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पञ्चांग 12 अगस्त 2026 दिन बुधवार।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 12 अगस्त 2026 दिन बुधवार।।

मित्रों, तारीख 12 अगस्त 2026 दिन बुधवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। गुजरात में हरियाली अमावस्या और महाराष्ट्र में यह दिन विशेष रूप से गटारी अमावस्या के नाम से मनाया जाता है। गुजरात में कई स्थानों पर इसे दिवासो या हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है। गटारी अमावस्या महाराष्ट्र का प्रमुख लोक-पर्व है विशेषकर ग्रामीण और कृषि-समुदायों में। आज पितृ तर्पण, श्राद्ध और स्नान-दान आदि की अमावस्या है। कुछ पंचांगों में इस दिन अन्वाधान और इष्टि भी कहा गया है। गुजरात-महाराष्ट्र में इस गटारी अथवा हरियाली अमावस्या के बाद श्रावण मास का आरंभ माना जाता है। क्योंकि महाराष्ट्र और गुजरात में अमांत पंचांग प्रचलित है। वहीं उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में 12 अगस्त को श्रावण कृष्ण अमावस्या ही है। यह अमावस्या शुभ वर अर्थात बुधवार की होने से सुभिक्ष का योग बन रहा है। आप सभी सनातनियों को “दिवासों और हरियाली अमावस्या के पर्व” की हार्दिक शुभकामनायें।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

पञ्चांग 12 अगस्त 2026 दिन बुधवार।। Panchang 12 August 2026

आज का पञ्चांग 12 अगस्त 2026 दिन बुधवार।।
Aaj ka Panchang 12 August 2026.

विक्रम संवत् – 2083.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – रौद्र.

शक – 1948.

अयन – सौम्यायनम्.

गोल – याम्य.

ऋतु – ग्रीष्म.

मास – श्रावण.

पक्ष – कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – आषाढ़ कृष्ण पक्ष.

Panchang 12 August 2026

तिथि – अमावस्या 23:08 PM बजे तक उपरान्त प्रतिपदा तिथि है।।

नक्षत्र – पुष्य 08:00 AM तक उपरान्त आश्लेषा नक्षत्र है।।

योग – व्यतिपात 15:27 PM तक उपरान्त वरियान योग है।।

करण – चतुष्पद 12:29 PM तक उपरान्त नाग 23:08 PM तक उपरान्त किन्स्तुघ्न करण है।।

चन्द्रमा – कर्क राशि पर।।

सूर्य – कर्क राशि एवं आश्लेषा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।

मुम्बई सूर्योदय – प्रातः 06:18:09

मुम्बई सूर्यास्त – सायं 19:07:46

वाराणसी सूर्योदय – प्रातः 12:30:47

वाराणसी सूर्यास्त – सायं 18:30:35

राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 12:43 बजे से 14:20 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12:31 बजे से 12:55 बजे तक।।

Panchang 12 August 2026

अमावस्या तिथि विशेष – अमावस्या को मैथुन त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि मानी जाती है। अर्थात इस अमावस्या तिथि के स्वामी पितृगणों को बताया गया है। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।

मित्रों, अमावस्या तिथि को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। कहा जाता है, कि आज अमावस्या को किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस अमावस्या तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।।

ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।।

विशेष ज्ञान – मित्रों, रविवार कि सप्तमी, सोमवार कि सोमवती अमावस्या (अथवा किसी दिन की भी अमावस्या हो), मंगलवार कि चतुर्थी और बुधवार कि अष्टमी। इन चारों तिथियों में किया गया मन्त्र जप सिद्ध हो जाता है। इनमें किया गया श्राद्ध-तर्पण, तीर्थ स्नान एवं दान अक्षय हो जाता है, क्योंकि इन तिथियों को सूर्यग्रहण के बराबर पुण्यदायिनी माना गया है।। (शिवपुराण, विद्येश्वर संहिता, अध्याय – 10.)

