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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 12 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार।।
मित्रों, तारीख 12 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार को अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज अश्विन मास के शारदीय नवरात्र द्वितीय दिवस है। आज माता ब्रह्मचारिणी देवी के दर्शन एवं पूजन का बहुत पुण्य होता है। आज यायि (मुद्दई) जयद्द योग भी है। आप सभी सनातनियों को “शारदीय नवरात्र के द्वितीय माता ब्रह्मचारिणी देवी के उपासना” की हार्दिक शुभकामनायें।।
हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।
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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).
पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

आज का पञ्चांग 12 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार।।
Aaj ka Panchang 12 October 2026.
विक्रम संवत् – 2083.
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – रौद्र.
शक – 1948.
अयन – सौम्यायनम्.
गोल – याम्य.
ऋतु – शरद.
मास – अश्विन.
पक्ष – शुक्ल.
गुजराती पंचांग के अनुसार – अश्विन शुक्ल पक्ष.
#Panchang_12_October_2026
तिथि – द्वितीया 22:14 PM बजे तक उपरान्त तृतीया तिथि है।।
नक्षत्र – स्वाति 23:53 PM तक उपरान्त विशाखा नक्षत्र है।।
योग – विष्कुम्भ 20:33 PM तक उपरान्त प्रीति योग है।।
करण – बालव 09:49 AM तक उपरान्त कौलव 22:14 PM तक उपरान्त तैतिल करण है।।
चन्द्रमा – तुला राशि पर।।
सूर्य – कन्या राशि एवं चित्रा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।
मुम्बई सूर्योदय – प्रातः 06:33:17
मुम्बई सूर्यास्त – सायं 18:15:28
वाराणसी सूर्योदय – प्रातः 06:14:41
वाराणसी सूर्यास्त – सायं 17:46:37
राहुकाल (अशुभ) – सुबह 08:01 बजे से 09:29 बजे तक।।
विजय (शुभ) मुहूर्त – दोपहर 12.12 बजे से 12.36 बजे तक।।
#Panchang_12_October_2026
मित्रों, तारीख 12 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार को अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज अश्विन मास के शारदीय नवरात्र द्वितीय दिवस है। आज माता ब्रह्मचारिणी देवी के दर्शन एवं पूजन का बहुत पुण्य होता है। आज यायि (मुद्दई) जयद्द योग भी है। आप सभी सनातनियों को “शारदीय नवरात्र के द्वितीय माता ब्रह्मचारिणी देवी के उपासना” की हार्दिक शुभकामनायें।।
द्वितीया तिथि विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है। प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।।
मित्रों, यदि द्वितीया तिथि सोमवार या शुक्रवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है। इस योग में शुभ कार्य करना वर्जित होता है। इसके अलावा किसी माह में यदि द्वितीया तिथि दोनों पक्षों में बुधवार के दिन पड़ती है तो यह सिद्धिदा कहलाती है। ऐसे समय शुभ कार्य करने से शुभ फल प्राप्त होता है। पञ्चांग के अनुसार भाद्रपद माह की द्वितीया शून्य होती है। वहीं शुक्ल पक्ष की द्वितीया में भगवान शिव माता पार्वती के समीप होते हैं। ऐसे में शिवजी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। दूसरी ओर कृष्ण पक्ष की द्वितीया में भगवान शिव का पूजन करना उत्तम नहीं माना जाता है।।
मित्रों, ज्योतिषशास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जन्मे जातक दूसरे लिंग के विपरीत बहुत जल्दी आकर्षित होते हैं। यह भावनात्मक तौर पर बहुत कमजोर होते हैं। इन लोगों को लंबी यात्रा करना बहुत पसंद होता है। ये जातक प्रियजनों से ज्यादा परायों के प्रति अपना प्रेम दर्शाते हैं। ये जातक काफी मेहनती होते हैं और उन्हें समाज में मान सम्मान भी प्राप्त होता है। इन जातकों का अपनों के साथ हमेशा मतभेद बना रहता है। इनके पास मित्रों की अधिकता होती है जिसकी वजह से कभी कभार ये बुरी संगति में भी पड़ जाते हैं। द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस द्वितीया तिथि में जन्मे जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई भी तभी करते हैं, जबकि उससे अपना भी कुछ लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।।
#Panchang_12_October_2026
स्वाति नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म स्वाति नक्षत्र में हुआ है तो आप एक आकर्षक चेहरे और उससे भी अधिक आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी होंगे। आपका शरीर सुडौल एवं भरा हुआ है। इस कारण आप कहीं भी जाएँ भीड़ से अलग ही दिखते हैं। आप जैसा सोचते हैं वैसा करते हैं। दिखावा आपको पसंद नहीं होता है।।
आप एक स्वतंत्र आत्मा के स्वामी होंगे जिसको किसी के भी आदेश का पालन करना कतई पसंद नहीं होगा। आप किसी पर भी तब तक मेहरबान रहते हैं जब तक कि सामने वाला आपकी आज़ादी में दखल न दे। जो भी आपकी आजादी को नुकसान पहुचाएगा वो आपके कोप भाजन का शिकार अवश्य होगा। वास्तविकता तो यह है, कि आप या तो किसी के परम मित्र हो सकते हैं या फिर परम शत्रु।।
आप स्वभाव से बहुत ही स्वाभिमानी और उच्च विचार धारा के व्यक्ति होंगे। न तो आपको किसी की संपत्ति में रूचि होगी और न ही अपनी संपत्ति में किसी की हिस्सेदारी आपको पसंद है। आपको अपने कार्यों पर किसी की टिप्पणी कतई पसंद नहीं है। यदि आपकी नज़र में सामने वाला दोषी है तो बदला लेने में आप किसी भी हद तक जा सकते हैं।।
