बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।
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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 26 अगस्त 2026 दिन बुधवार।।
मित्रों, 26 अगस्त 2026 दिन बुधवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष कि त्रयोदशी तिथि है। आज शुद्ध वैदिक (ऋग्वेदीय) ब्राह्मणों का उपाकर्म (श्रावणी) का दिन है। आज उड़ीसा में शिवाधिवास जिसे पवित्रारोपण भी कहते हैं का उत्सव है, जो आज रात्रिव्यापिनी चतुर्दशी में किया जायेगा। आज रवियोग भी है। आप सभी सनातनियों को “श्रावणी व्रत एवं उपाकर्म”की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।
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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).
पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

आज का पञ्चांग 26 अगस्त 2026 दिन बुधवार।।
Aaj ka Panchang 26 August 2026.
विक्रम संवत् – 2083.
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – रौद्र.
शक – 1948.
अयन – सौम्यायनम्.
गोल – याम्य.
ऋतु – ग्रीष्म.
मास – श्रावण.
पक्ष – शुक्ल.
गुजराती पंचांग के अनुसार – श्रावण शुक्ल पक्ष.
#Panchang_26_August_2026
तिथि – त्रयोदशी 08:01 AM बजे तक उपरान्त चतुर्दशी तिथि है।।
नक्षत्र – श्रवण 24:48 PM तक उपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र है।।
योग – सौभाग्य 08:01 AM तक उपरान्त शोभन योग है।।
करण – तैतिल 08:01 AM तक उपरान्त गर 20:38 PM तक उपरान्त वणिज करण है।।
चन्द्रमा – मकर राशि पर।।
सूर्य – सिंह राशि एवं मघा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।
मुम्बई सूर्योदय – प्रातः 06:22:04
मुम्बई सूर्यास्त – सायं 18:57:23
वाराणसी सूर्योदय – प्रातः 05:40:47
वाराणसी सूर्यास्त – सायं 18:20:35
राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 12:40 बजे से 14:15 बजे तक।।
विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12:28 बजे से 12:52 बजे तक।।
#Panchang_26_August_2026
त्रयोदशी तिथि विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।।
इस त्रयोदशी तिथि के देवता मदन अर्थात कामदेव जी को बताया गया है। भगवान कामदेव जी शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण और देवी माता रुक्मिणी के पुत्र हैं। कामदेव जी प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। आज की त्रयोदशी तिथि में भगवान के अंशावतार भगवान कामदेव की पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का (मन्त्र वेबसाइट के निचे के लिंक पर है) जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।।
त्रयोदशी तिथि ज्योतिषशास्त्र में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति महापुरूष होता है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है और अनेक विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाला होता है। यह व्यक्ति काफी विद्वान होता है तथा अन्यों के प्रति दया भाव रखने वाला एवं किसी की भी भलाई करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाला होता है । इस तिथि के जातक समाज में काफी प्रसिद्धि हासिल करते ही हैं।।
#Panchang_26_August_2026
श्रवण नक्षत्र के जन्में जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म श्रवण नक्षत्र में हुआ है तो आप एक माध्यम कद काठी परन्तु प्रभावी और आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी होंगे। आपमें बचपन से ही सीखने की लालसा होने के कारण आप आजीवन ज्ञान प्राप्त करते रहेंगे। साथ ही समाज के बुद्धिजीवियों में आप की गिनती होती है। आप एक स्थिर सोच वाले निश्छल और पवित्र व्यक्ति होंगे।।
मानवता ही आपकी प्राथमिकता होगी और आपका दृष्टिकोण सदा ही सकारात्मक रहेगा। आप दूसरों के प्रति बहुत अधिक स्नेह की भावना रखेंगे। इसलिए औरों से भी उतना ही स्नेह एवं सम्मान प्राप्त करेंगे। श्रवण नक्षत्र के जातक एक अच्छे वक्ता होते हैं। एकान्तप्रिय होते हुए भी आपके मित्र अधिक होते हैं। आपके शत्रुओं की संख्या भी कुछ कम नहीं होती परन्तु अंत में शत्रुओं पर विजय आपकी ही होती हैं।।
