बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।
पञ्चांग, Panchang, आज का पञ्चांग, Aaj ka Panchang, Panchang 2026,
आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 08 अगस्त 2026 दिन शनिवार।।
हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।
मेरे प्रियात्मनों, यह वेबसाईट बिलकुल नि:शुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको हमारे लेख पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप स्वयं हमारे साईट पर विजिट करें एवं अपने सभी सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं।।
।। पधारने हेतु भागवत प्रवक्ता – स्वामी धनञ्जय महाराज की ओर से आपका ह्रदय से धन्यवाद। आप का आज का दिन मंगलमय हो। अपने गाँव, शहर अथवा सोसायटी में भागवत कथा के आयोजन हेतु कॉल – 9375288850 करें या इस लिंक को क्लिक करें।।
वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).
पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

आज का पञ्चांग 08 अगस्त 2026 दिन शनिवार।।
Aaj ka Panchang 08 August 2026.
विक्रम संवत् – 2083.
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – रौद्र.
शक – 1948.
अयन – सौम्यायनम्.
गोल – याम्य.
ऋतु – ग्रीष्म.
मास – श्रावण.
पक्ष – कृष्ण.
गुजराती पंचांग के अनुसार – आषाढ़ कृष्ण पक्ष.
#Panchang_08_August_2026
तिथि – दशमी 14:00 PM बजे तक उपरान्त एकादशी तिथि है।।
नक्षत्र – रोहिणी 16:52 PM तक उपरान्त मृगशिरा नक्षत्र है।।
योग – ध्रुव 09:03 AM तक उपरान्त व्याघात योग है।।
करण – वणिज 03:22 AM तक उपरान्त विष्टि 14:00 PM तक उपरान्त बव करण है।।
चन्द्रमा – वृषभ राशि पर।।
सूर्य – कर्क राशि एवं आश्लेषा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।
मुम्बई सूर्योदय – प्रातः 06:16:52
मुम्बई सूर्यास्त – सायं 19:10:15
वाराणसी सूर्योदय – प्रातः 05:28:35
वाराणसी सूर्यास्त – सायं 18:32:52
राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:30 बजे से 11:07 बजे तक।।
विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12.32 बजे से 12.56 बजे तक।।
#Panchang_08_August_2026
दशमी तिथि विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।।
दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।।
#Panchang_08_August_2026
रोहिणी नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति सदा दूसरों में गलतियां ढूँढता रहता है। आप कोई भी ऐसा मौका हाथ से नहीं जाने देते जिसमें कि सामने वाले की त्रुटियों की चर्चा आप न करें। आप शारीरिक रूप से कमज़ोर होते हैं इसलिए कोई भी छोटी से छोटी मौसमी बदलाव के रोग भी आपको अक्सर जकड लेते हैं। आप एक ज्ञानी परन्तु स्त्रियों में आसक्ति रखने वाले होतें हैं।।
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक सुन्दर एवं मीठा बोलने वाले होते हैं। आप घर और कार्य क्षेत्र में व्यवस्थित रहना ही पसंद करते हैं। आपको गन्दगी से बेहद नफरत होता है। घर का सामान भी आप सुव्यवस्थित ढंग से रखना पसंद करते हैं। स्वभाव से कोमल और सौन्दर्य के प्रति लगाव आपके प्रमुख गुणों में से एक होता है। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चन्द्रमा है। इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे जातक स्त्रियों में विशेष आसक्ति रखते हैं।।
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक कभी-कभी बहुत ही कोमल और विनम्र स्वभाव के दीखते हैं तो कभी कठोर और अभद्र। अपने प्रियजनों की मदद के लिए सदा तत्पर रहतें हैं और कठिन से कठिन परिस्तिथियों में भी पीछे नहीं हटते। यदि आपको कोई कष्ट पहुंचाए तो आप उग्र रूप ले लेते हैं और किसी को भी अपने ऊपर हावी नहीं होने देते। आप दिमाग की अपेक्षा दिल की सुनते हैं।।
आप न तो योजनाबद्ध तरीके से चलते हैं और न ही बहुत लम्बे समय तक एक ही राह पर चलना पसंद करते हैं। अपने इसी दृष्टिकोण के कारण आप जीवन में अनेकों बार कठिनाईयों को झेलते हैं। आप मानवता में विश्वास रखते हैं परन्तु अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण आप चोट पहुंचाने वालों को कभी क्षमा नहीं करते। स्वतंत्र सोच और धैर्य की कमी के कारण जीवन में आप बहुत बार निराशा का सामना करते हैं।।
सभी प्रकार के कार्यों में भाग्य आज़माना आपके लिए संकट की स्तिथि पैदा कर सकता है। दूसरों पर आँखे बंद कर के विश्वास कर लेना आपके स्वभाव में है। परन्तु व्यवसायिक क्षेत्र में यह स्वभाव आपको बहुत हानि पहुंचाएगा। 18 से 36 वर्ष का समय आपके लिए सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य के लिए संघर्ष पूर्ण रहेगा। परन्तु 36 से 50 वर्ष तक का समय आपके लिए शुभ होगा।।