मित्रों, अमावस्या तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति चतुर एवं कुटिल होता है। इनके मन में दया के भावनाओं की बहुत ही कमी होती है। इनके स्वभाव में ईर्ष्या अर्थात दूसरों से जलने की प्रवृति होती है। इनके व्यवहार एवं आचरण में कठोरता दिखाई देती है। ये दीर्घसूत्री अर्थात किसी भी कार्य को पूरा करने में काफी समय लगाते हैं।।।

Panchang 12 August 2026

पुष्य नक्षत्र  के जातकों का  गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म पुष्य नक्षत्र में हुआ है तो आपमें नित नए काम करने की प्रवृत्ति बनी रहेगी। हर बार नए काम की खोज और परिवर्तन आपसे अधिक परिश्रम भी कराएगा। कठिन परिश्रम करने पर भी आपको सफलता आसानी से नहीं मिलेगी और फल प्राप्ति में अक्सर देरी हो जाती है। परन्तु आपको निराश होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आपकी बुद्धि बहुत तेज़ है और आगे बढ़ने के रास्ते भी खोज लेती है। आपके स्वभाव में भावुकता अधिक होने के कारण किसी भी कार्य की गहराई तक आप नहीं पहुँच पाते हैं।।

अधिक भावुकता के कारण आप एक अच्छे और सच्चे प्रेमी होते हैं। किसी भी सम्बन्ध को बीच में छोड़ना आपकी प्रकृति में नहीं है। आप किसी से प्रेम करेंगे तो पूरे तन मन धन से उसके हो जायेंगे। इसी प्रकार आप दोस्ती भी निभाएंगे। मित्रों को सहयोग देने में आप कभी पीछे नहीं हटते और न ही अपने स्वार्थ की चिंता करते है। आप स्वभाव से चंचल होंगे तथा जलप्रिय होने के कारण आपको तैरना भी बहुत पसंद होगा।।
 
पुष्य नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति सचेत रहता है और अथक प्रयासों द्वारा शीघ्र ही अपनी मंजिल पा लेता है। आप अति साहसी किन्तु अति भावुक भी होते हैं। तीव्र बुद्धिशाली और बुद्धि के मामलों में आप किसी पर विश्वास नहीं करते। वाकपटुता एवं बातों ही बातों में सामने वाले को मोहित करके अपना काम निकलवाना आपको आपको भली भाँती आता है।।

चन्द्रमा की चाँदनी आपको बहुत अधिक आकर्षित करती है। कल्पनाशील होने के कारण आप एक अच्छे लेखक, सुन्दर कवी, महान दार्शनिक एवं उच्च कोटि के साहित्यकार एवं भविष्यवक्ता भी हो सकते हैं। आप मन से शांत एवं धार्मिक स्वभाव के होंगे। अपने क्षेत्र के पंडित एवं विद्वान् होने के साथ-साथ भाग्यशाली और धनि भी होंगे। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है परन्तु इसके गुण गुरु तुल्य बताये गये है। ईश्वर में पूर्ण आस्था, भाई बहनों से स्नेहपूर्ण सम्बन्ध एवं अपने से बड़ो का आदर सम्मान आपके स्वभाव में होगा।।

पुष्य नक्षत्र में जन्मी महिलाएं भी बहुत धार्मिक विचारों वाली होती हैं। हर प्रकार के कार्यों में रूचि दिखाना इनके स्वभाव में होता है। यह विशाल ह्रदय वाली तथा दयाभाव रखने वाली होती हैं। पुष्य नक्षत्र में जन्मे जातक हमेशा अभ्यासी पाए जाते हैं। इनको फेफड़ों एवं छाती से सम्बंधित रोग, कफ, पीलिया आदि होने की संभावनायें होती है।।

प्रथम चरण:- पुष्य नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी सूर्य देवता हैं। पुष्य नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्मा व्यक्ति भाग्यशाली होता है एवं यात्राओं द्वारा धन अर्जित करता है। अपनी प्रतिभा के कारण उच्च वाहन, विशाल भवन, पद एवं प्रतिष्ठा को प्राप्त करता है।।

द्वितीय चरण:- पुष्य नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी बुध हैं। पुष्य नक्षत्र के दूसरे चरण में जन्मा व्यक्ति एक से अधिक स्रोतों से धन अर्जित करता है। अपनी वाक्पटुता के कारण पक्ष विपक्ष दोनों से ही मधुर सम्बन्ध बना कर रखता है।।

तृतीय चरण:- पुष्य नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शुक्र देवता हैं। पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्मा व्यक्ति विद्यावान होता है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर कई शैक्षणिक उपाधियाँ प्राप्त करता है। ऐसा जातक जिस भी कार्य में हाथ डालता है उसे सफलता अवश्य मिलती है।।

