HomeVastu Articlesआपका मास्टर बेडरूम कहाँ और कैसा होना चाहिए।।

आपका मास्टर बेडरूम कहाँ और कैसा होना चाहिए।।

आपका मास्टर बेडरूम कहाँ और कैसा होना चाहिए।। Master Bedroom Vastu Tips.

लेख का परिचय।। Introduction.

मित्रों, ज़रा सोचिए, बिस्तर वही, चादर वही, तकिया भी वही, फिर भी कुछ रातों में नींद ऐसे आती है जैसे किसी ने बटन दबा दिया हो। और कुछ रातों में करवटें बदलते-बदलते सुबह हो जाती है। लोग कहते हैं थकान का असर है। परन्तु वास्तुशास्त्री कहते हैं शयनकक्ष की दिशा और पलंग की पोज़िशन का खेल है। अगर यह सभी अच्चा हो तो वहाँ जाते ही व्यक्ति अपनी समस्त परेशानियों को भूलकर गहरी निद्रा में डूब जाता है।।

क्योंकि दोस्तों, बेडरूम सिर्फ सोने की जगह नहीं होता। यह वह कमरा है जहाँ दिनभर की थकान उतरती है। सेहत रिचार्ज होती है, और पति-पत्नी के बीच की सबसे नज़दीकी बातें भी यहीं होती हैं। चलिए आज बिना किसी बोरियत के समझते हैं कि आपका बेडरूम वास्तु के हिसाब से सही है या उसमें कुछ छोटी-मोटी गड़बड़ छिपी बैठी है। उसको वास्तु के अनुकूल बनाने का उपाय भी बताते हैं।।

शयनकक्ष किस दिशा में हो।। Which Direction Should the Bedroom Be In.

मित्रों, पहला प्रश्न है, कि किस दिशा में आपका मास्टर बेडरूम होना चाहिए। देखिये घर के मुखिया अथवा प्रधान दंपति के मुख्य शयनकक्ष के लिए वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम दिशा अर्थात नैऋत्य कोण को सबसे उपयुक्त माना गया है। यह दिशा भारीपन, स्थिरता और मजबूती की दिशा मानी जाती है। इसीलिए मुखिया का कमरा यहाँ अर्थात नैरित्य कोण पर होने से घर में अनुशासन और नेतृत्व बना रहता है।।

बच्चों के लिए पश्चिम अथवा उत्तर-पश्चिम दिशा उपयुक्त मानी जाती है। जबकि मेहमानों के ठहरने वाला कमरा उत्तर-पश्चिम में रखना शुभ रहता है। ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व में शयनकक्ष बनाने से बचना चाहिए। क्योंकि यह दिशा देवताओं तथा ध्यान-पूजा के लिए आरक्षित मानी गई है। यहाँ सोने से मानसिक अशांति और आर्थिक अस्थिरता की आशंका बनी रहती है।।

पलंग की सही दिशा।। Correct Direction to Place the Bed.

मित्रों, अब बात करते हैं, पलंग की दिशा की। तो यहाँ पलंग की दिशा से ज़्यादा ज़रूरी है सोते समय सिर किस ओर हो। वास्तु के अनुसार सिर दक्षिण दिशा की ओर रखकर सोना सबसे शुभ माना गया है। क्योंकि यह दिशा गहरी और सुकूनभरी नींद देता है। पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोना भी अच्छा माना जाता है। विशेषकर विद्यार्थियों के लिए यह एकाग्रता बढ़ाता है।।

लेकिन उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से बिलकुल से बचना चाहिए। क्योंकि यह मानव शरीर के चुंबकीय क्षेत्र और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के बीच टकराव पैदा करता है। जिससे बेचैनी, बुरे सपने और सेहत संबंधी शिकायतें बढ़ जाती हैं। पलंग हमेशा दीवार से सटाकर रखें। और सिरहाने के पीछे खिड़की या दरवाज़ा न हो, इस बात का भी ध्यान रखें।।

आईने अर्थात काँच का वास्तु नियम।। Mirror Placement in Bedroom.

मित्रों, बेडरूम में आईना रखना है तो एक बात हमेशा याद रखें, यह पलंग के ठीक सामने बिल्कुल नहीं होना चाहिए। वास्तु मान्यता के अनुसार सोते हुए व्यक्ति का प्रतिबिंब आईने में दिखना रिश्तों में दूरी, अनिद्रा और नकारात्मक ऊर्जा को न्यौता देने जैसा माना जाता है। कई बार तो यह बात इतनी छोटी लगती है कि लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं।।

लेकिन इसी एक गलती की वजह से बेडरूम की पूरी शांति गड़बड़ हो जाती है। अगर आईना कमरे में लगाना ज़रूरी हो, तो इसे अलमारी के अंदर की तरफ अथवा ऐसी दीवार पर लगाएं, जहाँ से पलंग पर लेटा हुआ व्यक्ति सीधे अपना प्रतिबिंब न देख सके। रात को सोते समय आईने को कपड़े से ढक देना भी एक असरदार तथा आसान उपाय माना जाता है।।

शयनकक्ष के रंग कैसे हों।। Best Colors for the Bedroom.