पिता की अपेक्षा माता या मातृपक्ष से आपका अधिक स्नेह रहेगा। वैवाहिक जीवन में भी उतार चढ़ाव बना रहेगा। रोहिणी नक्षत्र में जन्मी महिलाएं दुबली पतली परन्तु विशेष रूप से आकर्षक होती हैं। सदा अपने से बड़ों और माता पिता की आज्ञाकारिणी होती हैं। आप अपने रहने और खाने पीने में सदा सतर्क और सावधान रहती हैं। पति के साथ सहमति बनाए रखना आपका स्वभाव है।।
इसलिए आपके वैवाहिक सम्बन्ध मधुर ही होते हैं। आपकी संतान पुत्र और पुत्री दोनों ही होते हैं। आप एक धनवान और ऐश्वर्यशाली जीवन व्यतीत करते हैं। विशाल आँखें बहुत ही खुबसूरत एवं आकर्षण का केन्द्र होता है। ज्यादातर रोहिणी नक्षत्र के जातकों को मुंह, गले, जीभ एवं गर्दन से सम्बंधित रोग होने की संभावनायें होती हैं।।
प्रथम चरण:- रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चन्द्रमा हैं तथा राशि स्वामी शुक्र माना जाता हैं। इसके प्रथम चरण का स्वामी ग्रह मंगल हैं। रोहिणी नक्षत्र के पहले चरण में जन्म होने के कारण जातक सौभाग्यशाली होगा। चन्द्रमा और मंगल की मित्रता के कारण धन एवं ख्याति भी मिलता है। चन्द्रमा एवं मंगल की दशा-अन्तर्दशा में जातक की उन्नत्ति होगी। लग्नेश शुक्र की दशा उन्नति में विशेष सहायक होगी।।
द्वितीय चरण:- रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चन्द्रमा हैं तथा राशि स्वामी शुक्र माना जाता हैं। इसके द्वितीय चरण का स्वामी ग्रह शुक्र हैं। रोहिणी नक्षत्र के दूसरे चरण में जन्म होने के कारण जातक को कुछ न कुछ पीड़ा बनी रहेगी। शुक्र की दशा-अन्तर्दशा में जातक की विशेष उन्नत्ति होगी।।
तृतीय चरण:- रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चन्द्रमा हैं तथा राशि स्वामी शुक्र माना जाता हैं। इसके तृतीय चरण का स्वामी ग्रह बुध हैं। रोहिणी नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्म होने के कारण जातक डरपोक और भावुक होगा। चन्द्र एवं बुध की दशा अशुभ परन्तु लग्नेश शुक्र की दशा-अन्तर्दशा में जातक की विशेष उन्नत्ति होगी।।
चतुर्थ चरण:- रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चन्द्रमा हैं तथा राशि स्वामी शुक्र माना जाता हैं। इसके चतुर्थ चरण का स्वामी ग्रह चन्द्रमा हैं। रोहिणी नक्षत्र के चौथे चरण में जन्म होने के कारण जातक सत्यवादी एवं सौन्दर्य प्रेमी होगा। चन्द्रमा की दशा शुभ फल देगी एवं शुक्र की दशा-अन्तर्दशा में जातक की विशेष उन्नत्ति होगी।।
#Panchang_08_August_2026
शनिवार को जूते-चप्पल, लोहे की बनी वस्तुयें, नया अथवा पुराना भी वाहन नहीं खरीदना चाहिये एवं नए कपड़े न खरीदना और ना ही पहली बार पहनना चाहिये।।
शनिवार का विशेष – शनिवार के दिन तेल मर्दन “मालिश” करने से हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती हैं – (मुहूर्तगणपति)।।
शनिवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से आयुष्य की हानि होती है। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।
शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।।
दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।।
Panchang 08 August 2026
जिस व्यक्ति का जन्म शनिवार को होता है उस व्यक्ति का स्वभाव कठोर होता है। ये पराक्रमी एवं परिश्रमी होते हैं तथा इनके ऊपर दु:ख भी आये तो ये उसे भी सह लेना जानते हैं। ये न्यायी एवं गंभीर स्वभाव के होते हैं तथा सेवा करना इन्हें काफी पसंद होता है।।
शनिवार को जन्म लेनेवाले जातक कुछ सांवले रंग के, साहसी, मैकेनिक अथवा चिकित्सक होते हैं। इनमें से कुछ अपने कार्य में सुस्त भी होते हैं, जैसे देर से जागना, देर तक सोना भी इनकी आदतों में शुमार होता है। पारिवारिक जिम्मेदारियां भी शुद्ध रहती है इसलिये ये एक मेहनतकश इंसान होते हैं। सफलता के मार्ग में रूकावटों का भी सामना करना पड़ता है।।
शनिवार को जन्मलेनेवाले जातकों के स्वभाव में साहस लक्षित होता है। सफलता के मार्ग में लाख रुकावटें आए, लेकिन ये इसे पार करके ही रहते हैं। ऐसे लोग अधिकांशतः सांवले रंग के होते हैं। इन जातकों को अपने कैरियर के लिये डॉक्टपर, इंजीनियर तथा मैकेनिक के क्षेत्र का चयन करना चाहिये। इनका शुभ अंक 3, 6 और 9 तथा इनका शुभ दिन शनिवार और मंगलवार होता है।।
आज का सुविचार – मित्रों, रात लम्बी और काली हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि सुबह होगी ही नहीं। ठीक उसी तरह असफलता का दौर लम्बा हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब ये कतई नहीं होता कि आपको अब कभी सफलता मिलेगी ही नहीं।।
Panchang 08 August 2026
शनि देव मेहरबान हों तो इंजीनियर और चार्टर्ड एकाउंटेंट बनाते है।।…. आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें: & ब्लॉग पर पढ़ें: