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कुंडली के दशम भाव में स्थित चंद्रमा का फल एवं उपाय।।

कुंडली के दशम भाव में स्थित चंद्रमा का फल एवं उपाय।। Chandra in Tenth House Effects and Remedies.

दशम भाव और चंद्रमा का संबंध।। Introduction.

मित्रों, दशम भाव को कर्म भाव, राजसत्ता भाव तथा प्रतिष्ठा भाव भी कहा जाता है। यह भाव अत्यंत बलशाली केंद्र भाव माना गया है। क्योंकि इसी से जातक के करियर, सामाजिक प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता तथा सार्वजनिक जीवन का आँकलन किया जाता है। यह भाव जातक के जीवन का वह मंच है, जहाँ उसकी योग्यता, कौशल तथा व्यक्तित्व समाज के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से प्रकट होते हैं।।

अब चंद्रमा की प्रकृति पर विचार करें तो यह मन, भावना, जनसामान्य से जुड़ाव तथा लोकप्रियता का सबसे कोमल एवं परिवर्तनशील ग्रह माना गया है। चंद्रमा जिस भी भाव में स्थित होता है, वहाँ अपनी चंचलता तथा भावुकता का विशेष रंग भर देता है। रोचक बात यह है कि चंद्रमा स्वयं जनसामान्य तथा जनसमूह का भी कारक ग्रह है। इसलिए जब यह लोकप्रियता का कारक ग्रह कर्म भाव में आकर बैठ जाता है, तो जातक का संपूर्ण करियर तथा सार्वजनिक व्यक्तित्व ही जनसंपर्क तथा भावनात्मक जुड़ाव के रंग में रंग जाता है।।

मित्रों, चंद्रमा सामान्यतः केंद्र भावों में विशेष रूप से बलवान माना जाता है। और दशम भाव भी एक केंद्र भाव है। इसलिए यहाँ चंद्रमा की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही कारण है कि दशम भाव में चंद्रमा की यह स्थिति जातक को मीडिया, जनसेवा, स्वास्थ्य-सेवा अथवा खाद्य एवं तरल पदार्थों से जुड़े व्यवसायों की ओर विशेष रूप से आकर्षित करती है। तथा जातक के करियर, लोकप्रियता तथा माता से संबंधों पर विशेष एवं गहरा प्रभाव देखने को मिलता है।।

चंद्रमा की स्थिति यदि बलवान एवं शुभ हो तो करियर में लोकप्रियता, जनसंपर्क क्षमता तथा माता का सहयोग प्रदान करती है। वहीं पीड़ित अथवा अशुभ चंद्रमा करियर में अस्थिरता, बार-बार परिवर्तन तथा मानसिक तनाव भी उत्पन्न करता है। वैसे वास्तविक फल का निर्णय तो सदैव संपूर्ण जन्मकुंडली, ग्रहों की दशा और उनके गोचर आदि के आधार पर ही किया जाता है।।

दशम भाव में चंद्रमा का सामान्य स्वभाव।। General Nature of Moon in the Tenth House.

मित्रों, दशम भाव में चंद्रमा जातक को अत्यंत भावुक, जनसंपर्क-कुशल तथा लोकप्रियता-प्रिय स्वभाव प्रदान करता है। ऐसे जातक जनता की भावनाओं को समझने की स्वाभाविक क्षमता रखते हैं। तथा सार्वजनिक जीवन, जनसंपर्क अथवा सेवा-कार्यों में विशेष रुचि लेते हैं। इनकी कार्यशैली में एक विशेष प्रकार की कोमलता तथा संवेदनशीलता विशेष रूप से देखी जाती है।।

ऐसे जातकों में स्वाभाविक रूप से करियर के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पाया जाता है। जिस कारण ये अपने कार्य से गहरा आत्मिक संबंध अनुभव करते हैं। साथ ही मन की चंचलता के कारण करियर में परिवर्तन की प्रवृत्ति भी देखी जाती है। इस दशम भाव में स्थित चंद्रमा की स्थिति की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि जातक अपने भावनात्मक जुड़ाव के बल पर जनसमूह का विश्वास सरलता से जीत लेता है। जिससे इनके भीतर एक स्वाभाविक नेतृत्व-क्षमता विकसित होने लगती है।।

परन्तु इसी के साथ एक चुनौती भी जुड़ी होती है। अर्थात मन की चंचलता तथा भावनात्मक उतार-चढ़ाव को करियर में संतुलित रूप से संभालना। ऐसे जातकों को अपनी मनोदशाओं को स्थिरता के साथ प्रयोग करना पड़ेगा। जीवन में यह स्थिरता बहुत कुछ देती है, अन्यथा यही गुण करियर में अस्थिरता तथा अनावश्यक परिवर्तन का कारण भी कई बार बन जाता है। जो आगे चलकर जातक की प्रतिष्ठा के लिए अच्छा नहीं होता है।।

शुभ चंद्रमा का दशम भाव में फल।। Effects of an Auspicious Moon in the Tenth House.

मित्रों, यदि दशम भाव का चंद्रमा उच्च राशि (वृषभ) अथवा स्वराशि (कर्क) में स्थित होकर बलवान हो, तो जातक को करियर में लोकप्रियता, जनसंपर्क में सफलता तथा सार्वजनिक जीवन में सम्मान प्रदान करता है। ऐसे जातक अपनी भावनात्मक समझ के बल पर जनसमूह का विश्वास सरलता से अर्जित कर लेते हैं। तथा इन्हें माता के माध्यम से भी करियर में विशेष सहयोग प्राप्त होता है। ऐसे चंद्रमा का कुंडली के दशम भाव की अच्छी स्थिति के कारण ही यह संभव होता है।।

शुभ चंद्रमा से जातक को मीडिया, जनसेवा, स्वास्थ्य-सेवा, खाद्य-व्यवसाय अथवा जल-तत्व से जुड़े व्यवसायों में भी एक विशिष्ट सफलता मिलती है। विशेषकर यदि यह क्षेत्र जनसामान्य से प्रत्यक्ष जुड़ाव रखता हो तब। ऐसे जातकों को अपने सौम्य तथा सेवाभावी स्वभाव के कारण जनता का भरपूर स्नेह प्राप्त होता है। तथा इनकी लोकप्रियता समाज में दूर-दूर तक फैलती है।।

यदि चंद्रमा के साथ शुभ ग्रहों की युति अथवा दृष्टि हो, तो जातक को करियर में स्थायित्व, माता का दीर्घकालिक सहयोग तथा जनसमूह का निरंतर विश्वास भी प्राप्त होता है। ऐसे जातकों का जीवन समय के साथ और अधिक स्थिर तथा सामाजिक रूप से समृद्ध होता चला जाता है। जिससे इनके संपूर्ण करियर में एक गहन सामाजिक प्रतिष्ठा की अनुभूति बनी रहती है।।

अशुभ चंद्रमा का दशम भाव में फल।। Effects of an Inauspicious Moon in the Tenth House.

मित्रों, यदि दशम भाव का चंद्रमा नीच राशि (वृश्चिक) में, पापग्रहों से पीड़ित अथवा क्षीण अवस्था में हो, तो जातक को करियर में अस्थिरता, बार-बार परिवर्तन अथवा सार्वजनिक जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे जातकों में अत्यधिक भावुकता तथा मनोदशाओं में उतार-चढ़ाव की प्रवृत्ति भी देखी जाती है। जिससे कार्यक्षेत्र में एकाग्रता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।।

कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि यदि दशम भाव का चंद्रमा पाप ग्रहों से युक्त अथवा दृष्ट हो, तो जातक को माता के स्वास्थ्य संबंधी चिंता, कार्यस्थल पर मानसिक तनाव अथवा जनता के मध्य अस्थिर छवि जैसी परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ता है। इसी प्रकार यदि चंद्रमा राहु अथवा शनि से पीड़ित हो, तो करियर में अनावश्यक उलझन, अनिद्रा अथवा अकारण चिंता जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न हो जाती हैं। हालाँकि ऐसे किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए अत्यंत सावधानीपूर्वक तथा संपूर्ण कुंडली का अध्ययन आवश्यक होता है।।

ऐसे जातकों को अपनी मनोदशाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। तथा करियर संबंधी निर्णयों में जल्दबाजी से मुक्त होकर धैर्यपूर्वक कार्य करना चाहिए। क्योंकि यही दृष्टिकोण दीर्घकालिक करियर में स्थिरता को सुनिश्चित करता है। परन्तु अंतिम निष्कर्ष के लिए दशमेश तथा संपूर्ण जन्मकुंडली का अध्ययन अनिवार्य होता है।।

करियर, लोकप्रियता तथा माता पर विस्तृत प्रभाव।। Detailed Effects on Career, Popularity and Mother.

