कुण्डली के सातवें भाव में बैठे शुक्र का शुभाशुभ फल।। Satave Ghar Me Shukra Ka Fal.
हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,
मित्रों, आज हम बात करेंगे किसी भी जन्म कुंडली में सातवें भाव में बैठे शुक्र ग्रह के शुभ और अशुभ प्रभावों के बारे में। शुक्र को ज्योतिष शास्त्र में प्रेम, सौंदर्य, विवाह और भौतिक सुखों का कारक माना गया है। जब यह ग्रह सप्तम भाव में स्थित होता है तो जातक के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है।।
शुभ प्रभाव:- जिन जातकों की कुंडली में सातवें घर में शुक्र बैठा हो, उन्हें जीवनसाथी अत्यंत सुन्दर, गुणवान और प्रेमपूर्ण मिलता है। विवाह सुखमय होता है और दाम्पत्य जीवन में मिठास बनी रहती है। ऐसे जातक स्वभाव से कलाप्रिय, सामाजिक और आकर्षक व्यक्तित्व के होते हैं। व्यापार में साझेदारी से लाभ होता है और विदेश से भी धन-लाभ की संभावना रहती है।।
अशुभ प्रभाव:- यदि शुक्र पाप ग्रहों से दृष्ट हो अथवा नीच राशि में हो, तो विवाह में विलम्ब, पति-पत्नी के बीच मनमुटाव या विच्छेद की स्थिति बन सकती है। जातक अत्यधिक विलासप्रिय हो सकता है जो उसे आर्थिक संकट में डाल सकता है।।
उपाय:- प्रत्येक शुक्रवार को माँ लक्ष्मी को सफेद मिठाई अर्पित करें।।
चाँदी की अंगूठी दाहिने हाथ की कनिष्ठा उंगली में धारण करें।।
घर में सफेद और क्रीम रंग के फूल रखें।।
मित्रों, ध्यान रहे कि किसी भी ग्रह का फल केवल उस एक भाव से नहीं, बल्कि सम्पूर्ण कुंडली देखकर ही निश्चित किया जाता है। अतः किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।।
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