आप एक इमानदार और सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले व्यक्ति होंगे। झूठ और कपट न तो आपको आता है और न ही जीवन में कभी आप इसका सहारा लेते हैं। आप अपने जीवन में कई बार दूसरों द्वारा किये गये धोखे का शिकार होते हैं। फिर भी आप अपने आदर्शों पर ही चलना पसंद करेंगे। आप बहुत मृदुभाषी और कोमल हृदयी व्यक्ति होंगे और अपनी हर चीज़ सुव्यवस्थित और साफ़ ही पसंद करेंगे।।
गन्दगी और अवव्स्था के कारण ही आपको बहुत अधिक क्रोध आ जाता है। साथ ही आप अपने मूल स्वभाव को भी भूल जाते हैं। आप दिखने में सीधे-सादे परन्तु आकर्षक व्यक्ति होंगे। आप प्राकृतिक रूप से सुंदर होते हैं। आप अपना सारा जीवन ज्ञान प्राप्ति में ही व्यतीत करते हैं। अतः आप एक अच्छे सलाहकार भी होते हैं। किसी भी विवाद या समस्या को न्यायिक दृष्टि से देखने की क्षमता आपमें होती है।।
जीवन में अनेक समस्याओं से जूझते हुए और अपना दायित्व निभाते हुए आप आगे बढ़ते रहेंगे और संतुलित एवं संतुष्ट जीवन व्यतीत करेंगे। श्रवण नक्षत्र के जातक अधिक ज्ञान अर्जन के कारण अपने जीवन में करियर के चुनाव में परेशानी नहीं झेलते हैं। 30 वर्ष तक कुछ उथल पुथल सहते हुए 45वें वर्ष तक अपने कार्यक्षेत्र में चमकने लगते हैं।।
65 वर्ष के बाद भी यदि कार्यरत हों तो अपने करियर की ऊंचाईयों को छूते हैं। वैसे तो सभी प्रकार के कार्यों के लिए सक्षम होंगे। परन्तु तकनीकी और मशीनरी कार्य, , इंजीनियरिंग, तेल और पेट्रोलियम सम्बंधित क्षेत्र आपके लिए विशेष लाभदायक होगा। आपके वैवाहिक जीवन द्वारा आपके जीवन की शरुआती मुश्किलों और अस्थिरता समाप्त होगी। एक आज्ञाकारी और आपसे बहुत प्रेम करने वाली पत्नी के कारण आप सुखमय दाम्पत्य जीवन का अनुभव करेगे।।
श्रवण नक्षत्र में जन्मी स्त्रियाँ भी विनम्र और सदाचारी होती हैं। अपने इन्ही गुणों के कारण श्रवण नक्षत्र की जातिकाएं परिवार और समाज में आदर प्राप्त करती हैं। श्रवण नक्षत्र के जातक विनम्र व्यक्ति के रूप में ख्याति प्राप्त करते हैं। इन जातकों को चमड़ी के रोग तथा अपच आदि की बीमारियाँ होने की संभावनायें बनी रहती है।।
प्रथम चरण:- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु है और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। इस नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी मंगल हैं। श्रवण नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्मा जातक मान सम्मान का इच्छुक एवं आशावादी होता है। श्रवण नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी मंगल, शनि का शत्रु है परन्तु चन्द्र का मित्र अतः चन्द्र और मंगल की दशा शुभ फलदायी होती है। शनि की दशा उन्नतिदायक और धन के मामले में सहायक होती है।।
द्वितीय चरण:- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु है और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। इस नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शुक्र हैं। श्रवण नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्मा जातक गुणी एवं सकारात्मक सोच वाला होता है। श्रवण नक्षत्र के दूसरे चरण का स्वामी शुक्र, शनि और चन्द्र दोनों का शत्रु है। अतः शुक्र को जितना शुभ फल देना चाहिए उतना नहीं दे पायेगा। शनि की दशा-अन्तर्दशा में जातक उन्नति करेगा। धन अर्जित करेगा एवं स्वस्थ रहेगा।।
तृतीय चरण:- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु है और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। इस नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी बुध हैं। श्रवण नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्मा जातक समाज के विद्वान् व्यक्तियों में गिना जाता है। श्रवण नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी बुध, शनि और चन्द्रमा दोनों का शत्रु है। अतः बुध को जितना शुभ फल देना चाहिए उतना नहीं दे पायेगा। शनि की दशा-अन्तर्दशा में जातक को मान सम्मान मिलेगा एवं प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी।।
