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पञ्चांग 18 जुलाई 2026 दिन शनिवार।। Panchang 18 July 2026

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 18 जुलाई 2026 दिन शनिवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 18 July 2026

आज का पञ्चांग 18 जुलाई 2026 दिन शनिवार।।
Aaj ka Panchang 18 July 2026.

विक्रम संवत् – 2083.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – रौद्र.

शक – 1948.

अयन – सौम्यायनम्.

गोल – याम्य.

ऋतु – ग्रीष्म.

मास – आषाढ़.

पक्ष – शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार – आषाढ़ शुक्ल पक्ष.

Panchang 18 July 2026

तिथि – चतुर्थी 08:18 AM बजे तक उपरान्त पञ्चमी तिथि है।।

नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी 18:01 PM तक उपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है।।

योग – वरियान 20:46 PM तक उपरान्त परिघ योग है।।

करण – विष्टि 04:44 AM तक उपरान्त बव 16:08 PM तक उपरान्त बालव करण है।।

चन्द्रमा – सिंह राशि पर 23:59 PM तक उपरान्त कन्या राशि पर।।

सूर्य – मिथुन राशि एवं पुनर्वसु नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।

मुम्बई सूर्योदय – प्रातः 06:09:18

मुम्बई सूर्यास्त – सायं 19:19:04

वाराणसी सूर्योदय – प्रातः 05:18:35

वाराणसी सूर्यास्त – सायं 18:42:52

राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:27 बजे से 18:06 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12.32 बजे से 12.56 बजे तक।।

Panchang 18 July 2026

चतुर्थी तिथि विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।।

इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

मित्रों, ज्योतिष शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।।

Panchang 18 July 2026

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में हुआ है तो आप ऐसे भाग्यशाली व्यक्ति हैं जो समाज में सम्माननीय होता हैं और जिनका अनुसरण हर कोई करना चाहता है। आपमें आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा होता है तथा नेतृत्व की क्षमता आपमें बचपन से ही होता है। इन्ही सब कारणों से आपके अधीनस्थ कर्मचारी भी आपसे भय खाते हैं। परिवार में भी आप एक मुखिया की भूमिका में रहते हैं।।

परिवार के सभी छोटे बड़े कार्यों के लिए आपका परामर्श आवश्यक समझा जाता है तथा सभी सदस्य आपके द्वारा कहे गये वचनों को आज्ञा समझ कर पालन करते हैं। आपको अनुशासन में रहना पसंद है तथा आप परिवार या कार्यस्थल पर दूसरों से भी अनुशासन की अपेक्षा करते हैं। आपकी अनुशासनात्मक प्रवृत्ति पूर्ण रूप से सफल कही जा सकती है। आप प्रशासनिक क्षेत्रों में बेहद सफल होते हैं।।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुक्र का नक्षत्र है इसका पर्याय भाग्य भी होता है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक स्वभाव से चंचल एवं त्यागी होगा। दृढनिश्चयी होने के साथ-साथ आप कामी भी होंगे। शुक्र एक कामुक ग्रह माना जाता है इस नक्षत्र में चन्द्रमा जैसे ही आता है जातक की काम एवं चपलता उसपर हावी हो जाती है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक मनमोहक छवि और मीठा बोलने वाला होता है।।

ऐसे लोग दूसरों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और दान देने में भी नहीं हिचकिचाते। शुक्र के कारण आपका व्यवहार सौम्य एवं मीठा होता है। आपकी सरकारी क्षेत्र में कार्य करने की संभावनाएं अधिक होती है तथा अपने गुणों के कारण आप राज्य से घनिष्ठ सम्बन्ध भी बना लेते हैं। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में जन्मी स्त्री सौम्य स्वभाव की होतीं हैं। दूसरों की मदद और दान करना इनका विशेष गुण होता है।।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेनेवाली स्त्री क्रोधी और दृढ इच्छा रखने वाली होती हैं। ऐसी स्त्रियों का दान पुण्य का सहज स्वभाव होता है। ऐसे जातकों का प्रेम में असफलता के कारण मानसिक कष्ट, कमर का दर्द, ह्रदय रोग, वायु एवं रक्त से सम्बंधित रोग होने की संभावनायें अधिक होती है।।

प्रथम चरण:- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी सूर्य हैं। इस नक्षत्र में जन्मा जातक मीठा बोलने वाला एवं सुन्दर होता है। इस नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्मा व्यक्ति सर्वगुण संपन्न एवं समर्थ होता है। लग्नेश सूर्य की दशा विशेष फलदायी तथा मंगल की दशा में जातक का भाग्योदय होने की संभावनायें अधिक होती हैं।।

द्वितीय चरण:- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी बुध हैं। बुध के प्रभाव के कारण जातक वेद शास्त्रों का ज्ञाता एवं धर्म शास्त्रों का मर्मज्ञ होता है। सूर्य की दशा जातक के लिए स्वास्थ्यवर्धक होति है तथा मंगल की दशा-अन्तर्दशा में जातक का भाग्योदय होता है। बुध की दशा में धन की प्राप्ति के योग बनते हैं।।