चतुर्थ चरण:- पुष्य नक्षत्र के चौथे चरण का स्वामी मंगल देवता हैं। पुष्य नक्षत्र के चौथे चरण में जन्मा व्यक्ति धार्मिक स्वभाव वाला होता है। अतः जातक धार्मिक और परोपकारी कार्यों में पूर्ण रूचि दिखाते हैं। ऐसा जातक जिस भी कार्य में हाथ डालता है उसे सफलता अवश्य मिलती है।।

Panchang 12 August 2026

आज बुधवार के दिन यह सावधानी अवश्य रखें:- बुधवार को बालों से संबंधित कोई भी वस्तु न खरीदें, टूथ ब्रश आदि भी नहीं खरीदना चाहिए। बुधवार के दिन दूध की खीर या अन्य कोई व्यंजन जिसमें दूध जलने की संभावना हो नहीं बनाना चाहिए। अगर हो सके तो आज के दिन दूध न उबालें। बुधवार के दिन किसी को उधार पैसे न दें। इससे आपको धन संबंधित परेशानी हो सकती है।।

आज बुधवार के दिन ये विशेष उपाय करें – बुधवार गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी का दिन है। इसलिये आज के दिन इनकी पूजा का विशेष महत्त्व होता है। आज के दिन गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

अगर आपकी कुण्डली में बुध अच्छा हो तो इन कार्य क्षेत्र में आपको सफलता सहजता से मिल सकती है। बुधवार को भी इन कामों को करना चाहिए। जिससे आपके जीवन में सफलता प्राप्त हो जाएगी।।

ज्योतिष, शेयर, दलाली जैसे कार्यों के लिए भी यह दिन शुभ माना गया है। सिंदूर का तिलक या टीका लगाएं। इस दिन पूर्व, दक्षिण और नैऋत्य दिशा में यात्रा कर सकते हैं। इस दिन धन जमा करने से धन में बरकत होती है। माता दुर्गा के मंदिर जाना चाहिए। इस दिन किसी कन्या को साबुत बादाम भी दान में देना चाहिए।।

बुधवार का विशेष – बुधवार के दिन तेल मर्दन अथवा मालिश करने से माता लक्ष्मी प्रशन्न होती हैं और धनलाभ होता है – (मुहूर्तगणपति)।।

बुधवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से धन एवं पूण्य का लाभ होता है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।।

Panchang 12 August 2026

मित्रों, बुधवार को जन्म लेने वाले व्यक्ति मधुर वाणी बोलने वाले होते हैं। इस तिथि के जातक पठन पाठन में रूचि रखते हैं और ज्ञानी होते हैं। ऐसे लोगों का लेखन में अत्यधिक रूचि होती है और अधिकांशत: इसे अपनी जीवका का साधन भी बना लेते हैं। ये जिस विषय का चयन करते हैं उसके अच्छे जानकार होते हैं। इनके पास धन तो होता है परंतु ऐसे लोग धोखेबाज भी होते हैं।।

ऐसे जातक सामन्य रंग-रूप, बुद्धिमान, लेखक, पत्रकार, प्रकाशक एवं द्विस्वभाव के होते हैं। किसी एक कार्य को न कर अनेक कार्य में जुटे होते हैं। वैसे शान्तिप्रिय रहना इनका स्वभाव होता है। अधिकांशतः मार्केटिंग के क्षेत्र में ऐसे लोगों को उत्तम सफलता मिलती है। बुधवार को जन्म लेने वाले हमेशा असमंजस के शिकार रहते हैं। वह एक समय कई कार्यों पर हाथ आजमाने की कोशिश करते हैं, कई बार सफलता मिल भी जाती है और कई बार गिरते भी हैं।।

इनमें छल-कपट नहीं होता और कई बार तो ये दूसरों की गलतियां खुद पर तक ले लेते हैं। इनको लेखन, पत्रकारिता, प्रकाशन, बैंकिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में अपना किस्मत आजमाना चाहिये। इन क्षेत्रों में इन्हें अच्छी सफलता की संभावना होती है। इनके लिये बुधवार एवं शुक्रवार का दिन भाग्यवर्धक होता है तथा 3 और 6 इनका लकी नम्बर होता है।।

आज का सुविचार – मित्रों, यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा “आप” शब्द का, उसके बाद “हम” शब्द का और सबसे कम “मैं” शब्द का प्रयोग करना चाहिए। इस संसार में कोई किसी का हमदर्द नहीं होता, लाश को शमशान में रखकर अपने लोग ही पुछ्ते हैं.. और कितना वक़्त लगेगा।।

Panchang 12 August 2026

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Panchang 12 August 2026

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