यदि किसी कन्या की कुंडली में मांगलिक दोष हो, तो विवाह से पहले करें ये उपाय।। Mangal Dosh Shanti Ke Upay. Kanya Ki Kundali Me Mangal Dosh Ka Upay.
हैल्लो फ्रेंड्सzzzzz…
मित्रों, हमारे ज्योतिष के लगभग सभी ग्रन्थ इस बात को स्वीकार करते हैं, कि – लग्ने व्यये च पाताले जामित्रे चाष्टमे कुजे। स्त्रीणाम् भर्तु विनाश: स्यात् पुंसां भार्या विनश्यति।। ये श्लोक वृहत् पाराशर होराशास्त्रम् का है। जिसका अर्थ है = अगर कुण्डली के प्रथम भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव तथा द्वादश भाव में अगर मंगल बैठा हो तो मंगल दोष होता है। अगर ऐसा कन्या की कुण्डली में हो, तो वर की मृत्यु निश्चित है तथा वर की कुण्डली में हो, तो कन्या की मृत्यु निश्चित हो जाती है।।
मित्रों, ये बात किसी का विवाह रोकने अथवा किसी की जिन्दगी की गति रोकने के लिए नहीं बताया और ना ही किसी को डराने के उद्देश्य से कहा गया है। अपितु ये एक अनुभव है हमारे ऋषियों का। उन्होंने ऐसा कई लोगों की कुण्डलियों को देखकर उनके जीवन पर अनुसन्धान किया तब ये निर्णय लेकर लिखा है। लेकिन केवल डराया ही नहीं अपितु हमें हमारे ऋषियों का कृतज्ञ होना चाहिए की उन्होंने इस विषय पर अन्दर तक जाकर इसकी निवृत्ति का उपाय ढूंढा। हमें इस विषय का तोड़ निकालकर हमें दिया, ताकि हम इस दुर्धर्ष दोष से बच सकें।।
तो आइये आज आपलोगों को इस भयंकर दोष से बचने का कुछ अचूक उपाय बताते हैं, जो हमारे पूर्वज ऋषियों ने हमें बताया है। क्योंकि ऐसा हो नहीं सकता की सबकुछ हमारे अनुकूल ही हो। और अगर ऐसा न हो तो हम शास्त्रों को बीच में रखकर किसी का मन तो नहीं तोड़ सकते न? इसलिए जिन पति-पत्नी की कुण्डली मिलाने पर गुण भी पर्याप्त नहीं मिलता तथा किसी एक की कुण्डली में मंगल दोष भी हो। पर बच्चे आपस में एक दुसरे को पसंद करते हों तथा परिवारों की भी सहमति हो तो इस प्रकार का उपाय करके विवाह कर सकते हैं।।
१.गुप्त रुप से पीपल वृक्ष से विवाह करने के पश्चात जिस वर की कुण्डली में मंगल दोष ना हो, उसके साथ भी कन्या का विवाह किया जा सकता है। इसके पीछे का रहस्य यह है, कि यह मंगल दोष प्रथम विवाह पर ही घटित होता है। और ऐसा करने पर पीपल वृक्ष या उसके अन्दर विराजमान श्रीमन्नारायण की तो कभी मृत्यु संभव ही नहीं है। और दूसरा विवाह किसी भी सामान्य व्यक्ति से कर सकते हैं, ऐसा करने से मंगल दोष का कोई दुष्प्रभाव नही होता। तथा जीवन में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आयेंगी।।
२.मंगल दोष का सबसे बड़ा दोष ये है, कि इसके वजह से जातक के विवाह में जरुरत से ज्यादा विलम्ब होता है। ऐसी अवस्था में नित्य ही जातक को कार्तिकेय भगवान की पूजा पूरी निष्ठा से करनी चाहिए। इससे आपके विवाह में हो रहे विलम्ब से छुटकारा मिलेगा और विवाह शीघ्र हो जायेगा।।
३.मंगल दोष निवारण हेतु ये एक और भी बहुत ही प्रभावी टोटका है। जिसके करने से भी बहुत लाभ होता है। अब आपको करना ये है, कि किसी भी मंगलवार को लगभग 70 सेंटीमीटर लाल कपड़ा लेकर। उसमें लाल मसूर की दाल, रक्त चन्दन, लाल पुष्प तथा मिष्ठान सहित सबको उस कपड़े में बांधकर किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें। मंगल ग्रह के अरिष्टों से मुक्ति मिलती ही है, ऐसा कहा गया है।।
४.मित्रों, अब अंतिम में एक सहज, सरल एवं प्रभावी उपाय बताते हैं। मंगल दोष निवारण हेतु सोना चांदी और ताबां मिश्रित त्रिघातु का छल्ला अनामिका अंगुली में धारण करे, अकल्पनीय लाभ होगा।।
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