Home Brihaspati Grah कुंडली के एकादश भाव में बैठे चंद्रमा का फल एवं उपाय।।

कुंडली के एकादश भाव में बैठे चंद्रमा का फल एवं उपाय।।

कुंडली के एकादश भाव में बैठे चंद्रमा का फल एवं उपाय।। Chandra in Eleventh House Effects and Remedies
कुंडली के एकादश भाव में बैठे चंद्रमा का फल एवं उपाय।। Chandra in Eleventh House Effects and Remedies

कुंडली के एकादश भाव में बैठे चंद्रमा का फल एवं उपाय।। Chandra in Eleventh House Effects and Remedies.

एकादश भाव और चंद्रमा का संबंध।। Introduction.

मित्रों, एकादश भाव को लाभ भाव, आय भाव तथा मित्र भाव भी कहा जाता है। यह भाव उपचय भाव भी माना गया है। क्योंकि इसी से जातक की आय, इच्छापूर्ति, मित्रता, बड़े भाई-बहन तथा सामाजिक दायरे का आँकलन किया जाता है। यह भाव जातक के जीवन की उस दिशा का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें उसके प्रयासों का फल उसे प्राप्त होता है। तथा जिसमें उसकी इच्छाएँ साकार रूप लेती हैं।।

अब चंद्रमा की प्रकृति पर विचार करें तो यह मन, भावना, संवेदनशीलता तथा जनसामान्य से जुड़ाव का सबसे कोमल एवं परिवर्तनशील ग्रह माना गया है। चंद्रमा जिस भी भाव में बैठा होता है, वहाँ अपनी चंचलता तथा भावुकता का विशेष रंग भर देता है। रोचक बात यह है कि चंद्रमा स्वयं जनसामान्य तथा भावनात्मक जुड़ाव का भी कारक ग्रह है। इसलिए जब यह कोमल ग्रह लाभ भाव में आकर बैठ जाता है, तो जातक की आय तथा मित्रता दोनों ही भावनात्मक जुड़ाव के रंग में रंग जाती हैं।।

मित्रों, चंद्रमा सामान्यतः उपचय भावों में समय के साथ अपने प्रभाव में निरंतर वृद्धि करता है। और एकादश भाव भी एक उपचय भाव है। इसलिए यहाँ चंद्रमा की स्थिति अत्यंत शुभ मानी जाती है। यही कारण है कि एकादश भाव में चंद्रमा की यह स्थिति जातक को भावनात्मक मित्रता, जनसामान्य से जुड़े व्यवसायों तथा निरंतर बढ़ने वाली आय की ओर विशेष रूप से आकर्षित करती है। तथा जातक की आय, इच्छापूर्ति तथा मित्रों से संबंधों पर विशेष एवं गहरा प्रभाव देखने को मिलता है।।

चंद्रमा की स्थिति यदि बलवान एवं शुभ हो तो निरंतर आय, भावुक मित्रों का सहयोग तथा इच्छाओं की शीघ्र पूर्ति प्रदान करती है। वहीं पीड़ित अथवा अशुभ चंद्रमा आय में अस्थिरता, मित्रों से मानसिक दूरी तथा इच्छाओं की पूर्ति में विलंब भी उत्पन्न करता है। वैसे वास्तविक फल का निर्णय तो सदैव संपूर्ण जन्मकुंडली, ग्रहों की दशा और उनके गोचर आदि के आधार पर ही किया जाता है।।

एकादश भाव में चंद्रमा का सामान्य स्वभाव।। General Nature of Moon in the Eleventh House.