आप अपने कार्यों को पूरे मन लगा कर मेहनत और इमानदारी के साथ करते है। आप अपने जीवन के शुरुआती 25 वर्षों में व्यवसायिक रूप से बहुत कठिनाईयां झेलेंगे। परिश्रम के अनुरूप फल प्राप्त नहीं होगा। परन्तु 30 वर्ष के उपरान्त आपको अपने किये हुए कार्यों का ब्याज समेत भुगतान मिलेगा। स्वाति नक्षत्र के जातकों के लिए न्यायिक व्यवस्था में कार्य करना सबसे अधिक लाभप्रद होता है। सैन्य क्षेत्र में आप अधिक तरक्की कर सकते है।।
आपका वैवाहिक जीवन बहुत सुखमय नहीं होगा। क्योंकि आपसी वैचारिक मतभेदों के कारण घर में शांति नहीं रहेगी। फिर भी आपकी आरती स्थिति स्थिर रहेगी, बिगड़ेगी नहीं। स्वाति नक्षत्र में जन्मी जातिकायें कभी न आलस करने वाली होती हैं। दिखने में साधारण शक्ल सूरत किन्तु बुद्धि से चपल एवं किसी भी स्थिति में अपने मनोरथ पूरे करने वाली होती हैं।।
स्वाति नक्षत्र में जन्मी जातिकायें जिद्दी होने के कारण कभी-कभी अच्छे बुरे कार्य में भेद नहीं कर पाती है। इस स्वाति नक्षत्र का जातक अपने स्वभाव से ही सभी को प्रसन्नता देनेवाला होता है। इस नक्षत्र के जातक ज्यादातर यौन रोग तथा मूत्र से सम्बंधित रोगों से ग्रसित देखे गए हैं।।
प्रथम चरण:- स्वाति नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी गुरु होता है। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक अधिकांशतः चोर प्रवृत्ति का होता है। नक्षत्र स्वामी राहु, गुरु को बिगाड़ कर अपना फल देता है अतः जातक चोर प्रवृत्ति का होता है।।
द्वितीय चरण:- स्वाति नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शनि होता है। राहु व् शनि दो पाप ग्रहों के प्रभाव में आने से जातक अल्पायु होता है। परन्तु लग्नेश शुक्र की दशा अच्छी जाएगी। राहु और शनि की मित्रता के कारण दोनों की दशाओं में जातक को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा।।
तृतीय चरण:- स्वाति नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शनि होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मे जातक पर शनि और राहु के प्रभाव के कारण मन में वैराग्य आएगा। अतः जातक धार्मिक प्रवृत्ति का हो सकता है। राहु और शनि की मित्रता के कारण दोनों की दशाओं में जातक को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा।।
चतुर्थ चरण:- स्वाति नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी गुरु होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा व्यक्ति राजा समान होता है। साथ ही बहुत अधिक भू संपत्ति का स्वामी भी होता है। परन्तु राहु एवं गुरु की दशाएं अशुभ फल देंगी।।
#Panchang_12_October_2026
सामान्यतया सोमवार शॉपिंग के लिए अच्छा दिन माना जाता है।।
सोमवार का विशेष – सोमवार के दिन तेल मर्दन अर्थात् तेल मालिश करने से चहरे और शरीर की कान्ति बढ़ती है – (मुहूर्तगणपति)।।
सोमवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से शिव भक्ति की हानि होती है। पुत्रवान पिता को तो कदापि नहीं करना चाहिये। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।
दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।।
सोमवार के दिन ये विशेष उपाय करें – सोमवार को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।
#Panchang_12_October_2026
मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म सोमवार को होता है, वो जातक शांत प्रवृत्ति के गौर वर्ण लिए हुये होते हैं। सोमवार चन्द्र प्रधान दिन होता है, इसलिये इस जातक में कल्पनाशीलता, दया भाव, नम्रता के गुण परिलक्षित होते हैं। माता के प्रिय एवं सद्गुणों से युक्त ये जातक कवि ह्रदय, सफेद वस्तुओं से लाभ पाने वाला, यात्रा का शौकीन, जलाशयों एवं प्रकृति का प्रेमी होता है।।
सोमवार को जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है। इनकी प्रकृति यानी इनका स्वभाव शान्त होता है। इनकी वाणी मधुर और मोहित करने वाली होती है। ये स्थिर स्वभाव वाले होते हैं सुख हो या दु:ख सभी स्थिति में ये समान रहते हैं। धन के मामले में भी ये भाग्यशाली होते हैं तथा इन्हें सरकार एवं समाज से मान-सम्मान मिलता है।।
इस दिन जन्म लेने वाले जातक को पर्यावरण के क्षेत्र में, समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में, पानी से जुड़े रोजगार जैसे मत्य् क पालन या मछली का व्यवसाय, पत्थरों का व्यवसाय, कपड़े का व्यंवसाय शुद्ध फलता है। इनके लिए सफेद रंग सदा शुभकारी होता है इसलिए कैरियर के लिहाज से आप जहां भी जायें सफेद रुमाल अपनी जेब में रखें और उस क्षेत्र को ही चुने जिसमें सफेद रंग की प्रधानता हो, जैसे पानी, कपड़ा, फूल, पत्थयर आदि से जुड़ा व्यवसाय।।
आज का सुविचार – मित्रों, जीना हैं, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता हैं जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में। जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा। हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती।।
#Panchang_12_October_2026
चन्द्रमा द्वारा निर्मित कुछ अतुलनीय धनदायक योग।।…… आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें: & ब्लॉग पर पढ़ें:
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