर हैं।।

सूर्योदय – प्रातः 06:36:38

सूर्यास्त – सायं 17:24:32

राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक।।

विजय (शुभ) मुहूर्त – दोपहर 11.55 बजे से 12.19 बजे तक।।

Panchang 29 January 2023

अष्टमी तिथि विशेष – अष्टमी को नारियल एवं नवमी को काशीफल अर्थात कोहड़ा एवं कद्दू दोनों ही त्याज्य होता है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।।

इस अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।

मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।।

मित्रों, अष्टमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति धर्मात्मा होता है। मनुष्यों पर दया करने वाला तथा हरेक प्रकार के गुणों से युक्त गुणवान होता है। ये कठिन से कठिन कार्य को भी अपनी निपुणता से पूरा कर लेते हैं। इस तिथि के जातक सत्य का पालन करने वाले होते हैं यानी सदा सच बोलने की चेष्टा करते हैं। इनके मुख से असत्य तभी निकलता है जबकि किसी मज़बूर को लाभ मिले।।

Panchang 29 January 2023

भरणी नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म भरणी नक्षत्र में हुआ है तो आप एक दृढ़ निश्चयी, चतुर एवं सदा सत्य बोलने वाले होंगे। शुक्र के कारण जहाँ आप सुखी एवं ऐश्वर्य पूर्ण जीवन जियेंगे वही शुक्र मंगल की राशि में आपकी काम वासना भी अधिक बढ़ाएगा। आपके अनेक मित्र होंगे और आप अपने मित्रों में बहुत अधिक लोकप्रिय भी होंगे। क्योंकि आप अपने मित्रों की सहायता करने में कभी पीछे नहीं हटते हैं।।

मित्रता करने में आप विशेष सावधानी भी बरतते हैं। चुगलखोर और छिछोरे मित्र आपको कतई पसंद नहीं है। आप जल्दी ही किसी से भी घुलना मिलना पसंद नहीं करते। स्वभाव से थोड़े स्थिर एवं योजनाबद्ध तरीके से काम करना आपको पसंद है। आप बिना सोचे समझे जीवन में कोई भी कदम नहीं उठाना चाहते हैं। परन्तु जो एक बार आप ठान लेते हैं तो आप किसी का हस्तक्षेप या सुझाव पसंद नहीं करते हैं।।

जो मार्ग आपके अनुसार सही है उससे आप कभी नहीं डगमगाते। आप अपने विचारों को प्रकट करने में नहीं हिचकिचाते। चाहे उन्हें कोई पसंद करे या नहीं। आप अपना नुक्सान करा सकते हैं परन्तु चापलूसी करना आपको कतई पसंद नहीं होगा। आप स्वयं के सिद्धांतों पर चलना पसंद करते हैं। साथ ही आप अपने नैतिक मूल्यों की रक्षा जीवन पर्यंत करतें हैं। ईश्वर ने आपको एक और विलक्षण गुण दिया हुआ है वह है दूरदर्शिता।।

इस कारण आप आने वाले संकट को पहले ही भांप जाते हैं और अपने आपको भविष्य में होने वाली घटनाओं के लिए तैयार भी कर लेते हैं। खर्चे के मामले में आप करीबी मित्रों और रिश्तेदारों में कंजूस के नाम से जाने जाते हैं परन्तु यह आपका स्वभाव है। आप बिना सोचे समझे धन खर्च नहीं करना चाहते हैं। फ़िज़ूल के खर्च और व्यर्थ के दिखावे आपको कतई पसंद नहीं हैं।।

आप एक हिम्मती व्यक्तित्व के स्वामी हैं छोटी मोटी घटनाएं आपके साहस को हिला नहीं पाती हैं। शारीरिक रूप से आप ऊँचे एवं मजबूत कद काठी के व्यक्ति होंगे। आपकी हड्डियां काफी मज़बूत और आँखें बहुत जोशीली होंगी। आपको घूमने का बहुत शौक होगा। खाने में आप तेज़, मसालेदार गर्म और चटपटे खाना पसंद करते हैं। आप अपने जीवन में कई बार सफलता की उंचाई पर पहुँच कर अचानक गिरते हैं।।

इन्ही उतार चढ़ाव के कारण जीवन 33 वर्ष तक अस्त व्यस्त रहता है। परन्तु उसके पश्चात समय और स्तिथियाँ आपके पक्ष में ही रहती हैं। भरणी नक्षत्र के जातक अपने परिवार से बहुत अधिक स्नेह रखते हैं। साथ ही उनके बिना बहुत अधिक समय तक नहीं रह पाते हैं। विवाह के उपरान्त पारिवारिक जीवन सुखमय रहता है। एक सुंदर एवं सुशील पत्नी का साथ आपको मिलता है।।