मित्रों, एकादश भाव में चंद्रमा जातक को सामाजिक रूप से अत्यंत सक्रिय तथा मित्रता में भावनात्मक गहराई रखने वाला स्वभाव प्रदान करता है। ऐसे जातक बड़े सामाजिक समूहों तथा जनसमूह के मध्य विशेष रूप से सहज महसूस करते हैं। तथा इनके मित्र-मंडल में प्रायः संवेदनशील तथा भावुक स्वभाव के लोग सम्मिलित होते हैं।।

ऐसे जातकों में स्वाभाविक रूप से आय के प्रति भावनात्मक तथा आशावादी दृष्टिकोण पाया जाता है। जिस कारण ये अपनी आय को केवल संचय के लिए नहीं, बल्कि अपने प्रियजनों की खुशी के लिए भी व्यय करना पसंद करते हैं। इस एकादश भाव में स्थित चंद्रमा की स्थिति की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि जातक अपने भावनात्मक जुड़ाव के बल पर मित्रों तथा सामाजिक समूहों का विश्वास सरलता से जीत लेता है। जिससे इनके भीतर एक स्वाभाविक सामाजिक स्वीकार्यता विकसित होने की योग्यता होती है।।

परन्तु इसी के साथ एक चुनौती भी जुड़ी होती है। अर्थात मन की चंचलता तथा इच्छाओं में निरंतर परिवर्तन को संतुलित रूप से संभालना। ऐसे जातकों को अपनी भावनाओं का प्रयोग स्थिरता के साथ करना चाहिए। जीवन में यह स्थिरता इसे बहुत कुछ देती है। अन्यथा यही गुण आय में अस्थिरता तथा अनावश्यक व्यय का कारण भी कई बार बन जाता है। जो आगे चलकर जातक की आर्थिक स्थिति के लिए अच्छा नहीं होता है।।

शुभ चंद्रमा का एकादश भाव में फल।। Effects of an Auspicious Moon in the Eleventh House.

मित्रों, यदि एकादश भाव का चंद्रमा उच्च राशि (वृषभ) अथवा स्वराशि (कर्क) में स्थित होकर बलवान हो, तो जातक को निरंतर बढ़ने वाली आय, भावुक तथा सहयोगी मित्रों का साथ तथा इच्छाओं की शीघ्र पूर्ति प्रदान करता है। ऐसे जातक अपनी भावनात्मक समझ के बल पर सामाजिक समूहों में विशेष लोकप्रियता प्राप्त करते हैं। तथा इन्हें बड़े भाई-बहनों से भी विशेष स्नेह तथा सहयोग प्राप्त होता है। ऐसा चंद्रमा की कुंडली के एकादश भाव की अच्छी स्थिति के कारण संभव होता है।।

शुभ चंद्रमा से जातक को जनसामान्य से जुड़े व्यवसायों, खाद्य-पदार्थों, जल-तत्व अथवा सेवा-क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों में भी एक विशिष्ट सफलता दिलाता है। विशेषकर यदि यह क्षेत्र जनसामान्य से प्रत्यक्ष जुड़ाव रखता हो तब। ऐसे जातकों को अपने सौम्य तथा उदार स्वभाव के कारण मित्रों तथा जनसमूह का भरपूर स्नेह भी प्राप्त होता है। तथा इनकी सामाजिक प्रतिष्ठा समाज में दूर-दूर तक फैलती है।।

यदि चंद्रमा के साथ शुभ ग्रहों की युति अथवा दृष्टि हो, तो जातक को आय में स्थायित्व, मित्रों का दीर्घकालिक सहयोग तथा इच्छाओं की निरंतर पूर्ति भी प्राप्त होती है। ऐसे जातकों का जीवन समय के साथ और अधिक स्थिर तथा सामाजिक रूप से समृद्ध होता चला जाता है। जिससे इनके संपूर्ण जीवन में एक गहन सामाजिक संतोष की अनुभूति बनी रहती है।।

अशुभ चंद्रमा का एकादश भाव में फल।। Effects of an Inauspicious Moon in the Eleventh House.

