Home Panchang पञ्चांग 12 नवम्बर 2026 दिन गुरुवार।।

पञ्चांग 12 नवम्बर 2026 दिन गुरुवार।।

पञ्चांग 12 नवम्बर 2026 दिन गुरुवार।। Panchang 12 November 2026

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

पञ्चांग, Panchang, आज का पञ्चांग, Aaj ka Panchang, Panchang 2026,
आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 12 नवम्बर 2026 दिन गुरुवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

मेरे प्रियात्मनों, यह वेबसाईट बिलकुल नि:शुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको हमारे लेख पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप स्वयं हमारे साईट पर विजिट करें एवं अपने सभी सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं।।

।। पधारने हेतु भागवत प्रवक्ता – स्वामी धनञ्जय महाराज की ओर से आपका ह्रदय से धन्यवाद। आप का आज का दिन मंगलमय हो। अपने गाँव, शहर अथवा सोसायटी में भागवत कथा के आयोजन हेतु कॉल – 9375288850 करें या इस लिंक को क्लिक करें।।

वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

पञ्चांग 12 नवम्बर 2026 दिन गुरुवार।। Panchang 12 November 2026

आज का पञ्चांग 12 नवम्बर 2026 दिन गुरुवार।।
Aaj ka Panchang 12 November 2026.

विक्रम संवत् – 2083.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – रौद्र.

शक – 1948.

अयन – सौम्यायनम्.

गोल – याम्य.

ऋतु – शरद.

मास – कार्तिक.

पक्ष – शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार – कार्तिक शुक्ल पक्ष.

#Panchang_12_November_2026

तिथि – तृतीया 18:10 PM बजे तक उपरान्त चतुर्थी तिथि है।।

नक्षत्र – ज्येष्ठा 14:19 PM तक उपरान्त मूल नक्षत्र है।।

योग – अतिगण्ड 03:41 AM तक उपरान्त सुकर्मा योग है।।

करण – तैतिल 05:00 AM तक उपरान्त गर 18:10 PM तक उपरान्त वणिज करण है।।

चन्द्रमा – वृश्चिक राशि पर 14:19 PM तक उपरान्त धनु राशि पर।।

सूर्य – तुला राशि एवं स्वाति नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।

मुम्बई सूर्योदय – प्रातः 06:46:54

मुम्बई सूर्यास्त – सायं 17:57:05

वाराणसी सूर्योदय – प्रातः 06:34:39

वाराणसी सूर्यास्त – सायं 17:26:45

राहुकाल (अशुभ) – सुबह 13:46 बजे से 15:10 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12.10 बजे से 12.34 बजे तक।।

#Panchang_12_November_2026

तृतीया तिथि विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।।

तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।।

मित्रों, तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।।

#Panchang_12_November_2026

ज्येष्ठा नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म ज्येष्ठा नक्षत्र में हुआ है तो आप दृढ निश्चयी और मज़बूत व्यक्तित्व के स्वामी है। आप नियम से जीवन व्यतीत करना पसंद करते हैं। आपकी दिनचर्या सैनिकों की तरह अनुशासित और सुव्यवस्थित होती है। आप शारीरिक रूप से गठीले और मज़बूत होते हैं तथा कार्य करने में सैनिकों के समान फुर्तीले होते हैं।।

किसी के बारे में आपके विचार शीघ्र नहीं बदलते और दूसरों को आप हठी प्रतीत होतें है। आप एक बुद्धिमान और बौधिक विचारधारा पर चलने वाले व्यक्ति हैं। आप बुद्धिमान व्यक्तियों का सम्मान करते हैं और सदैव सच्चे लोगो के बीच रहना पसंद करते हैं। आप अपने हठीले स्वभाव के कारण जीवन में कई बार कठिनाईयों का सामना भी करते हैं। आप अपने विचारों पर इतना दृढ रहते हैं की आपको बदलते हुए समय और स्तिथियों के अनुसार ढालना बहुत कठिन कार्य है।।

