अथ श्रीआञ्जनेय द्वादशनामस्तोत्रम् ।।

Navam Ghar Me Shani
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मित्रों, किसी भी शुभ कार्य के लिए घर से बाहर निकलने से पहले इस आञ्जनेय द्वादशनामस्तोत्रम् का एक बार पाठ करके घर से निकलना आपका कोई भी काम हो शत प्रतिशत होगा ही ।।
अथ श्रीआञ्जनेय द्वादशनामस्तोत्रम् ।।
हनुमानञ्जनासूनुः वायुपुत्रो महाबलः ।
रामेष्टः फल्गुणसखः पिङ्गाक्षोऽमितविक्रमः ॥१॥
उदधिक्रमणश्चैव सीताशोक विनाशकः ।
लक्ष्मण प्राणदाताच दशग्रीवस्य दर्पहा ॥२॥
द्वादशैतानि नामानि कपीन्द्रस्य महात्मनः ।
स्वापकाले पठेन्नित्यं यात्राकाले विशेषतः ।
तस्यमृत्यु भयंनास्ति सर्वत्र विजयीभवेत् ॥
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