आपकी पत्नी का धन के मामले में लापरवाह होना आपके बीच मतभेद पैदा कर सकता है। भरणी नक्षत्र में जन्मी स्त्रियाँ निडर एवं दृढ स्वभाव वाली होती हैं। भरणी नक्षत्र में जन्मी महिलाएं सफल राजनेता या समाजिक कार्यकर्ता होती हैं। आपका मन चंचल एवं सदा भटकने वाला होता है। भरणी नक्षत्र में जन्मी महिलाएं अनायास ही पुरुषों के प्रति आकर्षित हो जाती हैं।।

अन्य महिलाओं की भांति आपकी रूचि साज सज्जा में नहीं होती है। अपितु आप स्वभाव से कठोर होती हैं। स्वभाव से अडिग एवं स्थिर मनोवृत्ति के ऐसे जातक होते हैं। अग्नि द्वारा जलने से, अकस्मात गिरने से चोट का खतरा आपको हो सकता है। आपको नेत्र रोग, और स्त्रियों में गर्भ एवं गर्भाशय से सम्बंधित समस्याएं हो सकती है।।

प्रथम चरण:- भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इसके प्रथम चरण का स्वामी ग्रह सूर्य हैं। भरणी नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म होने के कारण जातक स्वभाव से संकोची होते हैं। आशावादी होते हुए भी कभी-कभी निराशावादी हो जाते हैं। जातक को मंगल एवं शुक्र की दशा शुभ फलदायी होगी। नक्षत्र चरण का स्वामी सूर्य शुक्र का शत्रु है। इस कारण सूर्य की दशा में जातक थोडा परेशान रहेगा।।

द्वितीय चरण:- भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इसके द्वितीय चरण का स्वामी ग्रह चन्द्रमा हैं। भरणी नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म होने के कारण जातक स्वभाव चंचल एवं खुराफाती होता है। वह जीवन में सफल तो होगा परन्तु मानसिक रूप से परेशान एवं अशांत रहेगा। जातक को मंगल एवं शुक्र की दशा ठीक रहेगी। नक्षत्र चरण का स्वामी चन्द्रमा शुक्र का परम शत्रु है। इस कारण चन्द्र की दशा में जातक मानसिक रूप से परेशान रहेगा।।

तृतीय चरण:- भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इसके तृतीय चरण का स्वामी ग्रह शुक्र हैं। भरणी नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म होने के कारण जातक स्वभाव से क्रूर एवं निर्दयी होते हैं। साहस पूर्ण एवं जोखिम भरे कार्य करने में सदा रूचि रखते हैं। लग्न नक्षत्र स्वामी और नक्षत्र चरण स्वामी शुक्र के होने के कारण जातक थोडा रंगीन मिजाज़ का भी होगा। जातक को मंगल एवं शुक्र की दशा उत्तम फलदायी होगी।।

चतुर्थ चरण:- भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इसके चतुर्थ चरण का स्वामी ग्रह मंगल हैं। भरणी नक्षत्र के चौथे चरण में जन्म होने के कारण जातक बहादुर एवं साहसी होगा। परन्तु सब कुछ होते हुए भी जीवन भर धन की कमी महसूस करता रहेगा। लग्न नक्षत्र का स्वामी शुक्र लग्नेश मंगल से समभाव रखता है। इस कारण जातक की मंगल एवं शुक्र की दशा अच्छी जाएँगी।।

Panchang 29 January 2023

मित्रों, आज रविवार को सुबह भगवान सूर्य को ताम्बे के एक लोटे में लाल चन्दन, गुड़ और लाल फुल मिलाकर अर्घ्य इस मन्त्र से प्रदान करें। अथ मन्त्रः- एही सूर्य सहस्रांशो तेजो राशे जगत्पते। अनुकम्प्य मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर।। अथवा गायत्री मन्त्र से भी सूर्यार्घ्य दे सकते हैं।।

इसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। भोजन में मीठा भोजन करना चाहिये नमक का परित्याग करना अत्यन्त श्रेयस्कर होता है। इस प्रकार से किया गया रविवार का पूजन आपको समाज में सर्वोच्च प्रतिष्ठा एवं अतुलनीय धन प्रदान करता है। क्योंकि सूर्य धन और प्रतिष्ठा का कारक ग्रह है।।

दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।।

रविवार का विशेष – रविवार के दिन तेल मर्दन करने से ज्वर (बुखार लगता) होता हैं – (मुहूर्तगणपति)।।

रविवार को क्षौरकर्म (बाल, दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से बुद्धि और धर्म की हानि होती है। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