मित्रों, दशम भाव में स्थित चंद्रमा जातक को ऐसे करियर की ओर प्रेरित करता है। जिसमें भावनात्मक जुड़ाव, जनसंपर्क तथा सेवा-भाव का महत्वपूर्ण स्थान हो। ऐसे जातक प्रायः मीडिया, राजनीति, स्वास्थ्य-सेवा, होटल-व्यवसाय अथवा जनसामान्य से जुड़े क्षेत्रों में विशेष रूप से सफलता प्राप्त करते हैं। क्योंकि इनकी उपस्थिति मात्र से ही एक भावनात्मक तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण का निर्माण होता है।।

माता के साथ इनका संबंध भी करियर की दिशा में विशेष भूमिका निभाता है। अर्थात अनेक बार माता ही जातक के करियर-चयन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रेरणास्रोत सिद्ध होती हैं। यदि चंद्रमा शुभ हो, तो माता का सहयोग तथा आशीर्वाद जातक के करियर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक होता है। जबकि चंद्रमा के पीड़ित होने पर इस दिशा में भी कुछ तनाव अथवा असमंजस जैसे स्थिति भी हो सकती है।।

लोकप्रियता के दृष्टिकोण से भी दशम भाव का चंद्रमा विशेष महत्व रखता है। शुभ स्थिति में यह जनता के मध्य स्थायी तथा सुदृढ़ छवि प्रदान करता है। जबकि अशुभ स्थिति में सार्वजनिक छवि में उतार-चढ़ाव की आशंका बनी रहती है। परन्तु अंतिम निर्णय के लिए संपूर्ण जन्मकुंडली का समन्वित अध्ययन आवश्यक होता है।।

दशमस्थ चंद्रमा का स्वास्थ्य पर प्रभाव।। Health Effects.

मित्रों, वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा का संबंध मन, रक्त तथा जल-तत्व से माना गया है। जबकि दशम भाव का संबंध घुटनों तथा हड्डियों से होता है। दशम भाव में चंद्रमा के शुभ होने पर मानसिक स्थिरता तथा कार्यक्षमता स्वाभाविक रूप से बनी रहती है।।

इसके विपरीत यदि चंद्रमा पीड़ित हो, तो मानसिक तनाव, घुटनों संबंधी विकार अथवा कार्यस्थल संबंधी चिंता भी होता है। अत्यधिक कार्यभार की प्रवृत्ति के कारण भी मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। विशेषकर जब चंद्रमा राहु अथवा शनि से पीड़ित हो तब ऐसी स्थिति ज्यादा देखी जाती है। ऐसी स्थिति में संतुलित जीवनशैली तथा मानसिक शांति बनाए रखना जरुरु होता है। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श भी अवश्य लेना चाहिए। तथा चंद्रमा के बताए गए ज्योतिषीय उपायों को भी करना चाहिए।।

चंद्रमा को बलवान बनाने के वैदिक उपाय।। Vedic Remedies to Strengthen Moon in the Tenth House.

मित्रों, दशम भाव के चंद्रमा को शुभ अथवा बलवान बनाए रखने के लिए चंद्र देवता के मंत्र “ॐ सों सोमाय नमः” अथवा “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः” का श्रद्धापूर्वक जप करना चाहिए। सोमवार के दिन शिवजी का जलाभिषेक करना तथा चंद्रमा को प्रतिदिन रात्रि में जल से चन्द्रमा देवता को अर्घ्य देना भी शुभ फलदायी माना जाता है। क्योंकि चंद्रमा को स्वयं भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान माना गया है।।

सोमवार के दिन व्रत रखना तथा सफेद वस्तुओं जैसे चावल, दूध, चीनी अथवा सफेद वस्त्र आदि का दान करना भी शुभ फलदायी माना जाता है। माता का सम्मान करना चाहिए। कार्यस्थल पर मानसिक शांति के लिए ध्यान तथा योग का नियमित अभ्यास करना भी दशम भाव के चंद्रमा को संतुलित एवं बलवान बनाने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होता है।।

और मेरी सलाह तो यही रहेगी कि करियर में भावनात्मक जुड़ाव को अवश्य बनाए रखें। परन्तु मन की स्थिरता तथा जल्दबाजी से मुक्ति के प्रति भी उतनी ही सजगता बनाए रखें। क्योंकि यही संतुलन इस दशम भाव में स्थित चंद्रमा की स्थिति का सबसे बड़ा उपाय भी है और सबसे बड़ा गुण भी है।।

शास्त्रीय प्रमाण।। Scriptural References.

