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राम नवमी पर खास चीजों का भोग।।

Ram Navmi ka Bhog
Ram Navmi ka Bhog

राम नवमी पर खास चीजों का भोग।। Ram Navmi ka Bhog.

मित्रों, आज रामनवमी है। आप सभी मित्रों को सपरिवार बालाजी ज्योतिष केन्द्र, Astro Classes, India. के प्रधान संचालक भागवत प्रवक्ता- स्वामी धनञ्जय महाराज की तरफ से हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाईयाँ।।

रामनवमी (Ram Navami) वैदिक सनातन धर्म का एक अति ही पावन पर्व है। यह त्यौहार भगवान श्रीराम को समर्पित है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्त्म श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए रामनवमी के दिन भगवान राम की विशेष पूजा-अर्चना होती है।।

रामनवमी का पर्व प्रति वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। हमारे वैदिक ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में इसी तिथि को अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। भगवान श्रीराम भगवान श्रीविष्णु के ही अवतार हैं। प्रति वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मध्यान्ह काल लगभग सुबह 11:20 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाना चाहिये।।

रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम की उपासना की जाती है। भगवान श्रीराम की मूर्तियों को पञ्चामृत एवं गंगा जल से स्नान कराया जाता है। उनकी मूर्ति को पालने में झुलाया जाता है। इस दिन भक्तजन रामायण का पाठ करते हैं। साथ ही भक्त अपने इष्ट के स्मरण में रामरक्षा स्तोत्र आदि का पाठ करते हैं। इस दिन राम मंदिर में भगवान श्रीराम के भजन-कीर्तन गाये जाते हैं। भक्त झांकियां भी निकालते हैं।।

आज समस्त विश्व में प्रतिष्ठित वैदिक सनातन प्रेमी लोग भगवान की आराधना एवं व्रत-उपवास अपने-अपने तरीके से करते हैं। रामनवमी के दिन सुबह जल्दी जगना चाहिये। स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अब पूजा स्थल पर पूजन सामग्री के साथ बैठें। पूजा में तुलसी पत्ता और कमल का फूल रखें। उसके बाद भगवान श्रीराम की पूजा षोडशोपचार करें। खीर और फल को प्रसाद के रूप में तैयार करें। पूजा के बाद घर की सबसे छोटी महिला सभी लोगों के माथे पर तिलक लगाएं।।

मित्रों, रामनवमी भारत में एक बहुत ही लोकप्रिय त्यौहार है। जिसे बेहद उल्लास के साथ मनाया जाता है। हिन्दुओं के लिए राम नवमी का बड़ा ही महत्व होता है। शास्त्रों को अनुसार इस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। जिसे लोगों द्वारा बड़े स्तर पर मनाया जाता है। वैदिक सनातन ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों को समाप्त कर और पुन: धर्म की स्थापना हेतु भगवान विष्णु ने धरती पर मनुष्य के रूप में राम अवतार लिया था।।

यह त्यौहार आमतौर पर मार्च-अप्रैल के दौरान मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार राम नवमी चैत्र माह का नौवें दिन मनायी जाती है, जो नवरात्रि का आखिरी दिन भी होता है। इसलिए भी हिंदू त्योहारों में राम नवमी का विशेष महत्त्व है। पूरे देश में रामनवमी के पर्व को उत्साह के साथ मनाया जाता है। लेकिन उत्तर भारत में विशेष रूप से अयोध्या में इस दिन भव्य उत्सव का आयोजन किया जाता है जो कि भगवान राम की जन्मभूमि है।।

राम नवमी के दिन मंदिरों में भजन-कीर्तन आदि का विशाल आयोजन किया जाता है। कई जगहों पर भगवान राम और सीता की झांकिया भी निकाली जाती हैं। इस दिन लोग पूरे दिन का उपवास करके भगवान राम के जन्म दिवस को मनाते हैं और सूर्यास्त के बाद भोजन करते हैं। इस दिन भगवान को प्रसाद के रूप में पंचामृत, श्री खंड, खीर एवं हलवे आदि का भोग लगाया जाता है। राम जी के पूजन में दूध और घी का अहम स्थान होता है और इसी वजह से राम नवमी के शुभ अवसर घी की बनाई गई मिठाईयां खाई जाती हैं।।

रामनवमी भारत में एक बहुत ही लोकप्रिय त्योहार है जिसे बेहद उल्लास के साथ मनाया जाता है। हिन्दुओं के लिए राम नवमी का बड़ा ही महत्व होता है। इस वर्ष 2022 में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव अर्थात राम नवमी 2022 का पर्व 10 अप्रैल को मनाया जाएगा। रामनवमी भारत में एक बहुत ही लोकप्रिय त्योहार है। रामनवमी का त्योहार पूरे भारत वर्ष में विशेष रूप से वैष्णवों के द्वारा व्यापक रूप से मनाया जाने वाला वैदिक उत्सव है। यह कई रंगारंग झांकियों और कार्यक्रमों का भी अवसर होता है जिसमें कई पर्यटक भी शामिल होते हैं।।

उपवास और भोज दोनों ही इस त्योहार का आवश्यक हिस्सा है। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ मीठे व्यंजनों की लिस्ट बताने जा रहे हैं जिन्हें आप उपवास के दौरान खा सकते हैं। अगर आपने व्रत नहीं भी रखा तो भी इनका स्वाद ले सकते हैं। श्रीखंड:- श्रीखंड गुजरात और महाराष्ट्र का लोकप्रिय व्यंजन है। जिसे आप आसानी से घर पर भी बना सकते हैं। इस क्रीमी व्यंजन को दही, चीनी, इलाइची और केसर के फ्लेवर के साथ तैयार किया जाता है।।

2.काजू कतली (काजू की बर्फी):- काजू कतली जो काजू की बर्फी के नाम से मशहूर है। ये मिठाई कई त्योहारों पर बनाई जाती है। काजू और दूध के मिश्रण से इस बर्फी को बनाया जाता है। जिसके बाद चांदी का वर्क लगाकर इसे सर्व किया जाता है। काजू कतली जो काजू की बर्फी के नाम से मशहूर है जिसे हम किसी मिठाई की दुकान से खरीद सकते हैं।।

3.मखाने की खीर:- खीर को कई तरह से बनाया जा सकता है। लेकिन अगर आप व्रत में खीर खाना चाहते हैं तो मखाने की खीर बेस्ट आप्शन है। मखाने की खीर को हल्की आंच पर बनाया जाता है। इसमें डाले जाने वाले ड्राई फ्रूट्स इसके स्वाद को और भी बढ़ा देते हैं। 4.आटे का हलवा:- हलवा बनाने की कई रेसिपीज़ हैं। अलग-अलग सामग्री का इस्तेमाल करके आप अलग-अलग फ्लेवर का हलवा बना सकते हैं। जैसे आटे का हलवा, सूजी का हलवा या फिर मूंग दाल का हलवा।।

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