विशेष जानकारी – मित्रों, रविवार के दिन, चतुर्दशी एवं अमावस्या तिथियों में तथा श्राद्ध एवं व्रत के दिन स्त्री सहवास नहीं करना चाहिये। साथ ही तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के पात्र में भोजन करना भी शास्त्रानुसार मना है अर्थात ये सब नहीं करना चाहिये।।

Panchang 29 January 2023

रविवार ध्रुव प्रकृति का दिन माना जाता है। रविवार भगवान सूर्य का दिन होता है। यह भगवान विष्णु का दिन भी माना जाता है। वैदिक सनातन धर्म में इसे सर्वश्रेष्ठ वार माना गया है। अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखना चाहिए। प्रचलन से सप्ताह का पहला वार सोमवार को माना जाता है क्योंकि रविवार को छुट्टी का नाम घोषित है। परंतु सही मायने में तो रविवार सप्ताह का प्रथम वार ही है। परंतु रविवार को कुछ ऐसे कार्य जिसे यदि आप करते हैं तो इससे आपन नुकसान उठाना पड़ सकता है।।

रविवार के दिन पश्चिम और वायव्य दिशा में यात्रा न करें। इन दिशाओं में यात्रा करना जरूरी हो तो रविवार को दलिया, घी या पान खाकर या इससे पहले पांच कदम पीछे चलकर ही इस दिशा में जाएं क्योंकि इस दिन खासकर पश्चिरम में दिशा का शूल माना जाता है। रविवार को तांबे से निर्मित चीजों को बेचने से बचना चाहिए। तांबे के अलावा सूर्य से संबंधित अन्य धातु या वस्तुएं भी ना बेचें।।

रविवार के दिन नीले, काले, कत्थई और ग्रे कलर के कपड़े नहीं पहनना चाहिए। काले या नीले से मिलते जुलते कपड़े तो कदापि ना पहनें। रविवार को नमक नहीं खाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और हर कार्य में बाधा आती है। खास कर सूर्यास्त के बाद तो नमक बिलकुल भी नहीं खाना चाहिए।।

रविवार को दिन में सहवास करना और मांस एवं मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन शनि से संबंधित पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए। आमतौर पर लोग रविवार को ही बाल कटाते हैं परंतु इस दिन बाल कटाने से सूर्य कमजोर होता है। इस दिन शरीर में तेल मालिश भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह सूर्य का दिन होता है और तेल शनि का होता है।।

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मित्रों, रविवार सप्ताह का प्रथम दिन होता है, इसके अधिष्ठात्री देव सूर्य को माना जाता है। इस दिन जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति तेजस्वी, गर्वीले और पित्त प्रकृति के होते है। इनके स्वभाव में क्रोध और ओज भरा होता है तथा ये चतुर और गुणवान होते हैं। इस दिन जन्म लेनेवाले जातक उत्साही और दानी होते हैं तथा संघर्ष की स्थिति में भी पूरी ताकत से काम करते हैं।।

रविवार को जन्म लेनेवाले जातक सुन्दर एवं गेंहूए रंग के होते हैं। इनमें तेजस्विता का गुण स्वाभाविक ही होता है। महत्वाकांक्षी होने के साथ ही प्रत्येक कार्य में जल्दबाजी करते है और सफल भी होते हैं। उत्साह इनमें कूट-कूट कर भरा होता है तथा ये परिश्रम से कभी भी घबराते नहीं हैं। ये हर कार्य में रूचि लेने वाले होते हैं परन्तु ये लोग समय के पाबंद नहीं होते। ये जातक अपना करियर किसी भी क्षेत्र में अपने कठिन परिश्रम से बनाने की क्षमता रखते हैं। इनका शुभ दिन रविवार तथा शुभ अंक 7 होता है।।

आज का सुविचार – मित्रों, गलती कबूल़ करने और गुनाह छोङने में कभी देर ना करना। क्योंकि सफर जितना लंबा होगा वापसी उतनी ही मुशिकल हो जाती हैं। दुनिया में सिर्फ माँ-बाप ही ऐसे हैं जो बिना किसी स्वार्थ के प्यार करते हैं। कोई देख ना सका उसकी बेबसी जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों में डालकर।।

Panchang 29 January 2023

सूर्य की महादशा में मंगल विजय और बुध कुष्ठ रोग देता है ।।…. आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

“क्या बाबा के सर सज रही है, UP का ताज? क्या बाबा फिर CM बन सकते हैं।।” – My Latest video.

“क्या कहती है अखिलेश यादव की कुंडली? क्या मिलेगी सत्ता?।।” – My Latest video.

“शुक्र की महादशा में सूर्य अन्तर्दशा फलम्” – My Latest video.

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