मित्रों, बृहत्पाराशर होरा शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावना तथा जनसामान्य से जुड़ाव का प्रमुख कारक ग्रह बताया गया है। फलदीपिका के अनुसार दशम भाव में स्थित बलवान चंद्रमा जातक को करियर में लोकप्रियता, जनसंपर्क में सफलता तथा माता का सहयोग प्रदान करता है। जबकि पीड़ित चंद्रमा करियर में अस्थिरता तथा मानसिक तनाव उत्पन्न करता है।।

सारावली में भी दशम भाव के चंद्रमा को जनसंपर्क तथा सार्वजनिक जीवन में सफलता का प्रमुख कारक ग्रह स्वीकार किया गया है। तथा यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसका अंतिम फलादेश दशमेश की स्थिति तथा संपूर्ण जन्मकुंडली के समन्वित अध्ययन के पश्चात ही निश्चित किया जाना चाहिए।।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।। Frequently Asked Questions. (FAQ)

प्रश्न 1. दशम भाव में शुभ चंद्रमा क्या फल देता है।। What results does a benefic Moon yield in the tenth house.

उत्तर:- दशम भाव का शुभ चंद्रमा करियर में लोकप्रियता, जनसंपर्क में सफलता तथा माता का सहयोग जैसे उत्तम फल प्रदान करता है।।

प्रश्न 2. दशम भाव में अशुभ चंद्रमा क्या नुकसान देता है।। What harm does a malefic Moon in the tenth house cause.

उत्तर:- दशम भाव का अशुभ चंद्रमा करियर में अस्थिरता, बार-बार परिवर्तन तथा मानसिक तनाव जैसी बाधाएँ उत्पन्न करता है।।

प्रश्न 3. दशम भाव के चंद्रमा से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएँ कौन-सी हैं।। What are the health issues associated with the Moon in the tenth house.

उत्तर:- वैदिक ज्योतिष में दशम भाव का संबंध घुटनों तथा हड्डियों से माना गया है, जबकि चंद्रमा का संबंध मन तथा रक्त से है। पीड़ित चंद्रमा इन क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं की ओर संकेत देता है।।

प्रश्न 4. दशम भाव के चंद्रमा को बलवान बनाने का सबसे प्रभावी वैदिक उपाय क्या है।। What is the most effective Vedic remedy to strengthen the Moon in the tenth house.

उत्तर:- चंद्र देवता के मंत्र का जप, सोमवार को शिवजी का जलाभिषेक, सफेद वस्तुओं का दान तथा ध्यान-योग का नियमित अभ्यास ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।।

प्रश्न 5. क्या दशम भाव का चंद्रमा जनसंपर्क में सफलता दिलाता है।। Does the Moon in the tenth house help achieve success in public relations.

उत्तर:- हाँ, दशम भाव में स्थित चंद्रमा जातक को मीडिया, जनसेवा तथा जनसंपर्क के क्षेत्रों में स्वाभाविक रूप से सफलता की ओर आकर्षित करता है। परंतु अंतिम निर्णय संपूर्ण जन्म कुंडली देखकर ही किया जाता है।।

लेख का निष्कर्ष।। Conclusion.

मित्रों, कुंडली के दशम भाव में स्थित चंद्रमा शुभ हो तो जातक को करियर में लोकप्रियता, जनसंपर्क में सफलता तथा माता का सहयोग प्रदान करता है। वहीं अशुभ होने पर करियर में अस्थिरता, बार-बार परिवर्तन तथा मानसिक तनाव जैसी चुनौतियाँ भी उत्पन्न करता है। यह दशम भाव एवं चंद्रमा ग्रह का संयोग हमें यह सिखाता है कि भावनात्मक जुड़ाव तथा जनसंपर्क का मेल करियर को अत्यंत समृद्ध बना सकता है। बशर्ते जातक अपने मन की चंचलता को धैर्य के साथ संभाले।।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र देवता के मंत्र का जप, सोमवार का व्रत, शिवजी का जलाभिषेक तथा ध्यान साधना का नियमित अभ्यास इसे संतुलित एवं बलवान बनाने में सहायक माना गया है। और यहाँ मैं यही कहूँगा कि जो जातक अपने भावनात्मक जुड़ाव तथा करियर की स्थिरता के बीच सही संतुलन साध लेता है। तो उसी का जीवन दशम भाव के इस चंद्रमा से सर्वाधिक लाभान्वित होता है।।

परन्तु मेरी आपको यही सलाह है कि किसी भी विशेष उपाय अथवा निर्णायक निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले किसी अनुभवी, योग्य एवं विद्वान ज्योतिषी से संपूर्ण जन्मकुंडली का विश्लेषण विधिपूर्वक अवश्य करवायें। ताकि सही एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त हो सके। कुंडली के दशम भाव में स्थित चंद्रमा शुभ हो तो जातक को करियर में लोकप्रियता, जनसंपर्क क्षमता तथा माता का सहयोग प्रदान करता है। वहीं अशुभ होने पर करियर में अस्थिरता तथा मानसिक तनाव भी उत्पन्न करता है।।

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