कुंडली में पुलिस और सेना में नौकरी का योग।। Police And Army Ke Job Yog.
पुलिस-सेना योग का ज्योतिषीय परिचय।। Introduction.
मित्रों, हमने पिछले लेखों में सामान्य सरकारी नौकरी तथा प्रशासनिक अधिकारी बनने के योग को विस्तार से समझा था। परंतु उतना ही महत्वपूर्ण एक अन्य विषय भी है, जिसके प्रति युवाओं में विशेष उत्साह देखा जाता है। अर्थात पुलिस अथवा सेना में नौकरी प्राप्त करना। देश की सेवा तथा सुरक्षा से जुड़े यह पद न केवल सम्मान का प्रतीक माने जाते हैं। अपितु इनके लिए साहस, अनुशासन तथा शारीरिक दृढ़ता जैसे विशेष गुणों की भी आवश्यकता होती है। जो कुंडली में विशिष्ट ग्रह-स्थितियों से ही प्राप्त होते हैं।।
वैदिक ज्योतिष में पुलिस अथवा सेना संबंधी सेवाओं का विश्लेषण करने के लिए मुख्य रूप से मंगल ग्रह का बल, दशम भाव तथा दशमेश की स्थिति। शनि ग्रह की भूमिका, तथा तृतीय भाव अर्थात पराक्रम-भाव के प्रभाव का गहन अध्ययन किया जाना चाहिए। जब यह सभी कारक एक साथ बलवान तथा शुभ स्थिति में मिलते हैं। तब जातक की कुंडली में सुरक्षा-सेवाओं में सफलता का योग निर्मित होता है।।
मित्रों, यहाँ यह समझना भी अत्यंत आवश्यक है कि सामान्य प्रशासनिक सेवा तथा पुलिस-सेना सेवा के योग में स्पष्ट भिन्नता होती है। प्रशासनिक सेवा में सूर्य तथा बुद्धि-प्रधान ग्रहों की प्रधानता होती है। जबकि पुलिस अथवा सेना में जाने के लिए मंगल ग्रह, जो साहस, पराक्रम तथा शारीरिक बल का प्रमुख कारक है, जो सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसीलिए इस क्षेत्र में सफलता के लिए मंगल की प्रबलता को अनिवार्य शर्त माना जाता है।।
परन्तु आप बिलकुल घबराएँ नहीं। आज हम इसी विषय पर विस्तार से समझेंगे कि पुलिस अथवा सेना में नौकरी के योग का निर्धारण कुंडली में किन-किन बिंदुओं के आधार पर किया जाता है। इतना ही नहीं आज हम इस योग को अधिक शीघ्रता से फलित करने के लिए सरल वैदिक उपाय भी आपलोगों को बताएँगे। आज के इस लेख में हम इन्ही सभी विषयों को समझेंगे।।
मंगल ग्रह की केंद्रीय भूमिका।। Central Role of Mars.
मित्रों, पुलिस अथवा सेना संबंधी सेवाओं में सफलता के लिए मंगल ग्रह की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। क्योंकि मंगल साहस, पराक्रम, अनुशासन तथा शारीरिक दृढ़ता का प्रत्यक्ष कारक ग्रह है। यदि मंगल स्वराशि (मेष अथवा वृश्चिक) अथवा उच्च राशि (मकर) में स्थित होकर, लग्न, दशम भाव अथवा तृतीय भाव से शुभ संबंध बनाए। तो यह सुरक्षा-सेवाओं में सफलता का सबसे स्पष्ट तथा प्रबल संकेत माना जाता है।।
इसके साथ ही यदि मंगल केंद्र भाव में स्थित होकर स्वराशि अथवा उच्च राशि में हो। तो यह रुचक नामक पंचमहापुरुष योग का निर्माण करता है। जो विशेष रूप से सेना, पुलिस अथवा किसी भी शौर्य-प्रधान क्षेत्र में असाधारण सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है। इसके विपरीत यदि मंगल नीच राशि (कर्क) में स्थित हो, अथवा अत्यंत पीड़ित हो, तो साहस तथा दृढ़ता में कुछ कमी की संभावना बनती है।।
तृतीय भाव तथा पराक्रम-योग का महत्व।। Importance of Third House and Yoga of Valour.
मित्रों, तृतीय भाव को साहस, पराक्रम तथा शौर्य का प्रमुख भाव माना गया है। अतः पुलिस अथवा सेना के विश्लेषण में इस भाव की स्थिति का अध्ययन भी अत्यंत आवश्यक होता है। यदि तृतीयेश बलवान होकर मंगल अथवा दशमेश से शुभ संबंध बनाए। तो जातक में स्वाभाविक रूप से जोखिम उठाने की क्षमता होती है। साथ ही शारीरिक साहस तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में भी दृढ़ रहने का गुण विकसित होता है।।
इसके अतिरिक्त यदि षष्ठ भाव, जो प्रतिस्पर्धा तथा शत्रु पर विजय का भी भाव माना जाता है। कुंडली का छठा भाव बलवान हो, तो यह चयन-प्रक्रिया की कठिन शारीरिक परीक्षाओं तथा प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होता है। तृतीय तथा षष्ठ भाव का यह संयुक्त बल पुलिस अथवा सेना जैसी सेवाओं के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है।।
दशम भाव में मंगल-शनि-सूर्य का संयोग।। Combination of Mars-Saturn-Sun in the Tenth House.