मित्रों, यदि एकादश भाव का चंद्रमा नीच राशि (वृश्चिक) में, पापग्रहों से पीड़ित अथवा क्षीण अवस्था में हो, तो जातक को आय में अस्थिरता, मित्रों से मानसिक दूरी अथवा इच्छाओं की पूर्ति में निरंतर विलंब का सामना करना पड़ता है। ऐसे जातकों में अत्यधिक भावुकता तथा मनोदशाओं में उतार-चढ़ाव की प्रवृत्ति भी देखी जाती है। जिससे सामाजिक संबंधों पर भी प्रतिकूल प्रभाव का अनुभव होता है।।

कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि यदि एकादश भाव का चंद्रमा पाप ग्रहों से युक्त अथवा दृष्ट हो, तो जातक को मित्रों से छल, आय में उतार-चढ़ाव अथवा बड़े भाई-बहनों से मतभेद जैसी परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ता है। इसी प्रकार यदि चंद्रमा राहु अथवा शनि से पीड़ित हो, तो सामाजिक जीवन में अनावश्यक उलझन, असंतोष अथवा अकारण चिंता जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं। हालाँकि ऐसे किसी भी निष्कर्ष के लिए अत्यंत सावधानीपूर्वक तथा संपूर्ण कुंडली का अध्ययन आवश्यक होता है।।

ऐसे जातकों को अपनी मनोदशाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। तथा आय संबंधी निर्णयों में जल्दबाजी से मुक्त होकर धैर्यपूर्वक कार्य करना चाहिए। क्योंकि यही दृष्टिकोण दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित करता है। परन्तु अंतिम निष्कर्ष के लिए एकादशेश तथा संपूर्ण जन्मकुंडली का अध्ययन अनिवार्य होता है।।

आय, मित्रता तथा इच्छापूर्ति पर विस्तृत प्रभाव।। Detailed Effects on Income, Friendship and Fulfilment of Desires.

मित्रों, एकादश भाव में स्थित चंद्रमा जातक को ऐसे आय-स्रोतों की ओर प्रेरित करता है, जिनमें भावनात्मक जुड़ाव, जनसंपर्क तथा सेवा-भाव का महत्वपूर्ण स्थान हो। ऐसे जातक प्रायः खाद्य-व्यवसाय, जल-तत्व से जुड़े व्यवसाय, परामर्श देने अथवा जनसामान्य से जुड़े क्षेत्रों में विशेष रूप से सफलता प्राप्त करते हैं। क्योंकि इनकी उपस्थिति मात्र से ही एक भावनात्मक तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण का निर्माण होता है।।

बड़े भाई-बहनों के साथ इनका संबंध भी विशेष भूमिका निभाता है। अर्थात अनेक बार बड़े भाई-बहन ही जातक के जीवन में सहयोग तथा मार्गदर्शन के स्रोत सिद्ध होते हैं। यदि चंद्रमा शुभ हो, तो यह सहयोग जातक के संपूर्ण जीवन को नई सामाजिक स्थिरता प्रदान करता है। जबकि चंद्रमा के पीड़ित होने पर इस दिशा में भी कुछ तनाव अथवा असमंजस उत्पन्न होता है।।

इच्छापूर्ति के दृष्टिकोण से भी एकादश भाव का चंद्रमा विशेष महत्व रखता है। शुभ स्थिति में यह इच्छाओं की शीघ्र तथा सहज पूर्ति प्रदान करता है। जबकि अशुभ स्थिति में इच्छाओं की पूर्ति में विलंब अथवा असंतोष की आशंका बनी रहती है। परन्तु अंतिम निर्णय के लिए संपूर्ण जन्मकुंडली का समन्वित अध्ययन आवश्यक होता है।।

एकादशस्थ चंद्रमा का स्वास्थ्य पर प्रभाव।। Health Effects.