आप अपने साथ बहुत साजो सामान रखना पसंद नहीं करते जबकि ओरों को आप घमंडी प्रतीत होते है। वास्तविकता इसके बिलकुल उलट होती है। आप ह्रदय से एकदम सच्चे और पवित्र होते है। आपकी सबसे बड़ी कमी है, किसी भी राज़ को आप राज़ नहीं रहने देते। चाहे फिर वह आपका अपना हो या किसी और का। ज्येष्ठा नक्षत्र के जातकों को अक्सर शराब या नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए देखा गया है।।

क्योंकि आपमें स्तिथियों से निपटने की अंदरूनी ताकत नहीं होती है। दिखावे में आपका विश्वास नहीं है इसलिए आपके मित्र भी बहुत कम होते हैं। आप बहुत कम उम्र से ही कमाने लग जाते हैं और आजीवन किसी की मदद लेना पसंद नहीं करते हैं। करियर के कारण आप अपने घर से दूर रहते हैं और 18 से 26 वर्ष तक बहुत से व्यवसाय बदलते हुए आगे बढ़ते हैं।।

अधिक बदलाव के कारण धन की कमी भी आपको होती है। 27 वर्ष के बाद कुछ स्थिरता आती है और आप अपनी मेहनत और लगन के कारण तरक्की पाते हैं। ज्येष्ठा नक्षत्र के जातक अपने जीवन साथी के कारण सुख और ख़ुशी का अनुभव करते हैं। परन्तु पति/पत्नी के रोगी होने पर उनसे दूरी बनाना इनके लिए मजबूरी बन जाता है। ज्येष्ठा नक्षत्र की जातिका स्वभाव से झगडालू एवं जिद्दी होती है।।

ज्येष्ठा नक्षत्र की जातिकाओं में घात लगाकर सामने वाले से बदला लेने का स्वभाव होता है। अपनी कर्कश जुबान और तीखे व्यक्तित्व के कारण समाज में अक्सर इनकी निंदा की जाती है। ज्येष्ठा नक्षत्र का जातक अक्सर दूसरों को मुसीबत में देखकर आनंद उठाने वाला होता है। ज्येष्ठा नक्षत्र के जातकों को अक्सर हाथ और कन्धों के जोड़ों का दर्द, आंत से सम्बंधित रोग तथा खांसी जुकाम जैसे रोगों का सामना करना पड़ता है।।

प्रथम चरण:- ज्येष्ठा नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी बृहस्पति होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक क्रूर होता है। बृहस्पति लग्नेश मंगल का शत्रु है तथा नक्षत्र स्वामी बुध का भी शत्रु है। अतः बुध या मंगल की दशा में बृहस्पति की अन्तर्दशा अशुभ फल ही देती है। बृहस्पति की अपनी दशा शुभ फलदायी होगी। मंगल की दशा-अन्तर्दशा शुभ फलों से परिपूर्ण होगी।।

द्वितीय चरण:- ज्येष्ठा नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी बुध होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक भोग और विलासितापूर्ण जीवन जीता है। इस चरण का स्वामी बुध है तथा नक्षत्र स्वामी भी बुध होने के कारण बुध की दशा उत्तम फल देती है। बुध में मंगल का अंतर या मंगल में बुध का अंतर कष्टदायी होता है।।

तृतीय चरण:- ज्येष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शनि होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक विद्वान् व्यक्ति होगा। शनि लग्नेश मंगल का शत्रु है परन्तु बुध का मित्र है। अतः शनि में बुध का अंतर या बुध में शनि का अंतर शुभ फलदायी होता है। लग्नेश मंगल की दशा-अन्तर्दशा शुभ फल देनेवाली होती है।।

चतुर्थ चरण:- ज्येष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी शुक्र होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मे जातक को पुत्र सुख अवश्य प्राप्त होता है। शुक्र लग्नेश मंगल का मित्र है परन्तु बुध का शत्रु है। अतः शुक्र की दशा मिश्रित फल देगी और बुध की दशा अत्यंत शुभ फल देगी। मंगल की दशा भी शुभ फलदायी होगी।।

#Panchang_12_November_2026

गुरुवार शॉपिंग के लिये अच्छा दिन माना जाता है।।

गुरुवार का विशेष – गुरुवार के दिन तेल मर्दन करने से धन एवं यश की हानि होती है – (मुहूर्तगणपति)।।

गुरुवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से तथा सर के बाल धोना, कपड़े धुलना अथवा धोबी के घर डालना, घर-आँगन की गोबर आदि से लिपाई करना इस प्रकार के कार्य नहीं करने चाहियें इससे धन एवं पूण्य की हानी होती है और लक्ष्मी घर छोड़कर चली जाती है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

महिलाओं की जन्मकुंडली में बृहस्पति पति का कारक ग्रह होता है। साथ ही बृहस्पति ही संतान का कारक ग्रह भी होता है। इसलिये बृहस्पति ग्रह अकेले ही स्त्री के संतान और पति दोनों के जीवन को प्रभावित करता है। अतः बृहस्पतिवार को सिर धोना बृहस्पति को कमजोर बनाता है जिससे कि बृहस्पति के शुभ प्रभाव में कमी आती है। इसी कारण से इस दिन बाल धोना या कटवाना भी नहीं चाहिए। इसका असर संतान और पति के जीवन पर पड़ता है और उनकी उन्नति बाधित होती है।।

वास्तु अनुसार घर के ईशान कोण का स्वामी गुरु होता है। ईशान कोण का संबंध परिवार के नन्हे सदस्यों यानी कि बच्चों से होता है। साथ ही घर के पुत्र संतान का संबंध भी इसी कोण से ही होता है। ईशान कोण धर्म और शिक्षा की दिशा है इसलिये घर में शुद्ध वजन वाले कपड़ों को धोना, कबाड़ घर से बाहर निकालना, घर को धोना या पोछा लगाना इत्यादि घर के ईशान कोण को कमजोर करता है। उससे घर के बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर गुरु का शुभ प्रभाव कम होता है।।

#Panchang_12_November_2026

गुरुवार भगवान लक्ष्मी नारायण का दिन होता है। इसलिये इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन करने से जीवन में अपार खुशियाँ आती है। इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन करने से पति-पत्नी के बीच कभी दूरियाँ नहीं आती है साथ ही धन की वृद्धि भी होती है। जन्मकुंडली में गुरु ग्रह के प्रबल होने से उन्नति के रास्ते आसानी से खुलते हैं। परन्तु यदि गुरु ग्रह को कमजोर करने वाले कार्य किए जाए तो प्रमोशन होने में भी रुकावटें आती है।।

गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है। जैसे – सिर के बाल धोना, भारी कपड़े धोना, बाल कटवाना, शेविंग करवाना, शरीर के बालों को साफ करना, फेशियल करवाना, नाखून काटना, घर से मकड़ी के जाले साफ करना, घर के उन कोनों की सफाई करना जिन कोनों की रोज सफाई नहीं की जाती हो। ये सभी काम गुरुवार को करने से धन हानि होता है तथा तरक्की रुक जाती है।।

दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।।

गुरुवार के दिन ये विशेष उपाय करें – गुरु धन एवं प्रतिष्ठा का कारक ग्रह होता है। जिस व्यक्ति पर गुरु की कृपा होती है उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है। गुरुवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान ध्यान करें और घी का दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करें। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें बिगड़े काम भी बन जायेंगे।।