मित्रों, पुलिस अथवा सेना में उच्च पद प्राप्ति हेतु दशम भाव में अथवा दशमेश के साथ मंगल, शनि तथा सूर्य के विशेष संयोग को अत्यंत शुभ माना जाता है। मंगल साहस देता है, शनि अनुशासन तथा दीर्घकालिक सेवा-भावना प्रदान करता है। जबकि सूर्य अधिकार तथा नेतृत्व-क्षमता का संचार करता है। जब यह तीनों ग्रह परस्पर युति अथवा दृष्टि-संबंध में हों, तो यह जातक को सुरक्षा-सेवाओं में उच्च पद तक पहुँचाने में सक्षम माना जाता है।।
विशेष रूप से यदि शनि स्वयं स्वराशि (मकर अथवा कुंभ) अथवा उच्च राशि (तुला) में स्थित होकर केंद्र भाव में हो, तो यह शश नामक पंचमहापुरुष योग बनाता है। जो अनुशासन-प्रधान सेवाओं में दीर्घकालिक तथा स्थायी सफलता प्रदान करने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होता है।।
लग्न में मेष, वृश्चिक अथवा मकर राशि का प्रभाव।। Influence of Aries, Scorpio or Capricorn Ascendant.
मित्रों, जिन जातकों का लग्न मेष, वृश्चिक अथवा मकर राशि का होता है, उनमें स्वाभाविक रूप से ही साहस, दृढ़ता तथा अनुशासन जैसे गुण अधिक प्रबल पाए जाते हैं। जो पुलिस अथवा सेना जैसी सेवाओं के लिए अत्यंत अनुकूल माने जाते हैं। यदि इन लग्नों का स्वामी भी बलवान स्थिति में हो, तो यह प्रवृत्ति और भी अधिक सुदृढ़ हो जाती है।।
इसके साथ ही ऐसे जातकों की शारीरिक बनावट भी सामान्यतः सुदृढ़ तथा सक्रिय पायी जाती है। जो चयन-प्रक्रिया की शारीरिक परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होती है। यह लग्न-प्रभाव जातक के स्वभाव में भी निर्भीकता तथा संकट के समय तुरंत निर्णय लेने की क्षमता का संचार करता है।।
दशा-अंतर्दशा का प्रभाव।। Effect of Dasha-Antardasha.
मित्रों, कुंडली में यह योग चाहे कितना भी प्रबल क्यों न हो, इसका वास्तविक फलितार्थ मंगल, शनि अथवा सूर्य की महादशा अथवा अंतर्दशा सक्रिय होने पर ही प्राप्त होता है। सामान्यतः इन्हीं ग्रहों की दशा-अवधि में जातक को चयन-प्रक्रिया में सफलता, नियुक्ति तथा पदोन्नति जैसे शुभ परिणाम प्राप्त होते हुए देखे जाते हैं।।
ऐसे जातकों को अपनी दशा-अंतर्दशा का सूक्ष्म विश्लेषण करवाकर, इस अनुकूल समयावधि में अपनी शारीरिक तथा मानसिक तैयारी को अधिक तीव्रता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। ताकि इस शुभ दशा-काल का पूर्ण लाभ प्राप्त किया जा सके।।
इस योग को बलवान बनाने के वैदिक उपाय।। Vedic Remedies to Strengthen This Yoga.
मित्रों, पुलिस अथवा सेना के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने हेतु मंगलवार के दिन हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए। साथ ही “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” इस मंगल देवता के मंत्र का श्रद्धापूर्वक नियमित जप करना चाहिए। बजरंग बाण तथा सुंदरकांड का नियमित पाठ भी साहस तथा शारीरिक दृढ़ता को बढ़ाने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होता है।।
इसके साथ ही यदि शनि का प्रभाव विशेष हो, तो शनिवार का व्रत तथा हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। सूर्य को बलवान बनाने हेतु प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए। मंगलवार के दिन लाल वस्तुओं का दान, तथा नियमित शारीरिक व्यायाम एवं अनुशासित दिनचर्या बनाए रखना भी इस योग को शीघ्रता से फलित करने में सहायक माना जाता है।।
और मेरी सलाह तो यही रहेगी कि इन उपायों को केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि पूर्ण श्रद्धा तथा निरंतरता के साथ करें। ज्योतिषीय उपायों के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस, अनुशासित अभ्यास तथा मानसिक दृढ़ता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक होता है। क्योंकि आध्यात्मिक उपाय व्यावहारिक परिश्रम का स्थान नहीं ले सकते। बल्कि उसके साथ मिलकर ही पूर्ण फल देते हैं।।
शास्त्रीय प्रमाण।। Scriptural References.