तृतीय चरण:- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शुक्र हैं। लग्नेश सूर्य के साथ शुक्र का सम्बन्ध क्रूरता भरा है। क्योंकि शुक्र दानवों का गुरु ग्रह है। फलस्वरूप इस नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति क्रूर होगा। सूर्य की दशा जातक के लिए स्वास्थ्यवर्धक होगी तथा मंगल की दशा-अन्तर्दशा में जातक का भाग्योदय होगा। बुध की दशा में धन की प्राप्ति के योग बनेगे।।

चतुर्थ चरण:- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी मंगल हैं। मंगल नक्षत्र स्वामी शुक्र का शत्रु एवं क्रूर ग्रह है। मंगल, सूर्य, शुक्र भी तेजस्वी ग्रह हैं। अतः जातक की आयु अधिक नहीं होगी। सूर्य की दशा माध्यम फल देगी एवं मंगल की दशा में जातक का भाग्योदय होगा।।

Panchang 18 July 2026

शनिवार को जूते-चप्पल, लोहे की बनी वस्तुयें, नया अथवा पुराना भी वाहन नहीं खरीदना चाहिये एवं नए कपड़े न खरीदना और ना ही पहली बार पहनना चाहिये।।

शनिवार का विशेष – शनिवार के दिन तेल मर्दन “मालिश” करने से हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती हैं – (मुहूर्तगणपति)।।

शनिवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से आयुष्य की हानि होती है। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।।

दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।।

Panchang 18 July 2026

जिस व्यक्ति का जन्म शनिवार को होता है उस व्यक्ति का स्वभाव कठोर होता है। ये पराक्रमी एवं परिश्रमी होते हैं तथा इनके ऊपर दु:ख भी आये तो ये उसे भी सह लेना जानते हैं। ये न्यायी एवं गंभीर स्वभाव के होते हैं तथा सेवा करना इन्हें काफी पसंद होता है।।

शनिवार को जन्म लेनेवाले जातक कुछ सांवले रंग के, साहसी, मैकेनिक अथवा चिकित्सक होते हैं। इनमें से कुछ अपने कार्य में सुस्त भी होते हैं, जैसे देर से जागना, देर तक सोना भी इनकी आदतों में शुमार होता है। पारिवारिक जिम्मेदारियां भी शुद्ध रहती है इसलिये ये एक मेहनतकश इंसान होते हैं। सफलता के मार्ग में रूकावटों का भी सामना करना पड़ता है।।

शनिवार को जन्मलेनेवाले जातकों के स्वभाव में साहस लक्षित होता है। सफलता के मार्ग में लाख रुकावटें आए, लेकिन ये इसे पार करके ही रहते हैं। ऐसे लोग अधिकांशतः सांवले रंग के होते हैं। इन जातकों को अपने कैरियर के लिये डॉक्टपर, इंजीनियर तथा मैकेनिक के क्षेत्र का चयन करना चाहिये। इनका शुभ अंक 3, 6 और 9 तथा इनका शुभ दिन शनिवार और मंगलवार होता है।।

आज का सुविचार – मित्रों, रात लम्बी और काली हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि सुबह होगी ही नहीं। ठीक उसी तरह असफलता का दौर लम्बा हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब ये कतई नहीं होता कि आपको अब कभी सफलता मिलेगी ही नहीं।।

Panchang 18 July 2026

शनि देव मेहरबान हों तो इंजीनियर और चार्टर्ड एकाउंटेंट बनाते है।।…. आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

Panchang 18 July 2026

बृहत्पाराशर होराशास्त्रम् के 19वें अध्याय में वर्णित अनेकयोगाध्यायः में ज्योतिष के सभी महत्वपूर्ण योगों का विस्तृत वर्णन किया गया है । जातक के जीवन में इन योगों का क्या असर होता है, इस बात का विस्तृत वर्णन हम कर रहे हैं । तो आइये जानें इस विडियो टुटोरियल में मृदंग योग एवं उसके फल के विषय में – मृदंग योग एवं उसके फल.

बृहत्पाराशर होराशास्त्रम् के 19वें अध्याय में वर्णित अनेकयोगाध्यायः में ज्योतिष के सभी महत्वपूर्ण योगों का विस्तृत वर्णन किया गया है । जातक के जीवन में इन योगों का क्या असर होता है, इस बात का विस्तृत वर्णन हम कर रहे हैं । तो आइये जानें इस विडियो टुटोरियल में शारदा योग एवं उसके फल के विषय में – शारदा योग एवं उसके फल .

बृहत्पाराशर होराशास्त्रम् के 19वें अध्याय में वर्णित अनेकयोगाध्यायः में ज्योतिष के सभी महत्वपूर्ण योगों का विस्तृत वर्णन किया गया है । जातक के जीवन में इन योगों का क्या असर होता है, इस बात का विस्तृत वर्णन हम कर रहे हैं । तो आइये जानें इस विडियो टुटोरियल में श्रीनाथ योग एवं उसके फल के विषय में – श्रीनाथ योग एवं उसके फल .

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