#Panchang_12_November_2026

बृहस्पतिवार को जिनका जन्म होता है, वह व्यक्ति विद्या एवं धन से युक्त होता है अर्थात ये ज्ञानी और धनवान होते हैं। ये विवेकशील होते हैं और शिक्षण को अपना पेशा बनाते हैं। ये लोगों के सम्मुख आदर और सम्मान के साथ प्रस्तुत होते हैं तथा उच्च स्तर के सलाहकार भी होते हैं। गुरुवार में जन्मे जातक सभ्य, खिलते रंग के, सुशील एवं मधुर स्वभाव के होते हैं तथा धर्म के प्रति सचेत होते हैं।।

ये सभी सद्गुणों से संपन्न होने के वजह से किसी के साथ विश्वासघात नहीं करते हैं। ऐसे लोग किसी का हक नहीं मारते तथा न्याय के प्रति सजग होते हैं। यह सफल राजनीतिज्ञ, न्यायधीश, क्लर्क, प्रकाशक एवं धर्मगुरु आदि के रूप में सफल होते हैं। गुरुवार को जन्मं लेने वाले व्यसक्ति बेहद मिलनसार और मधुर स्वभाव के होते हैं। ये जीवन को उत्सफव की तरह जीते हैं इसलिए हमेशा खिले-खिले रहते हैं।।

ऐसे व्यक्ति धर्म में विशेष रुचि रखने वाले होते हैं। धार्मिक प्रवृत्ति के कारण ये कभी किसी के साथ विश्वाससघात नहीं कर सकते हैं। यह किसी का हक भी नहीं मारते, न्याय के प्रति सजग होते हैं। इनको अपने जीवन में सफलता हेतु धर्मगुरु, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, प्रकाशक एवं न्यायधीश आदि के क्षेत्र में भाग्य आजमाना चाहिये। इनका शुभ दिन मंगलवार और बृहस्पितिवार तथा शुभ अंक 4 होता है।।

आज का विचार – मित्रों, हम अपनी पिछली गलतियों से सबक लेकर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। परन्तु याद रहे कि होशियार लोग अपनी गलती से लेते हैं, जबकि ज्यादा होशियार लोग दूसरों की गलतियों से गलतियों को दुहराना सीखते हैं। इसलिये अपनी गलतियों को सुधारना ही व्यक्ति में इंसानियत लाता है।।

#Panchang_12_November_2026

जन्मकुण्डली के अनुसार आपके जीवन में धन कैसे और कब आयेगा?।।…. आज के इस लेख को पूरा पढने के लिये इस लिंक को क्लिक करें….. वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

कुंडली से जानें आपकी पत्नी कैसी मिलेगी।। Read More. वेबसाईट पर पढ़ें:  And   ब्लॉग पर पढ़ें:

कुंडली से जानें आपकी पत्नी का स्वभाव कैसा होगा।। Read More. वेबसाईट पर पढ़ें:  And  ब्लॉग पर पढ़ें:

“क्या बाबा के सर सज रही है, UP का ताज? क्या बाबा फिर CM बन सकते हैं।।” – My Latest video.
“क्या कहती है अखिलेश यादव की कुंडली? क्या मिलेगी सत्ता?।।” – My Latest video.
“शुक्र की महादशा में सूर्य अन्तर्दशा फलम्” – My Latest video.
ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं – Watch YouTube Video’s.
इस तरह की अन्य बहुत सारी जानकारियों, ज्योतिष के बहुत से लेख, टिप्स & ट्रिक्स पढने के लिये हमारे ब्लॉग एवं वेबसाइट पर जायें तथा हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें, प्लीज – My facebook Page.

#Panchang_12_November_2026

वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें।।
किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं।।

सिलवासा ऑफिस:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजू में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा।।

सिलवासा ऑफिस में प्रतिदिन मिलने का समय:-
10:00 AM to 02:00 PM And 04:30 PM to 08:30 PM.
WhatsAap & Call: +91 – 8690 522 111.
E-Mail :: balajijyotish11@gmail.com

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!
Exit mobile version