माणिक्य रत्न की पहचान और विकल्प।। Ruby Identification and Alternatives.
लेख का परिचय या भूमिका।। Introduction.
मित्रों, नवग्रहों में सूर्य को आत्मा, पिता, सम्मान, नेतृत्व-क्षमता तथा सरकारी कार्यों का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य यदि कुंडली में निर्बल अथवा पीड़ित हो, तो आत्मविश्वास की कमी, पिता से संबंधों में तनाव सदैव बना ही रहता है।।
सूर्य देवता के अशुभ होने के कारण सरकारी कार्यों में बाधा तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं। ऐसे में सूर्य को बलवान बनाने हेतु रत्न एवं अन्य वैदिक उपाय अपनाए जाते हैं। आइए, इन्हें संक्षेप में समझते हैं।।
सूर्य का प्रमुख रत्न – माणिक्य।। Main Gemstone for Sun – Ruby (Manik).
सूर्य ग्रह के लिए माणिक्य (Ruby) प्रमुख एवं प्रामाणिक रत्न माना जाता है। यह कोरंडम परिवार का लाल रंग का बहुमूल्य रत्न होता है। जिसकी कठोरता मोह्स स्केल पर लगभग 9 मानी जाती है।।
इस माणिक्य रत्न को किसी कुशल श्रेष्ठ विद्वान ज्योतिषी को अपनी कुंडली दिखाकर तब धारण करना चाहिए। इसे सोने की अंगूठी में जड़वाकर रविवार को अनामिका अथवा दाहिने हाथ की तर्जनी अंगुली में ही धारण करना शुभ माना जाता है।।
असली माणिक्य की पहचान।। Identifying Genuine Ruby.
असली माणिक्य में गहरा लाल अथवा कबूतर के रक्त जैसा रंग (Pigeon Blood Red) होता है। प्राकृतिक चमक तथा भीतर हल्की-सी बारीक धारियाँ (Silk Inclusions) भी इसमें देखी जा सकती हैं।।
यह माणिक्य रत्न छूने या स्पर्श करने पर ठंडा तथा भारी सा प्रतीत होता है। प्रामाणिकता की पूर्ण पुष्टि हेतु सदैव किसी मान्यता-प्राप्त प्रयोगशाला का प्रमाणपत्र (Lab Certificate) भी अवश्य ही देख लेना चाहिए।।
माणिक्य के विकल्प रत्न।। Alternative Gemstones for Sun.
यदि असली माणिक्य रत्न उपलब्ध न हो अथवा बजट में न हो, तो सीमित प्रभाव वाले उपरत्न जैसे लाल गार्नेट (Red Garnet), स्पिनल (Spinel) अथवा सूर्यकांत मणि (Sunstone) को भी विकल्प रूप में धारण किया जा सकता है।।
परन्तु इस बात का ध्यान रकहें कि इन उपरत्नों का प्रभाव मूल (ओरिजिनल) माणिक्य जितना प्रामाणिक अथवा तीव्र नहीं माना जाता या नहीं होता। इसलिए इन्हें अपनाने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषी से परामर्श आवश्य ले लें।।
बिना रत्न के सूर्य ग्रह को अनुकूल बनाने के उपाय।। Remedies to Balance Sun Without a Gemstone.
मित्रों, जो जातक किसी कारणवश रत्न धारण नहीं कर सकते, वे निम्न उपायों से भी सूर्य ग्रह को बलवान बना सकते हैं। प्रतिदिन सूर्योदय के समय ताँबे के लोटे से जल अर्पित करना (Surya Arghya)। “ॐ सूर्याय नमः” अथवा आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करना।।
रविवार का व्रत रखना तथा नमक का सेवन कम करना। पिता एवं वरिष्ठजनों का सम्मान तथा उनका आशीर्वाद लेना। रविवार को गुड़, गेहूँ, तांबा अथवा लाल वस्त्र का दान करना। सूर्य नमस्कार जैसे नियमित योगाभ्यास को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।।
निष्कर्ष।। Conclusion.
मित्रों, सूर्य ग्रह को बलवान बनाने के लिए माणिक्य सर्वोत्तम एवं प्रामाणिक रत्न है, परन्तु आवश्यकता अथवा सुविधा के अनुसार उपरत्न भी सीमित विकल्प के रूप में अपनाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त सूर्य अर्घ्य, मंत्र-जप, व्रत तथा दान आदि अवश्य करना चाहिए।।
इस प्रकार के रत्न-रहित उपाय भी सूर्य ग्रह को अनुकूल बनाने में समान रूप से सहायक माने जाते हैं। किसी भी रत्न अथवा उपाय को अपनाने से पूर्व योग्य और विद्वान ज्योतिषी से जन्मकुंडली का विश्लेषण अवश्य करवाना चाहिए।।
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