मित्रों, रंगों का सीधा असर मूड और नींद दोनों पर पड़ता है। इस बात को अब वास्तुशास्त्र ही नहीं, बल्कि आधुनिक साइकोलॉजी भी मानती है। बेडरूम के लिए हल्के गुलाबी, हल्के नीले, हल्के हरे अथवा क्रीम जैसे सौम्य रंग सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। क्योंकि यह मन को शांत रखते हैं और नींद को गहरा बनाते हैं। तथा नींद में परम शान्ति एवं एक अद्भुत शुकून की अनुभूति होती है।।

यहाँ ध्यान दीजिये कि गहरे लाल, गहरे काले अथवा अत्यधिक चटख रंगों से बेडरूम में बचना चाहिए। क्योंकि यह ऊर्जा को अत्यधिक सक्रिय बनाकर नींद में खलल डालते हैं। दीवारों के साथ-साथ पर्दों और चादर के रंग में भी यही सौम्यता बनाए रखना चाहिए। कमरे के समग्र वास्तु संतुलन के लिए यह उपाय विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होता है।।

बेडरूम में क्या नहीं रखना चाहिए।। What Should Not Be Kept in the Bedroom.

मित्रों, शयनकक्ष में भगवान की मूर्ति अथवा तस्वीर बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए। क्योंकि यह कक्ष पारिवारिक और निजी क्षणों का स्थान होता है। यह कक्ष कभी भी पूजा का अथवा धार्मिक प्रसंगों का स्थान नहीं है। इसी प्रकार टूटा हुआ फर्नीचर, बंद पड़ी घड़ी अथवा सूखे हुए फूल भी कमरे से बाहर कर देने चाहिए। क्योंकि यह रुकी हुई तथा स्थिर ऊर्जा का प्रतीक माने जाते हैं।।

इस बात पर भी गौर कीजिये, कि पलंग के ठीक ऊपर अर्थात जहाँ आप शयन करते हैं, वहां बीम अथवा शहतीर (छत को सहारा देने वाली मोटी, लंबी लकड़ी/बीम को शहतीर कहा जाता है।) भी नहीं होनी चाहिए। इसे वास्तु में मानसिक दबाव तथा स्वास्थ्य समस्याओं का कारण माना जाता है। और हाँ, टीवी अथवा वर्क डेस्क को भी संभव हो तो पलंग की सीध से हटाकर रखें, ताकि सोते समय काम और आराम का घालमेल न हो।।

जिन बातों का रखें खास ध्यान।। Important Things to Keep in Mind.

मित्रों, शयनकक्ष हमेशा हवादार तथा पर्याप्त रोशनी वाला होना चाहिए। ताकि सुबह की ताज़ी हवा तथा धूप स्वाभाविक रूप से अंदर आ सके। खिड़कियाँ पूर्व अथवा उत्तर दिशा में हों तो सर्वाधिक शुभ मानी जाती हैं। कमरे में अनावश्यक सामान का ढेर लगाकर न रखें। क्योंकि अव्यवस्था स्वयं में एक प्रकार का वास्तु-दोष मानी जाती है। पलंग के नीचे जूते-चप्पल अथवा भारी सामान रखने से भी बचना चाहिए। इससे ऊर्जा प्रवाह में रुकावट आती है। और सबसे ज़रूरी बात, शौचालय से सटी हुई दीवार पर पलंग का सिरहाना कभी न रखें। इसे स्वास्थ्य तथा समृद्धि दोनों के लिए प्रतिकूल माना जाता है।।

निष्कर्ष, दिशा से बड़ी नीयत होती है।। Conclusion, Intention Matters More Than Direction.

मित्रों, वास्तु शास्त्र दिशाओं तथा ऊर्जा-प्रवाह का विज्ञान होता है, अंधविश्वास का नहीं। सही दिशा तथा सही व्यवस्था कमरे में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को आसान अवश्य बना देती है। परन्तु अंततः शयनकक्ष का असली सुख परिवार के आपसी प्रेम, सम्मान तथा एक-दूसरे के लिए निकाले गए समय पर ही टिका होता है। दिशा और पलंग की सही पोज़िशन आपको बेहतर नींद ज़रूर दे सकती है। परंतु रिश्तों में मिठास घोलना आपके अपने हाथ में ही होता है।।

#शयनकक्ष_का_वास्तु #बेडरूम_वास्तु_टिप्स #पलंग_की_सही_दिशा #शयनकक्ष_में_आईना_वास्तु #मास्टर_बेडरूम_वास्तु_दिशा #Bedroom_Vastu_Tips #Bed_Direction_Vastu #Master_Bedroom_Direction #Mirror_Placement_In_Bedroom #Vastu_Shastra_For_Bedroom

ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे  YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं – Click Here & Watch My YouTube Channel.

इस तरह की अन्य बहुत सारी जानकारियों, ज्योतिष के बहुत से लेख, टिप्स & ट्रिक्स पढने के लिये हमारे ब्लॉग एवं वेबसाइट पर जायें तथा हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें, प्लीज – My facebook Page.

वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।

किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं ।।
 
संपर्क करें:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा ।।
 
WhatsAap & Call: +91 – 8690 522 111.
E-Mail :: balajijyotish11@gmail.com
Balaji Jyotish Kendra
Balaji Jyotish Kendrahttp://balajijyotish.com
Balaji Jyotish Kendra par Vedic Astrology, Kundli Analysis, Horoscope Reading aur Astro Remedies step-by-step. Online astrology classes, practical training aur expert guidance ke saath apni jyotish knowledge ko professional level tak Pahuchaye. Contact Us.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments