Home Articles Astro Articles विपरीत राजयोग।। Viprit Rajyoga

विपरीत राजयोग।। Viprit Rajyoga

विपरीत राजयोग।। Viprit Rajyoga.
विपरीत राजयोग।। Viprit Rajyoga.

विपरीत राजयोग।। Viprit Rajyoga.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों, ज्योतिष शास्त्र में एक ऐसा विलक्षण योग भी है जिसका नाम सुनकर पहले तो भ्रम होता है परन्तु इसका फल जानकर मन प्रसन्न हो उठता है। इस योग का नाम है — विपरीत राजयोग।। “विपरीत” शब्द से ही स्पष्ट है कि यह योग विपरीत परिस्थितियों में राजयोग का फल देता है।।

मित्रों, विपरीत राजयोग तब बनता है जब कुण्डली के षष्ठ भाव (छठा), अष्टम भाव (आठवां) और द्वादश भाव (बारहवां) — इन तीनों में से किसी दो या तीनों के स्वामी आपस में सम्बन्ध बनाएं अर्थात् एक-दूसरे के भाव में बैठें, एक-दूसरे को देखें या आपस में युति करें।।

यह तीन प्रकार का होता है — हर्ष योग (षष्ठेश अष्टम में), सरल योग (अष्टमेश द्वादश में) और विमल योग (द्वादशेश षष्ठ में)। ये तीनों मिलकर विपरीत राजयोग की श्रेणी में आते हैं।।

मित्रों, इस योग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जातक के जीवन में जितनी अधिक बाधाएं, संकट और विपत्तियां आती हैं, उतना ही अधिक यह जातक निखरता है। जैसे सोना आग में तपकर कुन्दन बन जाता है, ठीक वैसे ही विपरीत राजयोग वाला जातक संघर्षों में कुन्दन बन जाता है।।

ऐसे जातकों की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि ये अपने शत्रुओं को परास्त करने में अत्यन्त दक्ष होते हैं। रोग, ऋण और शत्रु — इन तीनों पर विजय प्राप्त करना इनका स्वभाव होता है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी ये हार नहीं मानते और अन्त में विजयी होते हैं।।

मित्रों, इस योग वाले जातक प्रायः राजनीति, पुलिस, सेना, चिकित्सा और कानून के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं। इनकी जीवनी पढ़ें तो पता चलेगा कि इन्होंने जीवन में कितने संघर्ष झेले और फिर भी किस प्रकार शीर्ष पर पहुँचे।।

परन्तु एक बात और ध्यान देने योग्य है मित्रों — यदि इन त्रिक भावों के स्वामी अन्य शुभ भावों से भी सम्बन्ध बना लें तो विपरीत राजयोग का फल कुछ कम हो जाता है। इसीलिए शुद्ध विपरीत राजयोग में इन ग्रहों को केवल त्रिक भावों तक ही सीमित रहना चाहिए।।

इस योग वाले जातकों को हनुमान जी की उपासना विशेष रूप से करनी चाहिए। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। संकट में भी धैर्य बनाए रखें — यही आपकी सबसे बड़ी शक्ति है।।

ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे  YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं – Click Here & Watch My YouTube Channel.

इस तरह की अन्य बहुत सारी जानकारियों, ज्योतिष के बहुत से लेख, टिप्स & ट्रिक्स पढने के लिये हमारे ब्लॉग एवं वेबसाइट पर जायें तथा हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें, प्लीज – My facebook Page.

वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।

किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं ।।
 
संपर्क करें:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा ।।
 
WhatsAap & Call: +91 – 8690 522 111.
E-Mail :: astroclassess@gmail.com

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!
Exit mobile version