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अथ श्री नवग्रह पीडाहर स्तोत्रम्॥

अथ श्री नवग्रह पीडाहर स्तोत्रम्॥ Navagraha Pidahara Stotram. ग्रहाणामादिरादित्यो लोकरक्षणकारकः । विषमस्थानसंभूतां पीडां हरतु मे रविः ॥ १॥ रोहिणीशः सुधामूर्तिः सुधागात्रः सुधाशनः । विषमस्थानसंभूतां पीडां हरतु...

अथ श्री नवग्रहस्तोत्रम् ।।

अथ श्री नवग्रहस्तोत्रम् ।। Navgrah Stotram. ज्योतिर्मण्डलमध्यगं गदहरं लोकैक-भास्वन्मणिं मेषोच्चं प्रणतिप्रियं द्विजनुतं छायपतिं वृष्टिदम् | कर्मप्रेरकमभ्रगं शनिरिपुं प्रत्यक्षदेवं रविं ब्रह्मेशान-हरिस्वरूपमनग़्हं सिंहेश-सूर्यं भजे ||१|| चन्द्रं शङ्कर-भूषणं मृगधरं...

अथ श्री नवग्रहध्यानम् ।।

अथ श्री नवग्रहध्यानम् ।। Navgrah Dhyanam. ।। श्रीगणेशाय नमः ।। अथ सूर्यस्य ध्यानं -(त्रिपुरासर्वस्वे) प्रत्यक्षदेवं विशदं सहस्रमरीचिभिः शोभितभूमिदेशम् | सप्ताश्वगं सद्ध्वजहस्तमाद्यं देवं भजेऽहं मिहिरं हृदब्जे || अथ चन्द्रस्य ध्यानं...

अथ श्रीशनि वज्रपञ्जर कवचम्।।

शनि की बुरी से बुरी दशा की निवृत्ति हेतु इस शनि वज्र पञ्जर स्तोत्रं अथवा कवचम् का पाठ करें । इसकी विधि ये है,...

अथ श्री दशरथ कृतं श्रीशनैश्चरस्तोत्रम् ।।

अथ श्री दशरथ कृतं श्रीशनैश्चरस्तोत्रम् ।। Sadhesati Nivarak Dasharath Krit Shani Stotram. अथ विनियोगः - अस्य श्रीशनैश्चरस्तोत्रस्य दशरथ ऋषिः । शनैश्चरो देवता । त्रिष्टुप् छन्दः...

अथ श्री नवग्रह कवचम् ।।

अथ श्री नवग्रह कवचम् ।। Navgraha Kavcham. ब्रह्मोवाच:- शिरो मे पातु मार्ताण्डो कपालं रोहिणीपतिः | मुखमङ्गारकः पातु कण्ठश्च शशिनन्दनः | बुद्धिं जीवः सदा पातु हृदयं भृगुनन्दनः | जठरञ्च शनिः पातु...

विजयश्री प्रदायकं अथ श्रीघटिकाचल हनुमत्स्तोत्रम् ।।

विजयश्री प्रदायकं अथ श्रीघटिकाचल हनुमत्स्तोत्रम् ।। Ghatikachala Hanumat Stotram. मित्रों, ब्रह्माजी कहते हैं, जो व्यक्ति जीवन में विजय एवं सफलता चाहता हो, वो किसी पवित्र नदी...

अथ श्रीआञ्जनेय द्वादशनामस्तोत्रम् ।।

मित्रों, किसी भी शुभ कार्य के लिए घर से बाहर निकलने से पहले इस आञ्जनेय द्वादशनामस्तोत्रम् का एक बार पाठ करके घर से निकलना...

अथ श्रीविचित्रवीर हनुमान मालामन्त्रः ।।

अथ श्रीविचित्रवीर हनुमान मालामन्त्रः ।। Vichitra Virya Hanumana Mantra Mala. इस मन्त्र से आप अपने बड़े-से-बड़े शत्रु को धुल चटा सकते हैं । आपको करना...

अतुल सम्पदा एवं विजय दायिनी अर्जुन-कृतम् श्रीदुर्गा-स्तवनम् ।।

अतुल सम्पदा एवं विजय दायिनी अर्जुन-कृतम् श्रीदुर्गा-स्तवनम् ।। Arjuna Kritam Durga Stavanam. मित्रों, इस अनुष्ठान से सभी प्रकार की बाधाएं समाप्त हो जाती है तथा दरिद्रता...
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