HomeBrihaspati Grahकुंडली के षष्ठ भाव में बृहस्पति का शुभाशुभ और उपाय।।

कुंडली के षष्ठ भाव में बृहस्पति का शुभाशुभ और उपाय।।

कुंडली के षष्ठ भाव में बृहस्पति का शुभाशुभ और उपाय।। Effects and Remedies of Jupiter in the Sixth House.

लेख का परिचय।। Bhumika.

मित्रों, वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव को रोग, ऋण, शत्रु, प्रतिस्पर्धा तथा सेवा-कार्य का कारक भाव माना गया है। यह एक दुस्थान तथा उपचय भाव दोनों की मिश्रित प्रकृति रखता है। जब गुरु ग्रह, जो कि स्वभाव से शुभ तथा विस्तारवादी ग्रह माना जाता है। इस भाव में स्थित होता है तो इसके परिणाम विद्वानों के मध्य भिन्न-भिन्न मत रखते हैं। क्योंकि गुरु का शुभ स्वभाव षष्ठ भाव की प्रकृति से पूर्णतः मेल नहीं खाता।।

सामान्यतः गुरु को यहाँ शत्रुओं पर विजय तथा रोगों से मुक्ति दिलाने वाला ग्रह माना जाता है। क्योंकि गुरु का बल षष्ठ भाव की नकारात्मकता को काफी हद तक कम कर देता है। परंतु कुछ विद्वान इसे गुरु के लिए अनुकूल स्थिति नहीं मानते। क्योंकि दु:स्थान में शुभ ग्रह का होना उसकी शुभता को कुछ सीमा तक कम भी करता है। अतः वास्तविक फल गुरु की राशि, दृष्टि तथा षष्ठेश की स्थिति पर निर्भर करता है।।

स्वास्थ्य पर प्रभाव।। Impact on Health.

मित्रों, षष्ठ भाव रोग का प्रमुख कारक भाव है। अतः यहाँ गुरु की उपस्थिति जातक को सामान्यतः रोगों से लड़ने की क्षमता तथा शीघ्र स्वस्थ होने की प्रवृत्ति प्रदान करती है। ऐसे जातक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना धैर्य तथा सूझबूझ के साथ करते हैं। तथा प्रायः गंभीर बीमारियों से ऐसे लोग अक्स़र बच जाया करते हैं।।

इसके साथ ही, चूंकि गुरु यकृत, वसा तथा रक्त-शर्करा से संबंधित ग्रह भी माना जाता है। अतः इस भाव में इसकी उपस्थिति मोटापा, मधुमेह अथवा यकृत संबंधी हल्की समस्याओं की संभावना भी बढ़ाती है। संतुलित आहार तथा नियमित व्यायाम अपनाने से इन समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही ज्योतिषीय उपायों को अपनाने से भी इसके दुष्प्रभाव नियंत्रित होते हैं।।

शत्रुओं एवं प्रतिस्पर्धा पर विजय।। Victory Over Enemies and Competition.

मित्रों, षष्ठ भाव शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों का भी कारक भाव भी है। अतः यहाँ गुरु की शुभ स्थिति जातक को अपने शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त करने की क्षमता प्रदान करती है। ऐसे जातक अपनी बुद्धिमत्ता तथा नैतिकता के बल पर किसी भी विरोध का सामना सफलता पूर्वक करते हैं।।

इसके अतिरिक्त, ऐसे व्यक्ति प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं (Competitive examinations), कानूनी विवादों अथवा व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा (Business competition) में भी सफलता प्राप्त करते हैं। क्योंकि गुरु इन्हें सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। परंतु यहाँ ऐसी स्थिति में अत्यधिक आत्मविश्वास से भी बचना तथा नैतिक मार्ग पर बने रहना इनके लिए आवश्यक हो जाता है।।

ऋण एवं सेवा-कार्य पर प्रभाव।। Impact on Debts and Service.