मित्रों, वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा का संबंध मन, रक्त तथा जल-तत्व से माना गया है। जबकि एकादश भाव का संबंध टखनों तथा रक्त संचार से होता है। एकादश भाव में चंद्रमा के शुभ होने पर मानसिक संतोष तथा भावनात्मक स्थिरता स्वाभाविक रूप से बनी रहती है।।

इसके विपरीत यदि चंद्रमा पीड़ित हो, तो मानसिक अस्थिरता, टखनों संबंधी विकार अथवा असंतोष का अनुभव होता है। अत्यधिक भावुकता की प्रवृत्ति के कारण भी मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। विशेषकर जब चंद्रमा राहु अथवा शनि से पीड़ित हो। ऐसी स्थिति में संतुलित जीवनशैली तथा मानसिक शांति बनाए रखने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श भी लेना चाहिए। तथा चंद्रमा के बताए गए ज्योतिषीय उपायों को भी करना चाहिए।।

चंद्रमा को बलवान बनाने के वैदिक उपाय।। Vedic Remedies to Strengthen Moon in the Eleventh House.

मित्रों, एकादश भाव के चंद्रमा को शुभ अथवा बलवान बनाए रखने के लिए चंद्र देवता के मंत्र “ॐ सों सोमाय नमः” अथवा “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः” का श्रद्धापूर्वक जप करना चाहिए। सोमवार के दिन शिवजी का जलाभिषेक करना तथा चंद्रमा को प्रतिदिन रात्रि में जल से अर्घ्य देना भी शुभ फलदायी माना जाता है। क्योंकि चंद्रमा को स्वयं भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान रहते हैं, ऐसा माना गया है।।

सोमवार के दिन व्रत रखना तथा सफेद वस्तुओं जैसे चावल, दूध, चीनी अथवा सफेद वस्त्र आदि का दान करना भी शुभ फलदायी माना जाता है। माता का सम्मान करना चाहिए। मित्रों तथा सामाजिक संबंधों में सत्यता तथा उदारता बनाए रखना भी एकादश भाव के चंद्रमा को संतुलित एवं बलवान बनाने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होता है।।

और मेरी सलाह तो यही रहेगी कि मित्रता में भावनात्मक जुड़ाव को अवश्य बनाए रखें। परन्तु मन की स्थिरता तथा आय संबंधी निर्णयों में जल्दबाजी से मुक्ति के प्रति भी उतनी ही सजगता बनाए रखें। क्योंकि यही संतुलन इस एकादश भाव में स्थित चंद्रमा की स्थिति का सबसे बड़ा उपाय भी है और सबसे बड़ा गुण भी है।।

शास्त्रीय प्रमाण।। Scriptural References.

मित्रों, बृहत्पाराशर होरा शास्त्र में द्वादशस्थ चंद्रमा को मन, भावना तथा जनसामान्य से जुड़ाव का प्रमुख कारक ग्रह बताया गया है। फलदीपिका के अनुसार उपचय भाव में स्थित बलवान चंद्रमा जातक को निरंतर आय तथा भावुक मित्रों का सहयोग प्रदान करता है। जबकि पीड़ित चंद्रमा आय में अस्थिरता तथा मित्रों से मानसिक दूरी उत्पन्न करता है।।

सारावली में भी एकादश भाव के चंद्रमा को आय तथा सामाजिक संपर्कों में सफलता का प्रमुख कारक ग्रह स्वीकार किया गया है। तथा यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसका अंतिम फलादेश एकादशेश की स्थिति तथा संपूर्ण जन्मकुंडली के समन्वित अध्ययन के पश्चात ही निश्चित किया जाना चाहिए।।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।। Frequently Asked Questions. (FAQ)

प्रश्न 1. एकादश भाव में शुभ चंद्रमा क्या फल देता है।। What results does a benefic Moon yield in the eleventh house.

उत्तर:- एकादश भाव का शुभ चंद्रमा निरंतर आय, भावुक मित्रों का सहयोग तथा इच्छाओं की शीघ्र पूर्ति जैसे उत्तम फल प्रदान करता है।।

प्रश्न 2. एकादश भाव में अशुभ चंद्रमा क्या नुकसान देता है।। What harm does a malefic Moon in the eleventh house cause.

उत्तर:- एकादश भाव का अशुभ चंद्रमा आय में अस्थिरता, मित्रों से मानसिक दूरी तथा इच्छाओं की पूर्ति में विलंब जैसी बाधाएँ उत्पन्न करता है।।

प्रश्न 3. एकादश भाव के चंद्रमा से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएँ कौन-सी हैं।। What are the health issues associated with the Moon in the eleventh house.

उत्तर:- वैदिक ज्योतिष में एकादश भाव का संबंध टखनों तथा रक्त संचार से माना गया है। जबकि चंद्रमा का संबंध मन तथा रक्त से होता है। पीड़ित चंद्रमा इन क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं की ओर संकेत देता है।।

प्रश्न 4. एकादश भाव के चंद्रमा को बलवान बनाने का सबसे प्रभावी वैदिक उपाय क्या है।। What is the most effective Vedic remedy to strengthen the Moon in the eleventh house.

उत्तर:- चंद्र देवता के मंत्र का जप, सोमवार को शिवजी का जलाभिषेक, सफेद वस्तुओं का दान तथा मित्रों में उदार स्वभाव ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।।

प्रश्न 5. क्या एकादश भाव का चंद्रमा सदैव आय में वृद्धि देता है।। Does the Moon in the eleventh house always increase income.

उत्तर:- सामान्यतः उपचय भाव होने के कारण यह शुभ ही माना जाता है। परंतु यदि चंद्रमा अत्यधिक पीड़ित हो तो आय स्थिर होते हुए भी असंतोष बना रह सकता है। परन्तु अंतिम निर्णय संपूर्ण जन्म कुंडली देखकर ही किया जाता है।।

लेख का निष्कर्ष।। Conclusion.

मित्रों, कुंडली के एकादश भाव में स्थित चंद्रमा शुभ हो तो जातक को निरंतर आय, भावुक मित्रों का सहयोग तथा इच्छाओं की शीघ्र पूर्ति प्रदान करता है। वहीं अशुभ होने पर आय में अस्थिरता, मित्रों से मानसिक दूरी तथा इच्छाओं की पूर्ति में विलंब जैसी चुनौतियाँ भी उत्पन्न करता है। ये एकादश भाव एवं चंद्रमा ग्रह का संयोग हमें यह सिखाता है कि भावनात्मक जुड़ाव तथा सामाजिक संबंधों का मेल आय तथा संतोष दोनों को अत्यंत समृद्ध बना सकता है। बशर्ते जातक अपने मन की चंचलता को धैर्य के साथ संभाले।।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र देवता के मंत्र का जप, सोमवार का व्रत, शिवजी का जलाभिषेक अथवा दुग्धाभिषेक तथा मित्रों में उदार स्वभाव इसे संतुलित एवं बलवान बनाने में सहायक माना गया है। और यहाँ मैं यही कहूँगा कि जो जातक अपने भावनात्मक जुड़ाव तथा आर्थिक स्थिरता के बीच सही संतुलन साध लेता है, उसी का जीवन एकादश भाव के इस चंद्रमा से सर्वाधिक लाभान्वित होता है।।

परन्तु मेरी आपको यही सलाह है कि किसी भी विशेष उपाय अथवा निर्णायक निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले किसी अनुभवी, योग्य एवं विद्वान ज्योतिषी से संपूर्ण जन्मकुंडली का विश्लेषण विधिपूर्वक अवश्य करवाना चाहिए। ताकि सही एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त हो सके। कुंडली के एकादश भाव में स्थित चंद्रमा शुभ हो तो जातक को निरंतर आय, भावुक मित्रों का सहयोग तथा इच्छाओं की शीघ्र पूर्ति प्रदान करता है। वहीं अशुभ होने पर आय में अस्थिरता तथा मित्रों से मानसिक दूरी भी उत्पन्न करता है।।

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