चतुर्थ चरण:- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु है और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। इस नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी चन्द्र हैं। श्रवण नक्षत्र के चौथे चरण में जन्मा जातक धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति का होता है। श्रवण नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी और नक्षत्र स्वामी भी चन्द्र है। अतः चन्द्रमा की दशा अशुभ फल नहीं देती है। शनि की दशा-अन्तर्दशा में जातक उन्नति करेगा एवं धन अर्जित करेगा तथा स्वस्थ रहेगा।।
#Panchang_26_August_2026
आज बुधवार के दिन यह सावधानी अवश्य रखें:- बुधवार को बालों से संबंधित कोई भी वस्तु न खरीदें, टूथ ब्रश आदि भी नहीं खरीदना चाहिए। बुधवार के दिन दूध की खीर या अन्य कोई व्यंजन जिसमें दूध जलने की संभावना हो नहीं बनाना चाहिए। अगर हो सके तो आज के दिन दूध न उबालें। बुधवार के दिन किसी को उधार पैसे न दें। इससे आपको धन संबंधित परेशानी हो सकती है।।
आज बुधवार के दिन ये विशेष उपाय करें – बुधवार गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी का दिन है। इसलिये आज के दिन इनकी पूजा का विशेष महत्त्व होता है। आज के दिन गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।
अगर आपकी कुण्डली में बुध अच्छा हो तो इन कार्य क्षेत्र में आपको सफलता सहजता से मिल सकती है। बुधवार को भी इन कामों को करना चाहिए। जिससे आपके जीवन में सफलता प्राप्त हो जाएगी।।
ज्योतिष, शेयर, दलाली जैसे कार्यों के लिए भी यह दिन शुभ माना गया है। सिंदूर का तिलक या टीका लगाएं। इस दिन पूर्व, दक्षिण और नैऋत्य दिशा में यात्रा कर सकते हैं। इस दिन धन जमा करने से धन में बरकत होती है। माता दुर्गा के मंदिर जाना चाहिए। इस दिन किसी कन्या को साबुत बादाम भी दान में देना चाहिए।।
बुधवार का विशेष – बुधवार के दिन तेल मर्दन अथवा मालिश करने से माता लक्ष्मी प्रशन्न होती हैं और धनलाभ होता है – (मुहूर्तगणपति)।।
बुधवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से धन एवं पूण्य का लाभ होता है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।
दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।।
#Panchang_26_August_2026
मित्रों, बुधवार को जन्म लेने वाले व्यक्ति मधुर वाणी बोलने वाले होते हैं। इस तिथि के जातक पठन पाठन में रूचि रखते हैं और ज्ञानी होते हैं। ऐसे लोगों का लेखन में अत्यधिक रूचि होती है और अधिकांशत: इसे अपनी जीवका का साधन भी बना लेते हैं। ये जिस विषय का चयन करते हैं उसके अच्छे जानकार होते हैं। इनके पास धन तो होता है परंतु ऐसे लोग धोखेबाज भी होते हैं।।
ऐसे जातक सामन्य रंग-रूप, बुद्धिमान, लेखक, पत्रकार, प्रकाशक एवं द्विस्वभाव के होते हैं। किसी एक कार्य को न कर अनेक कार्य में जुटे होते हैं। वैसे शान्तिप्रिय रहना इनका स्वभाव होता है। अधिकांशतः मार्केटिंग के क्षेत्र में ऐसे लोगों को उत्तम सफलता मिलती है। बुधवार को जन्म लेने वाले हमेशा असमंजस के शिकार रहते हैं। वह एक समय कई कार्यों पर हाथ आजमाने की कोशिश करते हैं, कई बार सफलता मिल भी जाती है और कई बार गिरते भी हैं।।
इनमें छल-कपट नहीं होता और कई बार तो ये दूसरों की गलतियां खुद पर तक ले लेते हैं। इनको लेखन, पत्रकारिता, प्रकाशन, बैंकिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में अपना किस्मत आजमाना चाहिये। इन क्षेत्रों में इन्हें अच्छी सफलता की संभावना होती है। इनके लिये बुधवार एवं शुक्रवार का दिन भाग्यवर्धक होता है तथा 3 और 6 इनका लकी नम्बर होता है।।
आज का सुविचार – मित्रों, यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा “आप” शब्द का, उसके बाद “हम” शब्द का और सबसे कम “मैं” शब्द का प्रयोग करना चाहिए। इस संसार में कोई किसी का हमदर्द नहीं होता, लाश को शमशान में रखकर अपने लोग ही पुछ्ते हैं.. और कितना वक़्त लगेगा।।
#Panchang_26_August_2026
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