मित्रों, षष्ठ भाव ऋण तथा सेवा-कार्य का भी कारक भाव है। अतः यहाँ गुरु की स्थिति जातक को ऋण-मुक्ति की क्षमता तथा सेवा-भावना दोनों प्रदान करती है। ऐसे जातक अपने ऋणों का प्रबंधन सूझबूझ के साथ करते हैं तथा समय पर उन्हें चुकाने में भी सफल होते हैं। कदाचित् ऐसी स्थिति बने की आप ऋण चूका पाने की स्थिति में न हों, तो गुरु का ज्योतिषीय उपाय करना चाहिए।।

इसके साथ ही, ऐसे व्यक्ति चिकित्सा, परामर्श, सामाजिक सेवा अथवा शिक्षण जैसे सेवा-प्रधान क्षेत्रों में भी विशेष सफलता प्राप्त करते हैं। क्योंकि गुरु इन्हें दूसरों की सहायता करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति प्रदान करता है। परोपकार तथा सेवा-कार्य इनके लिए आत्मिक संतुष्टि का स्रोत बनते हैं।।

षष्ठ भाव के गुरु के प्रमुख लक्षण।। Key Indications of Jupiter in the Sixth House.

मित्रों, ऐसे जातकों को पहचानना अधिक कठिन नहीं होता। शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों पर विजय। रोगों से लड़ने की क्षमता। ऋण-मुक्ति की सूझबूझ। सेवा-भावना तथा परोपकार में रुचि। चिकित्सा अथवा परामर्श क्षेत्र में सफलता, जहाँ ये लक्षण दिखें, समझ लीजिए इस जातक का गुरु षष्ठ भाव में प्रभावी है।।

कानूनी विवादों में सफलता। मोटापा अथवा यकृत संबंधी हल्की समस्याएँ। प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता। नैतिकता के बल पर विरोध का सामना, यह लक्षण जिनमें दिखें, समझ जाइए कि गुरु षष्ठ भाव में अपना प्रभाव दिखा रहा है।।

षष्ठ भाव के गुरु को शुभ बनाने के उपाय।। Remedies to Strengthen Jupiter in the Sixth House.

मित्रों, यदि गुरु षष्ठ भाव में निर्बल हो अथवा पाप ग्रहों से पीड़ित हो तो इसे बलवान बनाने के लिए कुछ ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं। इन्हें श्रद्धा के साथ करने से लाभ होता है। परंतु किसी भी रत्न को धारण करने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषी की सलाह अवश्य लें। पहल उपाय यह है, कि भगवान विष्णु एवं गुरु देव की उपासना करना चाहिए। (Worship Lord Vishnu and Guru Deva) जी हाँ! गुरुवार के दिन विष्णु सहस्रनाम अथवा गुरु ग्रह के स्तोत्र का पाठ शत्रुओं पर विजय तथा स्वास्थ्य-लाभ में सहायक होता है।।

दूसरा उपाय है, गुरु ग्रह के मंत्र का जप करना। (Chanting Jupiter Mantra) “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।” इस मन्त्र का नियमित जप रोगों तथा शत्रुओं से रक्षा करता है। तीसरा उपाय है, सेवा तथा परोपकार के कार्य करना। (Service and Charitable Work) निर्धनों, रोगियों अथवा जरूरतमंदों की सेवा करना गुरु ग्रह को शुभ फलदायी बनाता है।।

चौथा उपाय है, पीली वस्तुओं का दान करना। (Donation of Yellow-Colored Items) गुरुवार के दिन चने की दाल, हल्दी, गुड़ अथवा पीले वस्त्र का दान शुभ फलदायी माना जाता है। पाँचवा उपाय है, नियमित व्यायाम एवं संतुलित आहार लेना। (Regular Exercise and Balanced Diet) स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु नियमित व्यायाम तथा सात्त्विक भोजन अपनाना भी आवश्यक होता है।।

पुखराज रत्न धारण करने से भी गुरु के दुष्प्रभाव पर बहुत फर्क पड़ता है। परन्तु पुखराज रत्न धारण करने से पूर्व सावधानी रखना चाहिए। (Precautions Before Wearing Yellow Sapphire) पुखराज गुरु ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है। परंतु इसे बिना कुंडली विश्लेषण के धारण नहीं करना चाहिए। षष्ठ भाव में गुरु की स्थिति के अनुसार रत्न का प्रभाव अलग भी हो सकता है। अतः किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह अवश्य लें।।

उपरोक्त अनेकानेक उपाय हमने बताये हैं। इससे आपको लाभ अवश्य ही होगा। क्योंकि यहाँ पर गुरु का रत्न पुखराज के अतिरिक्त, स्वास्थ्य तथा वित्तीय निर्णयों में सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि यह ग्रह अनुशासन से ही अधिक प्रसन्न होता है।।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।। Frequently Asked Questions (FAQ).

Q 1. क्या गुरु षष्ठ भाव में शुभ माना जाता है? Is Jupiter Auspicious in the Sixth House.

उत्तर:- यहाँ गुरु सामान्यतः शत्रु-विजय की दृष्टि से ही शुभ माना जा सकता है। परंतु दुस्थान भाव होने के कारण इसके प्रभाव पर विद्वानों के मत भिन्न-भिन्न ही होता हैं।।

Q 2. क्या इस स्थिति में स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं? Are There Health Issues in This Position.

उत्तर:- हल्की स्वास्थ्य समस्याएँ संभव हैं। परंतु गुरु जातक को रोगों से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है।।

Q 3. क्या इस स्थिति में शत्रुओं पर विजय मिलती है? Does This Position Give Victory Over Enemies.

उत्तर:- हाँ, ऐसे जातक अपनी बुद्धिमत्ता से शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त करते ही हैं।।

Q 4. इस स्थिति के प्रमुख उपाय क्या हैं? What are the Main Remedies.

उत्तर:- गुरु के मंत्र का जप, सेवा-कार्य तथा पीली वस्तुओं का दान प्रमुख उपाय माने जाते हैं।।

Q 5. क्या पुखराज धारण करना चाहिए? Should One Wear Yellow Sapphire.

उत्तर:- पुखराज धारण करने से पहले किसी अनुभवी तथा विद्वान ज्योतिषी से कुंडली का विश्लेषण अवश्य कराना चाहिए।।

लेख का निष्कर्ष।। Conclusion.

मित्रों, वैदिक ज्योतिष के अनुसार षष्ठ भाव में गुरु जातक को शत्रुओं पर विजय, रोगों से लड़ने की क्षमता, ऋण-मुक्ति तथा सेवा-भावना प्रदान करता है। परंतु इसका षष्ठस्थ गुरु के संपूर्ण फलादेश नहीं मानना चाहिए।।

सम्पूर्ण फलादेश तो गुरु की राशि, अन्य ग्रहों की दृष्टि, षष्ठेश की स्थिति तथा संपूर्ण जन्मकुंडली के विश्लेषण के पश्चात ही निर्धारित किया जाता है। हाँ यह बात पूर्ण सत्य है, कि उचित उपायों को अपनाकर गुरु के शुभ फलों को बढ़ाया जा सकता है।।

#गुरु_ग्रह_षष्ठ_भाव_में_बैठा_हो_तो #गुरु_ग्रह #Jupiter_Planet #षष्ठ_भाव #Sixth_House #वैदिक_ज्योतिष #Vedic_Astrology #शत्रु_विजय #Victory_Over_Enemies #Balaji_Jyotish #बालाजी_ज्योतिष #Astro_Articles

ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे  YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं – Click Here & Watch My YouTube Channel.

इस तरह की अन्य बहुत सारी जानकारियों, ज्योतिष के बहुत से लेख, टिप्स & ट्रिक्स पढने के लिये हमारे ब्लॉग एवं वेबसाइट पर जायें तथा हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें, प्लीज – My facebook Page.

वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।

किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं ।।
 
संपर्क करें:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा ।।
 
WhatsAap & Call: +91 – 8690 522 111.
E-Mail :: astroclassess@gmail.com
Balaji Jyotish Kendra
Balaji Jyotish Kendrahttp://balajijyotish.com
Balaji Jyotish Kendra par Vedic Astrology, Kundli Analysis, Horoscope Reading aur Astro Remedies step-by-step. Online astrology classes, practical training aur expert guidance ke saath apni jyotish knowledge ko professional level tak Pahuchaye. Contact Us.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments