चंद्रमा का अशुभ फल एवं शान्ति के उपाय।। Malefic Effects of the Moon and Remedies for Mitigation.
भूमिका।। Introduction.
मित्रों, कुंडली में चंद्रमा यदि नीचस्थ, पापग्रहों से पीड़ित अथवा अशुभ भावों का स्वामी होकर नकारात्मक फल दे रहा हो, तो जातक को मानसिक अस्थिरता, अत्यधिक चिंता, अनिद्रा जैसे परेशानियों से गुजरना पड़ता है।।
अपनी माता से मतभेद तथा भावनात्मक उतार-चढ़ाव जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बजट के अनुसार अलग-अलग स्तर के वैदिक उपाय अपनाए जा सकते हैं। आइए इन्हें तीन भागों में विस्तार से समझते हैं, कि कौन-कौन सा उपाय हम कर सकते हैं।।
सस्ते एवं सरल उपाय।। Simple & Low-Cost Remedies.
मित्रों, प्रतिदिन अथवा विशेषकर सोमवार को शिवजी का जलाभिषेक करना (Shiva Jalabhishek)। “ॐ सोम सोमाय नमः” अथवा “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः” इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जप करना। सोमवार को व्रत रखना तथा भोजन में नमक की मात्रा कम रखना चाहिए।।
अपनी माता का सम्मान करना तथा प्रतिदिन उनका आशीर्वाद लेना। रात्रि में, विशेषकर पूर्णिमा तिथि को, चंद्रमा को जल का अर्घ्य देना। सोमवार को चावल, दूध, चीनी अथवा सफेद वस्त्र का यथाशक्ति दान करना। यह सभी उपाय लगभग नि:शुल्क अथवा बहुत ही कम व्यय में सम्पन्न हो जाते हैं।।
मध्यम स्तर के उपाय।। Moderate-Cost Remedies.
चंद्र चालीसा अथवा चंद्र स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करना, इसके लिए पुस्तक अथवा गुटका खरीदना पड़ सकता है। सोमवार को शिव मंदिर में जाकर विधिवत चंद्र-शिव पूजन करवाना, जिसमें ब्राह्मण की सामान्य दक्षिणा ही लगती है।।
अगर चांदी का चंद्र-यंत्र स्थापित करवाकर नियमित घर पर ही पूजन करें तो यह भी प्रभावी उपाय होता है। चांदी की वस्तु अथवा चांदी का कड़ा धारण करना, जो अपेक्षाकृत किफायती दर पर उपलब्ध होता है। यह उपाय सामान्यतः कुछ सौ से लेकर कुछ हज़ार रुपये तक के व्यय में भी संपन्न हो सकते हैं।।
महंगे एवं विशेष उपाय।। Expensive & Special Remedies.
प्रामाणिक एवं प्रयोगशाला-प्रमाणित मोती (Pearl) रत्न चांदी में जड़वाकर धारण करना चाहिए। विशेषकर उच्च गुणवत्ता का दक्षिण सागर अथवा बासरा मोती, जो अत्यंत मूल्यवान माना जाता है उसे धारण करना चाहिए। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधिवत चंद्र शांति पूजा अथवा नवग्रह शांति हवन करवाना चाहिए। जिसमें सामग्री, ब्राह्मणों की दक्षिणा तथा हवन व्यवस्था का विशेष व्यय होता है। किसी पवित्र तीर्थ जैसे शिव-चंद्र तीर्थ सोमनाथ में जाकर विशेष पूजा-अर्चना एवं दान करवाना। बड़े स्तर पर दूध, चावल, चांदी अथवा वस्त्र का दान करवाना चाहिये। जो आर्थिक रूप से सक्षम जातकों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।।
कौन-सा उपाय किसके लिए उपयुक्त है।। Which Remedy Suits Whom.
मित्रों, सामान्य अथवा हल्की चंद्र-पीड़ा की स्थिति में सस्ते एवं सरल उपाय ही पर्याप्त फलदायी सिद्ध हो सकते हैं। जबकि अत्यंत निर्बल अथवा गंभीर रूप से पीड़ित चंद्रमा के लिए मध्यम अथवा महंगे स्तर के उपाय अधिक शीघ्र एवं प्रभावी परिणाम देते हैं। किसी भी उपाय अथवा रत्न को अपनाने से पूर्व यह आवश्यक है कि योग्य वैदिक ज्योतिषी से जन्मकुंडली दिखाकर चंद्रमा की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करवा ली जाए।।
निष्कर्ष।। Conclusion.
मित्रों, नकारात्मक फल देने वाले चंद्रमा को शांत करने के लिए बजट की कोई बाध्यता नहीं है। सस्ते उपाय जैसे भगवान शिव का जलाभिषेक, चन्द्रमा के मंत्र-जप तथा दान जैसे नि:शुल्क उपायों से लेकर महंगे मोती धारण तथा विशेष चंद्र शांति पूजा जैसे महंगे उपायों तक कर-करवा सकते हैं। हर स्तर पर एक-से-बढ़कर एक प्रभावी समाधान उपलब्ध हैं।।
परन्तु श्रद्धा एवं नियमितता के साथ किया गया छोटा-सा उपाय भी उतना ही फलदायी हो सकता है, जितना बड़ा अनुष्ठान। इसलिए किसी भी उपाय को अपनाने से पहले किसी योग्य और विद्वान ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। किसी अनुभवी के मार्गदर्शन से कोई भी उपाय किया जाय लाभप्रद होता है।।
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