मित्रों, बृहत्पाराशर होरा शास्त्र में मंगल को साहस, पराक्रम तथा सेना के क्षेत्र का प्रमुख कारक ग्रह बताया गया है। साथ ही रुचक तथा शश नामक पंचमहापुरुष योगों को शौर्य-प्रधान सेवाओं में सफलता का मुख्य आधार माना गया है। फलदीपिका के अनुसार तृतीय भाव तथा दशम भाव में मंगल-शनि का संयुक्त प्रभाव जातक को सुरक्षा-सेवाओं में उच्च पद प्रदान करने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होता है।।
सारावली में भी यह स्पष्ट किया गया है कि लग्न में मेष, वृश्चिक अथवा मकर जैसी दृढ़ राशियों का होना। साहस-प्रधान सेवाओं के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है। अतः किसी भी निर्णायक निष्कर्ष के लिए संपूर्ण जन्मकुंडली, दशा-अंतर्दशा तथा गोचर का समन्वित अध्ययन आवश्यक माना जाता है।।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।। Frequently Asked Questions. (FAQ)
प्रश्न 1. पुलिस अथवा सेना में नौकरी के लिए कौन-सा ग्रह सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।। Which Planet Is Most Important for a Job in Police or Army.
उत्तर:- मंगल ग्रह को इस क्षेत्र में सफलता के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि यह साहस, पराक्रम तथा शारीरिक दृढ़ता का प्रमुख कारक ग्रह है।।
प्रश्न 2. रुचक योग तथा शश योग का इस क्षेत्र में क्या महत्व है।। What Is the Importance of Ruchaka Yoga and Shasha Yoga in This Field.
उत्तर:- मंगल से बनने वाला रुचक योग शौर्य तथा साहस प्रदान करता है। जबकि शनि से बनने वाला शश योग अनुशासन तथा दीर्घकालिक सेवा-भावना प्रदान करता है। दोनों ही इस क्षेत्र के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।।
प्रश्न 3. क्या तृतीय भाव भी इस विश्लेषण में महत्वपूर्ण होता है।। Is the Third House Also Important in This Analysis.
उत्तर:- हाँ, तृतीय भाव साहस तथा पराक्रम का प्रमुख भाव माना जाता है। तथा इसकी बलवान स्थिति जोखिम उठाने की क्षमता तथा शारीरिक साहस को प्रबल बनाती है।।
प्रश्न 4. किस लग्न के जातकों में पुलिस-सेना सेवा की प्रवृत्ति अधिक पायी जाती है।। In Which Ascendant Natives Is the Tendency Towards Police-Army Service More Common.
उत्तर:- मेष, वृश्चिक अथवा मकर लग्न के जातकों में साहस, दृढ़ता तथा अनुशासन जैसे गुण स्वाभाविक रूप से अधिक प्रबल पाए जाते हैं। जो इस क्षेत्र के लिए अत्यंत अनुकूल माने जाते हैं।।
प्रश्न 5. इस योग को शीघ्र फलित करने का सबसे प्रभावी वैदिक उपाय क्या है।। What Is the Most Effective Vedic Remedy to Quickly Manifest This Yoga.
उत्तर:- मंगल देवता के मंत्र का जप, हनुमान जी की उपासना तथा नियमित शारीरिक व्यायाम सबसे प्रभावी उपाय माने जाते हैं। विशेषकर मंगल-शनि की संयुक्त दशा-अवधि में।।
लेख का निष्कर्ष।। Conclusion.
मित्रों, कुंडली में पुलिस अथवा सेना में नौकरी का योग मुख्य रूप से मंगल ग्रह की प्रबलता, तृतीय तथा दशम भाव में मंगल-शनि-सूर्य का शुभ संयोग, रुचक तथा शश जैसे पंचमहापुरुष योगों की उपस्थिति, तथा लग्न में मेष, वृश्चिक अथवा मकर जैसी दृढ़ राशि के होने पर निर्भर करता है। इन सभी कारकों का समन्वित अध्ययन करके ही यह निश्चित रूप से जाना जा सकता है कि जातक की कुंडली में यह विशेष योग विद्यमान है अथवा नहीं।।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल तथा हनुमान जी की नियमित उपासना इस योग को अधिक शीघ्रता से सक्रिय करने में सहायक मानी गई है। और यहाँ मैं यही कहूँगा कि आध्यात्मिक उपायों के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस, अनुशासित अभ्यास तथा दृढ़ इच्छाशक्ति भी उतनी ही आवश्यक मानी जाती है। क्योंकि इस क्षेत्र में सफलता केवल योग से नहीं, अपितु निरंतर परिश्रम से ही प्राप्त होती है।।
परन्तु मेरी आपको यही सलाह है कि इस विषय पर किसी भी निर्णायक निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले किसी विद्वान, योग्य, अनुभवी वैदिक ज्योतिषी से अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली का विश्लेषण विधिपूर्वक अवश्य करवाना चाहिए। ताकि सही एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।।
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